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थानेदार का ऑप्रेटर बेटा एक हजार की रिश्वत लेते दबोचा,
ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Fri, 18 Mar 2016 12:05 AM IST
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पानीपत
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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झज्जर विजिलेंस टीम ने पानीपत पुलिस में तैनात थानेदार के निगर निगम में बतौर डाटा इंट्री ऑप्रेटर बेटे को एक हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया। ऑप्रेटर ने एक व्यक्ति से जन्म प्रमाण पत्र के लिए एनओसी देने की ऐवज में एक हजार रुपये की मांग की थी। विजिलेंस ने ऑप्रेटर से एक हजार रुपये बरामद कर आरोपी के खिलाफ थाना शहर में मुकदमा दर्ज करवा दिया है।
वहीं शिकायतकर्ता ने पानीपत विजिलेंस पर मामले की सूचना मिलने के बाद भी कार्रवाई न करने और रिश्वतखोरों के साथ मिलीभगत करने का आरोप लगाया। वहीं रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी वसीम पर आरोप है कि उसने कहा है कि नगर निगम में बिना पैसे दिए तो कोई भी काम नहीं होता।
वीरवार को झज्जर से पानीपत पहुंची विजिलेंस की टीम ने नगर निगम से डाटा इंट्री ऑप्रेटर वसीम खान को जन्म प्रमाण की एनओसी देने की ऐवज में एक हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। ऑप्ररेटर वसीम खान थाना शहर में तैनात सब इंस्पेक्टर उमर मोहम्मद का बेटा है।
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शिकायतकर्ता अशोक मुखीजा निवासी अठाना मोहल्ला, मस्ताना चौक ने बताया कि पिछले दो साल से उसका दोस्त सुशील कुमार निवासी धूपसिंह नगर अपनी बेटी प्राची के जन्म प्रमाण पत्र के लिए एनओसी लेने के लिए चक्कर काट रहा है। सुशील कुमार ने उसको पूरी परेशानी बताई।
उसने जन्म प्रमाण पत्र की एनओसी के लिए उसको तीन मार्च को एथोरिटी लेटर दे दिया। सुशील कुमार ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से नगर निगम में जन्म प्रमाण पत्र की एनओसी के लिए चक्कर काट रहा था। उसने मंगलवार को नगर निगम में जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र कार्यालय में 55 रुपये फीस भी जमा करवाई थी।
फीस जमा करवाने के बाद भी कोई कर्मचारी एनओसी नहीं दे रहा था और न ही उसकी कहीं कोई सुनवाई हो रही थी। वसीम खान ने उससे जन्म प्रमाण पत्र की एनओसी देने की ऐवज में एक हजार रुपये की मांग की। वह मंगलवार को वसीम खान को सौ रुपये एडवांस देकर आया था।
अशोक मुखीजा ने बताया कि उसने पूरे मामले की शिकायत पानीपत विजिलेंस में भी दी थी। पानीपत विजिलेंस ने कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। उसने पूरे मामले की शिकायत विजिलेंस के मुख्यालय रोहतक को दी। रोहतक विजिलेंस एसपी ने झज्जर के इंस्पेक्टर ओमप्रकाश के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया।
रोहतक एसपी की मांग पर उपायुक्त समीर पाल सरो ने झज्जर विजिलेंस टीम को नायब तहसीलदार राजबीर सिंह को डयूटी मजिस्ट्रेट व रीडर जोगिंद्र राठी को छाया गवाह किया। वीरवार को झज्जर विजिलेंस की टीम ने नगर निगम में रेड मारने के लिए रवाना हो गई।
विजिलेंस टीम ने सुशील को एक हजार रुपये का नोट दिया। अशोक मुखीजा ने जन्म प्रमाण पत्र की एनओसी के लिए वसीम खान को एक हजार रुपये दे दिए। वसीम खान ने एक हजार रुपये लेकर एनओसी अशोक मुखीजा को दे दी। विजिलेंस इंस्पेक्टर ओमप्रकाश के इशारे पर विजिलेंस टीम ने वसीम खान को रंगे हाथों पकड़ लिया।
