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सिलेंडर लीक होने के कारण कमरे में लगी आग, पति, पत्नी व भतीजी झुलसी, 50 हजार की नकदी भी जली
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सिलिंडर लीक होने से कमरे में लगी आग, पति, पत्नी व भतीजी झुलसी, 50 हजार की नकदी भी जली
पानीपत। सेक्टर 13-17 में फैक्टरी में बने क्वार्टर में आग लग गई। आग की चपेट में आने से पति, पत्नी व भतीजी झुलस गए। आग में 50 हजार नकद भी जल गई। तीनों को गंभीर हालत में रोहतक पीजीआई रेफर किया गया। आग लगने का कारण कमरे में सिलिंडर लीक होना व व्यक्ति द्वारा कमरे में जलती बीड़ी फेंकना बताया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बनवारी लाल ने बताया कि वो सेक्टर 13-17 में कालीन फैक्टरी में काम करते हैं। यहीं पर बने क्वार्टरों में रहते है। वो शुक्रवार रात कमरे में अपनी पत्नी पार्वती व भतीजी रंजना के साथ सो रहा था। सुबह साढ़े बजे वो पीने के लिए कमरे से बाहर चला गया। बीड़ी पीता हुआ वो कमरे में आ गया और वहां बीड़ी फेंक दी तभी अचानक आग लग गई। आग में सोते हुए पत्नी भतीजी और वो झुलस गया। बगल वाले कमरे में उसका भाई परिवार के साथ सो रहा था। वो धमाके की आवाज सुनकर दौड़कर आए और उनको कमरे से बाहर निकाला और आग बुझाई। तब तक आग की चपेट में आकर घर का सारा सामान व 50 हजार रुपये की नकदी जल चुकी थी। उनको सिविल अस्पताल में दाखिल कराया जहां से डॉक्टरों ने रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया।
सिविल अस्पताल में नहीं तैयार हुआ बर्न वार्ड
सिविल अस्पताल की नई बिल्डिंग में अब तक बर्न वार्ड तैयार नहीं हुआ है। डॉक्टरों ने बर्न पेसेंट को भी जनरल वार्ड में ही अलग से रखने के निर्देश दिए है। इसके लिए एमरजेंसी वार्ड में नोटिस भी चिपकाया है। जिस पर साफ लिखा हुआ है कि स्टाफ नर्सों की कमी व बर्न वार्ड तैयार न होने के कारण बर्न पेसेंट को एमरजेंसी वार्ड में ही रखा जाएगा। ऐसे में दूसरे पेसेंट से बर्न पेसेंट में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। इसलिए डॉक्टर बर्न केस को रेफर कर देते हैं। वहीं इस बारे में एमएस डॉ. आलोक जैन का कहना है कि जब तक बर्न वार्ड तैयार नहीं होता तब तक ये परेशानी रहेगी।
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पानीपत। सेक्टर 13-17 में फैक्टरी में बने क्वार्टर में आग लग गई। आग की चपेट में आने से पति, पत्नी व भतीजी झुलस गए। आग में 50 हजार नकद भी जल गई। तीनों को गंभीर हालत में रोहतक पीजीआई रेफर किया गया। आग लगने का कारण कमरे में सिलिंडर लीक होना व व्यक्ति द्वारा कमरे में जलती बीड़ी फेंकना बताया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बनवारी लाल ने बताया कि वो सेक्टर 13-17 में कालीन फैक्टरी में काम करते हैं। यहीं पर बने क्वार्टरों में रहते है। वो शुक्रवार रात कमरे में अपनी पत्नी पार्वती व भतीजी रंजना के साथ सो रहा था। सुबह साढ़े बजे वो पीने के लिए कमरे से बाहर चला गया। बीड़ी पीता हुआ वो कमरे में आ गया और वहां बीड़ी फेंक दी तभी अचानक आग लग गई। आग में सोते हुए पत्नी भतीजी और वो झुलस गया। बगल वाले कमरे में उसका भाई परिवार के साथ सो रहा था। वो धमाके की आवाज सुनकर दौड़कर आए और उनको कमरे से बाहर निकाला और आग बुझाई। तब तक आग की चपेट में आकर घर का सारा सामान व 50 हजार रुपये की नकदी जल चुकी थी। उनको सिविल अस्पताल में दाखिल कराया जहां से डॉक्टरों ने रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया।
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सिविल अस्पताल में नहीं तैयार हुआ बर्न वार्ड
सिविल अस्पताल की नई बिल्डिंग में अब तक बर्न वार्ड तैयार नहीं हुआ है। डॉक्टरों ने बर्न पेसेंट को भी जनरल वार्ड में ही अलग से रखने के निर्देश दिए है। इसके लिए एमरजेंसी वार्ड में नोटिस भी चिपकाया है। जिस पर साफ लिखा हुआ है कि स्टाफ नर्सों की कमी व बर्न वार्ड तैयार न होने के कारण बर्न पेसेंट को एमरजेंसी वार्ड में ही रखा जाएगा। ऐसे में दूसरे पेसेंट से बर्न पेसेंट में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। इसलिए डॉक्टर बर्न केस को रेफर कर देते हैं। वहीं इस बारे में एमएस डॉ. आलोक जैन का कहना है कि जब तक बर्न वार्ड तैयार नहीं होता तब तक ये परेशानी रहेगी।
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