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ति को आत्महत्या के लिए मजबूर की आरोपी पत्नी व उसके प्रेमी के खिलाफ कार्रवाई ना होने से नाराज माता-पिता पलायन के लिए लगाई मकान की

Wed, 22 Aug 2018 11:24 PM IST
Updated Wed, 22 Aug 2018 11:24 PM IST
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ति को आत्महत्या के लिए मजबूर की आरोपी पत्नी व उसके प्रेमी के खिलाफ कार्रवाई ना होने से नाराज माता-पिता पलायन के लिए लगाई मकान की
फोटो 39 से 41
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पत्नी और उसके प्रेमी से परेशान युवक ने दी थी जान, एसएचओ से लेकर आईजी तक 53 बार मिला परिवार, नहीं हुई कार्रवाई, अब पलायन का लिया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। कुटानी रोड जगदीश कॉलोनी निवासी युवक को आत्महत्या के लिए मजबूर करने की आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी पर पुलिस कार्रवाई न होने से नाराज माता-पिता ने यहां से घर छोड़ने का फैसला किया है। आरोप लगाया गया है कि आरोपियों से मृतक के बुजुर्ग माता-पिता को भी जान का खतरा बना हुआ है। वे आरोपियों पर कार्रवाई के लिए एसएचओ, डीएसपी व एसपी से लेकर आईजी तक को गुहार लगा चुके हैं, पर उन्हें न्याय नहीं मिला। मृतक युवक के माता-पिता ने 70 गज के अपने मकान की कीमत भी लगा दी है। उनका कहना है कि अब उनका यहां से जाना ही बेहतर है। जब भी कोई मकान खरीदने वाला आएगा वो यहां से चले जाएंगे।
फरवरी में की थी नीरज ने सुसाइड
नीरज (23) पुत्र सुभाष वर्मा पेशे से हैंडलूम कारोबार में ठेकेदार था। जब वह कुटानी रोड दलबीर नगर स्थित निजी स्कूल में छठी कक्षा में था, उसी दौरान रूपाली नामक छात्रा से उसकी दोस्ती हुई। दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते थे। दोनों ने 12वीं एक साथ की। इस दौरान दोनों की दोस्ती गहरी हुई। दोनों मोबाइल फोन पर बात करते थे। जब दोनों ही बालिग हुए, तो परिवार वालों की सहमति से उनकी शादी एक नवंबर 2017 को करवा दी। शादी के कुछ दिन बाद ही नीरज को पत्नी रूपाली का किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध होने का पता लगा। इस बात को लेकर दंपति के बीच कई बार लड़ाई भी हुई। दोनों परिवार वालों ने मामले में रूपाली को समझाया भी, लेकिन वह फिर भी उसके प्रेमी रणदीप उर्फ काला पुत्र जिले सिंह से बातचीत करनी नहीं छोड़ी। इसी से आहत होकर नीरज ने 21 फरवरी 2018 को घर पर ही फंदा लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली।
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नीरज की मौत के पांचवें दिन बाद ही रूपाली ने घर से भाग कर उसके प्रेमी रणदीप से दूसरी शादी रचा ली। इसके बाद मृतक के परिवार वालों ने आरोपी रणदीप, मां फूलो देवी व रूपाली की शिकायत किला थाना पुलिस को दी। पुलिस ने मामले में तीन माह बाद केस दर्ज किया। इसके बाद से पुलिस ने इस फाइल को दबा दिया।
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मृतक की मां बीरमति का कहना है कि उन्होंने आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत भी पुलिस को दे दिए हैं। इसके बाद भी पुलिस उनको गिरफ्तार नहीं कर रही है। साथ ही हर बार पुलिस उन्हें बेइज्जत कर थाने से निकाल देती है। इसके चलते किला थाना पुलिस एसएचओ ने अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर उनके साथ बदसलूकी भी की व थाने से धक्के मार कर बाहर निकाल दिया था।

ये अधिकारी पहुंचे घर : मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद पीड़ित परिवार के घर दो बार एसएचओ बलवान सिंह, आठ बार आईओ राजपाल और छह बार राजेश आईओ के साथ एक बार किला थाना एसएचओ राजेश लोहान भी जा चुके हैं। लेकिन हैरत की बात ये है कि हर बार पुलिस सिर्फ पीड़ित परिजनों के घर ही गई है, जबकि आरोपियों को एक बार भी जांच में शामिल नहीं किया गया। पीड़ित परिजन के घर इतने चक्कर लगाने के बाद भी पुलिस कार्रवाई में जीरो नजर आ रही है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी पक्ष से मोटी रकम ले ली है, जिस कारण वो कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

इन अधिकारियों से लगा चुके हैं गुुहार : पीड़ित परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो बार आईजी करनाल, पांच बार एसपी पानीपत, नौ बार डीएसपी किला थाना व 37 बार एसएचओ किला थाना पुलिस से गुहार लगा चुके हैं।

किला थाना एसएचओ को किया लाइन हाजिर : किला थाने की शिकायतों को बढ़ते देख और पीड़ित लोगों को साथ पब्लिक डीलिंग सही प्रकार से न होने के कारण अकसर एसएचओ बलवान सिंह की एसपी के पास शिकायतें जा रही थीं। उनके यहां रहते हुए कई बार लोगों ने पुलिस थाना में हंगामा भी किया। इस बार उनकी टीम लोगों को आक्रोशित देख थाना छोड़कर भी भाग गई थी। अब एसपी मनवीर सिंह ने उन्हें लाइनहाजिर कर दिया।

पुलिस के सामने ही करेंगे आत्मदाह : पुलिस प्रशासन से नाखुश परिजनों का कहना है कि पुलिस के सामने ही परिवार के सभी लोग आत्मदाह करेंगे। पुलिस की इसी शह के कारण आरोपियों के हौसले बुलंद हो चुके हैं। इसके चलते वे आए दिन उनके घर के बाहर चक्कर लगाते हैं। इससे परिवार की जान को खतरा है। पिता सुभाष वर्मा का कहना है कि आरोपियों के हाथों मरने से अच्छा है कि वो खुद ही आत्मदाह कर देंगे।


मामले में होगी निष्पर्क जांच : एसपी
मामला संज्ञान में है। इसकी तथ्यों के आधार पर जांच चल रही है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। परिजनों का पलायन करना उनकी मर्जी है।
- मनबीर सिंह, एसपी
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