{"_id":"5bbce9d8867a55285636d63e","slug":"201539107288-panipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिविल अस्पताल में लोगों दो-दो दिन के बाद भी नहीं मिल रहा इलाज, स्टाफ अपने परिचितों को भेजते हैं डॉक्टरों के पास","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सिविल अस्पताल में लोगों दो-दो दिन के बाद भी नहीं मिल रहा इलाज, स्टाफ अपने परिचितों को भेजते हैं डॉक्टरों के पास
Updated Tue, 09 Oct 2018 11:18 PM IST
विज्ञापन
फोटो संख्या 18 से 21
सिविल अस्पताल में परिचितों को पहले इलाज देने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। सिविल अस्पताल में लोगों को दो-दो दिन के चक्कर काटने के बाद भी इलाज नहीं मिल रहा है। पहले ही सिविल अस्पताल में जान पहचान वालों को अंदर भेज दिया जाता है। इस कारण लोगों को एक से दो दिन का समय लग जाता है। वहां पर इलाज करवाने आई महिला मरीजों का कहना है कि सुबह आठ बजे लाइन में एक से दो घंटे खड़े रहते है फिर डॉक्टर के पास दो-दो दिन तक पहुंचने में समय लग जाता है। अस्पताल में डॉक्टरों के दरवाजे के गेट पर खड़ा कर्मचारी अपने रिश्तेदारों व जान पहचान वाले को लेकर अंदर चला जाता है, जिस कारण से हमारा नंबर दो दिन में आता है।
दो दिन से लाइन में लगने पर भी नहीं आया नंबर
मैं सोमवार सुबह आठ बजे से काले पीलिये की दवाई लेेने के लिए लाइन में लगी हुई हूं लेकिन अभी तक नंबर नहीं आया है। इस अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या बहुत कम है। इस कारण से मरीजों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। जब तक इस अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या ज्यादा नहीं होगी तब तक इस अस्पताल में ऐसे ही भीड़ लगी रहेगी।
-मीना, निवासी, गांव नांगलखेड़ी
निजी मेडिकल से लेते हैं दवाइयां
डॉक्टर सरकारी मेडिकल के बजाय निजी मेडिकल स्टोर की दवाई लिखते हैं जबकि सरकार द्वारा सरकारी मेडिकल स्टोर से दवाइयां फ्री में देने के आदेश दिए गए हैं। डॉक्टर सभी दवाइयों को निजी मेडिकल स्टोर से उपलब्ध कराने के लिए कहते हैं।
विज्ञापन
-कमलेश, निवासी, गांव किशनपुरा
अपने रिश्तेदारों व जान पहचान वालों को ले जाते हैं अंदर
डॉक्टर के दफ्तर के बाहर बैठे कर्मचारी अपने जान पहचान वाले व अपने रिश्तेदारों को ही अंदर ले जाते हैं। यहां लाइन में दो दिन से खडे़ हो रहे हैं। अभी तक मेरा नंबर नहीं आया है, लेकिन जिसे यहां पर आधे से एक घंटा भी नहीं हुआ वह अंदर चले जाते हैं। इसका कारण डॉक्टर के बाहर बैठे कर्मचारी की वजह से ही वह अंदर चले जाते हैं।
-बिमला, निवासी, राजीव कॉलोनी
शिकायत नहीं मिली है फिर भी पूछताछ की जाएगी
मरीजों की ऐसी शिकायत नहीं मिली है। फिर भी अगर ऐसी कोई बात है तो इस बारे में डॉक्टरों व स्टाफ को सख्त हिदायतें दी जाएंगी। उनसे पूछताछ भी की जाएगी।
-डॉ. आलोक जैन, एमएस सिविल अस्पताल
विज्ञापन
सिविल अस्पताल में परिचितों को पहले इलाज देने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। सिविल अस्पताल में लोगों को दो-दो दिन के चक्कर काटने के बाद भी इलाज नहीं मिल रहा है। पहले ही सिविल अस्पताल में जान पहचान वालों को अंदर भेज दिया जाता है। इस कारण लोगों को एक से दो दिन का समय लग जाता है। वहां पर इलाज करवाने आई महिला मरीजों का कहना है कि सुबह आठ बजे लाइन में एक से दो घंटे खड़े रहते है फिर डॉक्टर के पास दो-दो दिन तक पहुंचने में समय लग जाता है। अस्पताल में डॉक्टरों के दरवाजे के गेट पर खड़ा कर्मचारी अपने रिश्तेदारों व जान पहचान वाले को लेकर अंदर चला जाता है, जिस कारण से हमारा नंबर दो दिन में आता है।
दो दिन से लाइन में लगने पर भी नहीं आया नंबर
मैं सोमवार सुबह आठ बजे से काले पीलिये की दवाई लेेने के लिए लाइन में लगी हुई हूं लेकिन अभी तक नंबर नहीं आया है। इस अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या बहुत कम है। इस कारण से मरीजों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। जब तक इस अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या ज्यादा नहीं होगी तब तक इस अस्पताल में ऐसे ही भीड़ लगी रहेगी।
विज्ञापन
-मीना, निवासी, गांव नांगलखेड़ी
निजी मेडिकल से लेते हैं दवाइयां
डॉक्टर सरकारी मेडिकल के बजाय निजी मेडिकल स्टोर की दवाई लिखते हैं जबकि सरकार द्वारा सरकारी मेडिकल स्टोर से दवाइयां फ्री में देने के आदेश दिए गए हैं। डॉक्टर सभी दवाइयों को निजी मेडिकल स्टोर से उपलब्ध कराने के लिए कहते हैं।
विज्ञापन
-कमलेश, निवासी, गांव किशनपुरा
अपने रिश्तेदारों व जान पहचान वालों को ले जाते हैं अंदर
डॉक्टर के दफ्तर के बाहर बैठे कर्मचारी अपने जान पहचान वाले व अपने रिश्तेदारों को ही अंदर ले जाते हैं। यहां लाइन में दो दिन से खडे़ हो रहे हैं। अभी तक मेरा नंबर नहीं आया है, लेकिन जिसे यहां पर आधे से एक घंटा भी नहीं हुआ वह अंदर चले जाते हैं। इसका कारण डॉक्टर के बाहर बैठे कर्मचारी की वजह से ही वह अंदर चले जाते हैं।
-बिमला, निवासी, राजीव कॉलोनी
शिकायत नहीं मिली है फिर भी पूछताछ की जाएगी
मरीजों की ऐसी शिकायत नहीं मिली है। फिर भी अगर ऐसी कोई बात है तो इस बारे में डॉक्टरों व स्टाफ को सख्त हिदायतें दी जाएंगी। उनसे पूछताछ भी की जाएगी।
-डॉ. आलोक जैन, एमएस सिविल अस्पताल