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सरपंच ने एसीएस के सामने पेश होने से बचने के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट में 24 का 29 व 9 का बनाया
Updated Fri, 30 Nov 2018 12:09 AM IST
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सरपंच ने एसीएस के सामने पेश होने से बचने के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट में 24 का 29 व 9 का बनाया 8, पकड़ा गया, बर्खास्त
पानीपत। उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने गांव ब्राहम्ण माजरा के सरपंच वेदप्रकाश को गलत व झूठा मेडिकल प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर अपना बचाव करने की कौशिश करने के कारण निलंबित कर दिया है। सरपंच वेदप्रकाश को प्रदेश के अतिरिक्त मुख्यसचिव विकास एवं पंचायत विभाग ने बुलाया था। सरपंच की शिकायत थी कि वो अपने पद का दुरुपयोग करने के मामले में संक्षिप्त है, लेकिन सरपंच निर्धारित समय पर उनके कार्यालय में हाजिर नहीं हुआ और सरपंच ने 29 अगस्त 2018 से 04 अक्तूबर 2018 तक का मेडिकल रेस्ट का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया। इस पर डीसी को शक हुआ तो उन्होंने इस मेडिकल प्रमाण पत्र की जांच करवाई। जांच करवाने पर ज्ञात हुआ कि सरपंच 24 सितंबर 2018 ओपीडी में गया था और उसने 24 का 29 तथा 9 का 8 बना लिया। इस पर शक के आधार पर डीसी ने डॉक्टरों से पूछताछ की तो सभी तथ्य सामने आ गए। इन्हीं तथ्यों पर कार्रवाई करते हुए सरपंच के खिलाफ जिला प्रशासन को झूठा चिकित्सा प्रमाण पत्र देने और समय पर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्यसचिव विकास एवं पंचायत विभाग कार्यालय में ना पहुंचने पर तथा एक जिम्मेदार डाक्टर के प्रमाण पत्र के साथ छेड़छाड़ करने के कारण निलंबित कर दिया है। डीसी सुमेधा कटारिया ने बताया कि उनको मेडिकल सर्टिफिकेट पर शक हो गया था। उन्होंने इस सर्टिफिकेट की जांच कराई तो पता चला कि इससे छेड़छाड़ की गई है। इसलिए सरपंच को बर्खास्त कर दिया गया है।
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पानीपत। उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने गांव ब्राहम्ण माजरा के सरपंच वेदप्रकाश को गलत व झूठा मेडिकल प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर अपना बचाव करने की कौशिश करने के कारण निलंबित कर दिया है। सरपंच वेदप्रकाश को प्रदेश के अतिरिक्त मुख्यसचिव विकास एवं पंचायत विभाग ने बुलाया था। सरपंच की शिकायत थी कि वो अपने पद का दुरुपयोग करने के मामले में संक्षिप्त है, लेकिन सरपंच निर्धारित समय पर उनके कार्यालय में हाजिर नहीं हुआ और सरपंच ने 29 अगस्त 2018 से 04 अक्तूबर 2018 तक का मेडिकल रेस्ट का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया। इस पर डीसी को शक हुआ तो उन्होंने इस मेडिकल प्रमाण पत्र की जांच करवाई। जांच करवाने पर ज्ञात हुआ कि सरपंच 24 सितंबर 2018 ओपीडी में गया था और उसने 24 का 29 तथा 9 का 8 बना लिया। इस पर शक के आधार पर डीसी ने डॉक्टरों से पूछताछ की तो सभी तथ्य सामने आ गए। इन्हीं तथ्यों पर कार्रवाई करते हुए सरपंच के खिलाफ जिला प्रशासन को झूठा चिकित्सा प्रमाण पत्र देने और समय पर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्यसचिव विकास एवं पंचायत विभाग कार्यालय में ना पहुंचने पर तथा एक जिम्मेदार डाक्टर के प्रमाण पत्र के साथ छेड़छाड़ करने के कारण निलंबित कर दिया है। डीसी सुमेधा कटारिया ने बताया कि उनको मेडिकल सर्टिफिकेट पर शक हो गया था। उन्होंने इस सर्टिफिकेट की जांच कराई तो पता चला कि इससे छेड़छाड़ की गई है। इसलिए सरपंच को बर्खास्त कर दिया गया है।