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लंबू ने जेल में लिखी थी राकेश हत्या की स्क्रिप्ट
Updated Tue, 25 Jul 2017 10:02 PM IST
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सिवाह के लंबू ने जेल में लिखी थी राकेश की हत्या की स्क्रिप्ट
- सिवाह के ही राहुल ने मारी थी पहली गोली, मुख्य आरोपी समेत तीन दबोचे
- सीआईए वन ने तीनों आरोपियों रिफाइनरी के पास लूट की योजना बनाते किया गिरफ्तार, 5 कट्टे और 17 कारतूस बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
तहसील कैंप जट्टू चौक के पास 13 दिन पहले सरेआम हुए राकेश हत्याकांड की स्क्रिप्ट जींद जेल में लिखी गई थी। यह हत्या सिवाह निवासी प्रसन्न उर्फ लंबू के कहने पर की गई थी। राकेश पर पहली गोली सिवाह के ही राहुल ने मारी थी। पुलिस ने इसमें मुख्य आरोपी चलाने वाले हत्यारे समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने पांच देसी पिस्तौल व 17 कारतूस बरामद किए हैं। तीनों बदमाश लूट की बड़ी वारदात को देने के फिराक में थे। तीनों ने पुलिस पूछताछ में वारदात कबूली है। पुलिस ने राकेश हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों का पता लगाने के लिए गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को मंगलवार को अदालत में पेश कर तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। वहीं पुलिस ने प्रसन्न उर्फ लंबू को भी प्रोडक्शन वारंट पर लेने की तैयारी शुरू कर दी है।
सीआईए-वन टीम प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप ने मंगलवार को 13वें दिन राकेश श्योकंद हत्याकांड की गुत्थी का पटाक्षेप कर दिया। वे लघु सचिवालय के तृतीय तल पर पुलिस विभाग के कांफ्रेंस हाल में मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने बताया कि कि सोमवार सायं सीआईए-वन टीम को सूचना मिली कि रिफाइनरी रोड पुल के पास संदिग्ध किस्म के तीन लड़के लूट की वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहे हैं। सूचना के आधार पर सब इंस्पेक्टर राजपाल के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर मौके पर भेजा गया। पुलिस की गाड़ी को अपनी तरफ आता देख तीनों आरोपी भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों को मौके पर ही काबू कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गांव सिवाह हाल शांति नगर निवासी राहुल, गांव कालखी जिला महेंद्रगढ़ निवासी गगन और गांव भावड़, सोनीपत निवासी विजय उर्फ बबलू के रूप में हुई। तलाशी लेने पर राहुल के पास से दो देसी पिस्तौल व छह कारतूस, गगन के पास से दो देसी पिस्तौल व छह कारतूस और विजय के कब्जे से एक देसी पिस्तौल व पांच कारतूस बरामद किए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने 12 जुलाई को थाना शहर क्षेत्र के अंतर्गत तहसील कैंप जट्टू चौक के पास राकेश की हत्या को अंजाम देने की बात स्वीकार की। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान वारदात में शामिल अन्य आरोपियों का पता लगाने व वारदात में प्रयोग की गई बाइकों को बरामद करने का प्रयास किया जाएगा।
लंबू ने की थी प्लानिंग
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी राहुल ने बताया कि हत्या समेत अन्य वारदातों के मुकदमों में जींद जेल मे बंद गांव सिवाह निवासी प्रसन्न उर्फ लंबू के कहने पर उसने अपने अन्य साथियों संग मिलकर 12 जुलाई को तहसील कैम्प जट्टू चौक के पास राकेश की गोली मारकर हत्या की थी। पुलिस जल्द ही प्रसन्न उर्फ लंबू को जींद जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ करेगी।
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वारदात को अंजाम दे चले गए गोवा
पुलिस पूछताछ में राहुल ने बताया कि राकेश हत्याकांड की साजिश जींद जेल में रची गई थी। प्रसन्न उर्फ लंबू के कहने पर ही राकेश की हत्या को अंजाम दिया गया। राकेश को पहली गोली राहुल ने ही मारी थी। उसके बाद उसके साथियों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाते हुए राकेश की हत्या कर दी। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि राकेश हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए थे। यहां से गोवा गए जहां कुछ दिन रहे। उसके बाद ये लोग चेन्नई गए। कुछ दिन पहले ही वापस लौटे थे।
पेशी के दौरान रही कड़ी सुरक्षा
राकेश हत्याकांड में गिरफ्तार तीन आरोपियों की कोर्ट में पेशी के दौरान कड़ी सुरक्षा की गई थी। पुलिस की टीमें कोर्ट के सभी गेटों पर तैनात रही और हर आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रखे हुए थी। इस दौरान बाहर से किसी भी व्यक्ति को कोर्ट में दाखिल नहीं होने दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने कोर्ट व उसके बाहर आरोपियों पर हमले की वारदातों को देखते हुए किया। इस दौरान कोर्ट में आने-जाने वाले वकील व फरियादी भी हैरत में दिखे।