विजिलेंस टीम ने वसीम खान से हस्ताक्षर किए हुए एक हजार रुपये बरामद कर लिए। विजिलेंस इंस्पेक्टर ओमप्रकाश की शिकायत पर थाना शहर ने वसीम खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। विजिलैंस पूरे मामले की जांच कर रही है।
पानीपत विजिलेंस पर लगे गंभीर आरोप
शिकायतकर्ता अशोक मुखीजा ने बताया कि पानीपत विजिलेंस ने पिछले चार माह से कही भी छापा नहीं मारा है। उसने वसीम खान द्वारा एनओसी मांगने का पूरा मामला विजिलेंस इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह को बताया था। नरेंद्र सिंह ने यह कहते हुए रेड करने से इनकार कर दिया कि यह रेड वैध नहीं है। शिकायतकर्ता अशोक मुखीजा ने पानीपत विजिलेंस अधिकारियों पर रिश्वतखोरों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है।
नगर निगम में मचा हड़कंप
विजिलैंस के छापे के बाद नगर निगम में हडकंप मच गया। कर्मचारियों में पूरे मामले को लेकर फुसफुसाहट थी। हर कोई ध्यान से काम करने की बात कह रहा था। विजिलैंस के छापे के बाद नगर निगम में का माहौल किसी कक्षा के माहौल जैसा नगर आया।
वसीम बोला : नगर निगम कार्यालयों में बिना पैसों के नहीं होते काम
शिकायतकर्ता अशोक मुखिजा ने बताया कि जब वह जन्म प्रमाण की एनओसी के लिए चक्कर काट रहा था। वसीम ने उसे कहा था कि ऐसे चक्कर काटने से कोई फायदा नहीं होगा। नगर निगम में बिना पैसों के कोई काम नहीं होता है। इसके बाद वह वसीम को पैसे देने के लिए मजबूर हो गया था।
रोहतक विजिलैंस एसपी के निर्देशानुसार झज्जर की टीम को पानीपत में रेड करने के निर्देश मिले थे। उन्होंने पानीपत के नगर निगम से जन्म मृत्यु प्रमाण शाखा के डाटा इंट्री आप्रेटर वसीम खान को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। वसीम के खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज करवा दिया गया है।
ओमप्रकाश, इंस्पेक्टर विजिलेंस, झज्जर।
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वहीं शिकायतकर्ता ने पानीपत विजिलेंस पर मामले की सूचना मिलने के बाद भी कार्रवाई न करने और रिश्वतखोरों के साथ मिलीभगत करने का आरोप लगाया। वहीं रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी वसीम पर आरोप है कि उसने कहा है कि नगर निगम में बिना पैसे दिए तो कोई भी काम नहीं होता।
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वीरवार को झज्जर से पानीपत पहुंची विजिलेंस की टीम ने नगर निगम से डाटा इंट्री ऑप्रेटर वसीम खान को जन्म प्रमाण की एनओसी देने की ऐवज में एक हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। ऑप्ररेटर वसीम खान थाना शहर में तैनात सब इंस्पेक्टर उमर मोहम्मद का बेटा है।
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शिकायतकर्ता अशोक मुखीजा निवासी अठाना मोहल्ला, मस्ताना चौक ने बताया कि पिछले दो साल से उसका दोस्त सुशील कुमार निवासी धूपसिंह नगर अपनी बेटी प्राची के जन्म प्रमाण पत्र के लिए एनओसी लेने के लिए चक्कर काट रहा है। सुशील कुमार ने उसको पूरी परेशानी बताई।
