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यमुना में महिलाओं को बचाने उतरे युवक की डूबने से मौत
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सनौली। पूर्णिमा स्नान के अवसर पर यमुना नदी के पुल के नीचे स्नान करने उतरी तीन महिलाएं बह गईं। महिलाओं को डूबते देख कई युवकों ने यमुना में छलांग लगा दी। काफी जद्दोजहद के बाद महिलाओं को बचा लिया गया, लेकिन एक युवक यमुना में डूब गया। पांच घंटे बाद गोताखोरों ने उसका शव बरामद कर लिया। सनौली थाना पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल में भिजवाया। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। रविवार को युवक के शव का पोस्टमार्टम होगा।
शनिवार दोपहर करीब 12 बजे पूर्णिमा के स्नान पर यमुना पुल के पास कथूरा गांव की तीन महिलाएं अपने बच्चों के साथ स्नान कर रही थीं। स्नान करते हुए तीनों महिलाएं अचानक गहरे पानी में चली गईं और बह गईं। तीनों महिलाएं डूब रही थी तभी किनारे खड़े श्रद्धालुओं ने शोर मचाया। गांव उझा गेट सांई कलोनी निवासी 20 वर्षीय आशू पुत्र रामरतन ने एक दर्जन युवकों के साथ यमुना में छलांग लगा दी। युवकों ने तीनों महिलाओं को बचा लिया, लेकिन आशू यमुना में बह गया और डूबने से उसकी मौत हो गई।
यमुना में डूबे युवक के साथ स्नान करने आए उसके दोस्त सत्यवान ने बताया कि वे दोनों पानीपत प्राइवेट कंपनी में लेबर का कार्य करते हैं। सुबह दोनों बाइक से यमुना में पूर्णिमा पर स्नान करने आए थे। तीनों महिलाओं को बचाने में उसके दोस्त ने बड़ी भूमिका निभाई, लेकिन उसकी मौत हो गई। उसके दोस्त ने किसी की जान बचाने के लिए अपनी जान गंवाई है।
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चार दिन पहले भी दो युवक यमुना में डूबने से हो चुकी है मौत यमुना में स्नान करते हुए एक माह में सात युवकों की डूबने से मौत हो चुकी है। यमुना के गहरे पानी में डूबने पर बचाव के लिए पुलिस, प्रशासन के पास भी कोई पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। यमुना में डूबने के बाद कई-कई घंटों तक गोताखोर भी नहीं पहुंचते।
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शनिवार दोपहर करीब 12 बजे पूर्णिमा के स्नान पर यमुना पुल के पास कथूरा गांव की तीन महिलाएं अपने बच्चों के साथ स्नान कर रही थीं। स्नान करते हुए तीनों महिलाएं अचानक गहरे पानी में चली गईं और बह गईं। तीनों महिलाएं डूब रही थी तभी किनारे खड़े श्रद्धालुओं ने शोर मचाया। गांव उझा गेट सांई कलोनी निवासी 20 वर्षीय आशू पुत्र रामरतन ने एक दर्जन युवकों के साथ यमुना में छलांग लगा दी। युवकों ने तीनों महिलाओं को बचा लिया, लेकिन आशू यमुना में बह गया और डूबने से उसकी मौत हो गई।
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यमुना में डूबे युवक के साथ स्नान करने आए उसके दोस्त सत्यवान ने बताया कि वे दोनों पानीपत प्राइवेट कंपनी में लेबर का कार्य करते हैं। सुबह दोनों बाइक से यमुना में पूर्णिमा पर स्नान करने आए थे। तीनों महिलाओं को बचाने में उसके दोस्त ने बड़ी भूमिका निभाई, लेकिन उसकी मौत हो गई। उसके दोस्त ने किसी की जान बचाने के लिए अपनी जान गंवाई है।
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चार दिन पहले भी दो युवक यमुना में डूबने से हो चुकी है मौत यमुना में स्नान करते हुए एक माह में सात युवकों की डूबने से मौत हो चुकी है। यमुना के गहरे पानी में डूबने पर बचाव के लिए पुलिस, प्रशासन के पास भी कोई पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। यमुना में डूबने के बाद कई-कई घंटों तक गोताखोर भी नहीं पहुंचते।