आपराधिक प्रवृति के हैं आरोपी
सीआईए-वन प्रभारी संदीप ने बताया कि आरोपी आपराधिक प्रवृति के हैं। विजय के खिलाफ मारपीट करने, राहुल के खिलाफ धारा 307 व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज हैं। वहीं महेंद्रगढ़ निवासी गगन का आपराधिक रिकार्ड महेंद्रगढ़ पुलिस से मंगवाया गया है।
गैंगवार की जताई जा रही आशंका
पुलिस ने बताया कि अजय-विजय गैंग व जब्ब्ल गैंग के बीच विवाद था। प्रसन्न उर्फ लंबू अजय-विजय गैंग में शामिल था। अजय-विजय गैंग के टूंटी की जींद में जब्बल गैंग के विक्की ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वारदात के समय टूंटी के साथ राहुल था। टूंटी मर्डर केस में राहुल गवाह था। जब्बल गैंग का विक्की राकेश श्योकंद का दोस्त था। राहुल को डर था कि कहीं विक्की हत्याकांड में गवाह होने के कारण राकेश उसकी हत्या ना कर दें। इसी डर में प्रसन्न उर्फ लंबू के कहने पर राकेश हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
माता-पिता का इकलौता लड़का है राहुल
बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी राहुल दसवीं पास है। वह दो भाई व दो बहन है। कुछ साल पहले बड़े भाई की मौत हो गई थी। बड़े भाई की मौत के बाद राहुल माता-पिता का इकलौता बेटा है। बताया जा रहा है कि राहुल मूलरूप से सिवाह का निवासी है, लेकिन काफी दिनों पहले तहसील कैंप में आकर रहने लगा था। इन दिनों परिवार शांति नहर में रह रहा है। राहुल के पिता कृष्ण आरओ का प्लांट चलाता है।
शौकिया तौर पर आया था धंधे में
बताया जा रहा है कि राहुल प्रसन्न उर्फ लंबू को जानता था। वह शौकिया तौर पर इस धंधे में आया था। लेकिन धीरे-धीरे अपराध की दुनिया में धंसता चला गया। राकेश हत्याकांड को अंजाम देने से पूर्व पहले पूरी तरह से रेकी की गई। राहुल को पता था राकेश किस समय घर से निकलता है और कहां से जाता है। योजना बनाकर ही इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
वर्जन
राकेश हत्याकांड में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पांच देसी पिस्तौल व 17 कारतूस बरामद किए हैं। पकड़े गए आरोपियों को अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है।
- संदीप कुमार, प्रभारी, सीआईए-वन, पानीपत।
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सिवाह के लंबू ने जेल में लिखी थी राकेश की हत्या की स्क्रिप्ट
- सिवाह के ही राहुल ने मारी थी पहली गोली, मुख्य आरोपी समेत तीन दबोचे
- सीआईए वन ने तीनों आरोपियों रिफाइनरी के पास लूट की योजना बनाते किया गिरफ्तार, 5 कट्टे और 17 कारतूस बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
तहसील कैंप जट्टू चौक के पास 13 दिन पहले सरेआम हुए राकेश हत्याकांड की स्क्रिप्ट जींद जेल में लिखी गई थी। यह हत्या सिवाह निवासी प्रसन्न उर्फ लंबू के कहने पर की गई थी। राकेश पर पहली गोली सिवाह के ही राहुल ने मारी थी। पुलिस ने इसमें मुख्य आरोपी चलाने वाले हत्यारे समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने पांच देसी पिस्तौल व 17 कारतूस बरामद किए हैं। तीनों बदमाश लूट की बड़ी वारदात को देने के फिराक में थे। तीनों ने पुलिस पूछताछ में वारदात कबूली है। पुलिस ने राकेश हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों का पता लगाने के लिए गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को मंगलवार को अदालत में पेश कर तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। वहीं पुलिस ने प्रसन्न उर्फ लंबू को भी प्रोडक्शन वारंट पर लेने की तैयारी शुरू कर दी है।
सीआईए-वन टीम प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप ने मंगलवार को 13वें दिन राकेश श्योकंद हत्याकांड की गुत्थी का पटाक्षेप कर दिया। वे लघु सचिवालय के तृतीय तल पर पुलिस विभाग के कांफ्रेंस हाल में मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने बताया कि कि सोमवार सायं सीआईए-वन टीम को सूचना मिली कि रिफाइनरी रोड पुल के पास संदिग्ध किस्म के तीन लड़के लूट की वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहे हैं। सूचना के आधार पर सब इंस्पेक्टर राजपाल के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर मौके पर भेजा गया। पुलिस की गाड़ी को अपनी तरफ आता देख तीनों आरोपी भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों को मौके पर ही काबू कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गांव सिवाह हाल शांति नगर निवासी राहुल, गांव कालखी जिला महेंद्रगढ़ निवासी गगन और गांव भावड़, सोनीपत निवासी विजय उर्फ बबलू के रूप में हुई। तलाशी लेने पर राहुल के पास से दो देसी पिस्तौल व छह कारतूस, गगन के पास से दो देसी पिस्तौल व छह कारतूस और विजय के कब्जे से एक देसी पिस्तौल व पांच कारतूस बरामद किए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने 12 जुलाई को थाना शहर क्षेत्र के अंतर्गत तहसील कैंप जट्टू चौक के पास राकेश की हत्या को अंजाम देने की बात स्वीकार की। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान वारदात में शामिल अन्य आरोपियों का पता लगाने व वारदात में प्रयोग की गई बाइकों को बरामद करने का प्रयास किया जाएगा।