उसने जन्म प्रमाण पत्र की एनओसी के लिए उसको तीन मार्च को एथोरिटी लेटर दे दिया। सुशील कुमार ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से नगर निगम में जन्म प्रमाण पत्र की एनओसी के लिए चक्कर काट रहा था। उसने मंगलवार को नगर निगम में जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र कार्यालय में 55 रुपये फीस भी जमा करवाई थी।
फीस जमा करवाने के बाद भी कोई कर्मचारी एनओसी नहीं दे रहा था और न ही उसकी कहीं कोई सुनवाई हो रही थी। वसीम खान ने उससे जन्म प्रमाण पत्र की एनओसी देने की ऐवज में एक हजार रुपये की मांग की। वह मंगलवार को वसीम खान को सौ रुपये एडवांस देकर आया था।
अशोक मुखीजा ने बताया कि उसने पूरे मामले की शिकायत पानीपत विजिलेंस में भी दी थी। पानीपत विजिलेंस ने कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। उसने पूरे मामले की शिकायत विजिलेंस के मुख्यालय रोहतक को दी। रोहतक विजिलेंस एसपी ने झज्जर के इंस्पेक्टर ओमप्रकाश के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया।
रोहतक एसपी की मांग पर उपायुक्त समीर पाल सरो ने झज्जर विजिलेंस टीम को नायब तहसीलदार राजबीर सिंह को डयूटी मजिस्ट्रेट व रीडर जोगिंद्र राठी को छाया गवाह किया। वीरवार को झज्जर विजिलेंस की टीम ने नगर निगम में रेड मारने के लिए रवाना हो गई।
विजिलेंस टीम ने सुशील को एक हजार रुपये का नोट दिया। अशोक मुखीजा ने जन्म प्रमाण पत्र की एनओसी के लिए वसीम खान को एक हजार रुपये दे दिए। वसीम खान ने एक हजार रुपये लेकर एनओसी अशोक मुखीजा को दे दी। विजिलेंस इंस्पेक्टर ओमप्रकाश के इशारे पर विजिलेंस टीम ने वसीम खान को रंगे हाथों पकड़ लिया।
विजिलेंस टीम ने वसीम खान से हस्ताक्षर किए हुए एक हजार रुपये बरामद कर लिए। विजिलेंस इंस्पेक्टर ओमप्रकाश की शिकायत पर थाना शहर ने वसीम खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। विजिलैंस पूरे मामले की जांच कर रही है।
पानीपत विजिलेंस पर लगे गंभीर आरोप
शिकायतकर्ता अशोक मुखीजा ने बताया कि पानीपत विजिलेंस ने पिछले चार माह से कही भी छापा नहीं मारा है। उसने वसीम खान द्वारा एनओसी मांगने का पूरा मामला विजिलेंस इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह को बताया था। नरेंद्र सिंह ने यह कहते हुए रेड करने से इनकार कर दिया कि यह रेड वैध नहीं है। शिकायतकर्ता अशोक मुखीजा ने पानीपत विजिलेंस अधिकारियों पर रिश्वतखोरों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है।
नगर निगम में मचा हड़कंप
विजिलैंस के छापे के बाद नगर निगम में हडकंप मच गया। कर्मचारियों में पूरे मामले को लेकर फुसफुसाहट थी। हर कोई ध्यान से काम करने की बात कह रहा था। विजिलैंस के छापे के बाद नगर निगम में का माहौल किसी कक्षा के माहौल जैसा नगर आया।
वसीम बोला : नगर निगम कार्यालयों में बिना पैसों के नहीं होते काम
शिकायतकर्ता अशोक मुखिजा ने बताया कि जब वह जन्म प्रमाण की एनओसी के लिए चक्कर काट रहा था। वसीम ने उसे कहा था कि ऐसे चक्कर काटने से कोई फायदा नहीं होगा। नगर निगम में बिना पैसों के कोई काम नहीं होता है। इसके बाद वह वसीम को पैसे देने के लिए मजबूर हो गया था।
रोहतक विजिलैंस एसपी के निर्देशानुसार झज्जर की टीम को पानीपत में रेड करने के निर्देश मिले थे। उन्होंने पानीपत के नगर निगम से जन्म मृत्यु प्रमाण शाखा के डाटा इंट्री आप्रेटर वसीम खान को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। वसीम के खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज करवा दिया गया है।
ओमप्रकाश, इंस्पेक्टर विजिलेंस, झज्जर।