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पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी राहुल ने बताया कि हत्या समेत अन्य वारदातों के मुकदमों में जींद जेल मे बंद गांव सिवाह निवासी प्रसन्न उर्फ लंबू के कहने पर उसने अपने अन्य साथियों संग मिलकर 12 जुलाई को तहसील कैम्प जट्टू चौक के पास राकेश की गोली मारकर हत्या की थी। पुलिस जल्द ही प्रसन्न उर्फ लंबू को जींद जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ करेगी।
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पुलिस पूछताछ में राहुल ने बताया कि राकेश हत्याकांड की साजिश जींद जेल में रची गई थी। प्रसन्न उर्फ लंबू के कहने पर ही राकेश की हत्या को अंजाम दिया गया। राकेश को पहली गोली राहुल ने ही मारी थी। उसके बाद उसके साथियों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाते हुए राकेश की हत्या कर दी। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि राकेश हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए थे। यहां से गोवा गए जहां कुछ दिन रहे। उसके बाद ये लोग चेन्नई गए। कुछ दिन पहले ही वापस लौटे थे।
पेशी के दौरान रही कड़ी सुरक्षा
राकेश हत्याकांड में गिरफ्तार तीन आरोपियों की कोर्ट में पेशी के दौरान कड़ी सुरक्षा की गई थी। पुलिस की टीमें कोर्ट के सभी गेटों पर तैनात रही और हर आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रखे हुए थी। इस दौरान बाहर से किसी भी व्यक्ति को कोर्ट में दाखिल नहीं होने दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने कोर्ट व उसके बाहर आरोपियों पर हमले की वारदातों को देखते हुए किया। इस दौरान कोर्ट में आने-जाने वाले वकील व फरियादी भी हैरत में दिखे।
आपराधिक प्रवृति के हैं आरोपी
सीआईए-वन प्रभारी संदीप ने बताया कि आरोपी आपराधिक प्रवृति के हैं। विजय के खिलाफ मारपीट करने, राहुल के खिलाफ धारा 307 व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज हैं। वहीं महेंद्रगढ़ निवासी गगन का आपराधिक रिकार्ड महेंद्रगढ़ पुलिस से मंगवाया गया है।
गैंगवार की जताई जा रही आशंका
पुलिस ने बताया कि अजय-विजय गैंग व जब्ब्ल गैंग के बीच विवाद था। प्रसन्न उर्फ लंबू अजय-विजय गैंग में शामिल था। अजय-विजय गैंग के टूंटी की जींद में जब्बल गैंग के विक्की ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वारदात के समय टूंटी के साथ राहुल था। टूंटी मर्डर केस में राहुल गवाह था। जब्बल गैंग का विक्की राकेश श्योकंद का दोस्त था। राहुल को डर था कि कहीं विक्की हत्याकांड में गवाह होने के कारण राकेश उसकी हत्या ना कर दें। इसी डर में प्रसन्न उर्फ लंबू के कहने पर राकेश हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
माता-पिता का इकलौता लड़का है राहुल
बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी राहुल दसवीं पास है। वह दो भाई व दो बहन है। कुछ साल पहले बड़े भाई की मौत हो गई थी। बड़े भाई की मौत के बाद राहुल माता-पिता का इकलौता बेटा है। बताया जा रहा है कि राहुल मूलरूप से सिवाह का निवासी है, लेकिन काफी दिनों पहले तहसील कैंप में आकर रहने लगा था। इन दिनों परिवार शांति नहर में रह रहा है। राहुल के पिता कृष्ण आरओ का प्लांट चलाता है।
शौकिया तौर पर आया था धंधे में
बताया जा रहा है कि राहुल प्रसन्न उर्फ लंबू को जानता था। वह शौकिया तौर पर इस धंधे में आया था। लेकिन धीरे-धीरे अपराध की दुनिया में धंसता चला गया। राकेश हत्याकांड को अंजाम देने से पूर्व पहले पूरी तरह से रेकी की गई। राहुल को पता था राकेश किस समय घर से निकलता है और कहां से जाता है। योजना बनाकर ही इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
वर्जन
राकेश हत्याकांड में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पांच देसी पिस्तौल व 17 कारतूस बरामद किए हैं। पकड़े गए आरोपियों को अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है।
- संदीप कुमार, प्रभारी, सीआईए-वन, पानीपत।