{"_id":"5d57151b8ebc3e8986627ab4","slug":"crime-police-fraud-panipat-news-knl2525332","type":"story","status":"publish","title_hn":"विदेश में नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगे 11 लाख 43 हजार, रुपये वापस मांगने पर दी जान से मारने की धमकी, केस दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विदेश में नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगे 11 लाख 43 हजार, रुपये वापस मांगने पर दी जान से मारने की धमकी, केस दर्ज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विदेश में नौकरी दिलवाने के नाम पर गांव नूरवाला निवासी दो युवकों व जिला करनाल निवासी एक युवक ने एक ट्रैवल एजेंट पर लाखों रुपयों की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है आरोपी ने इन युवकों से करीब 11 लाख 43 हजार की ठगी करने के साथ-साथ एक युवक से 2400 यूएस डालर भी ठग लिए हैं। मामले का खुलासा उस समय हुआ जबकि विदेश में एक माह तक रहने के बावजूद भी युवकों को काम नहीं दिलवाया। उन्हें खाली हाथ ही स्वदेश वापस लौटना पड़ा। इतना ही एक पीड़ित का वीजा खत्म हो गया, जिस कारण अब उसे विदेश में ही छिपकर रहना पड़ रहा है। रुपये वापस मांगने पर आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी। पीड़ितों ने इसकी शिकायत एसपी से की। एसपी ने तत्काल प्रभाव से मामले की गंभीरता को समझते हुए थाना शहर पुलिस को केस दर्ज करने व जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार करने के आदेश दिए।
नूरवाला निवासी 35 वर्षीय सुखविंद्र सिंह ने बताया कि करीब दो साल पहले सुरेंद्र सिंह हैप्पी नामक युवक उसके चचेरे भाई का पासपोर्ट देने के लिए तहसील टाऊन मेें आया था। सुरेंद्र ने उसे बताया कि वह मूल रूप से पानीपत का रहने वाला है व फिलहाल मायापुरी जनकपुरी दिल्ली में रहता है। उसने मायापुरी में ही मैसर्ज यूनीअर्बन ट्रेंड लिमिटेड के नाम से फर्म बनाकर कार्यालय खोला हुआ है। वह विदेशों में नौकरी करने के इच्छुक युवकों को वह दूसरे देशों में भेजने व नौकरी लगवाने का काम करता है। उसकी विदेशों में अच्छी सेटिंग है व अब तक काफी युवकों को रोजगार भी दिलवा चुका है। आरोपी ने उससे दो बार मुलाकात की व फोन पर भी संपर्क करते हुए इस बात पर जोर दिया कि अगर कोई विदेश में नौकरी करने का इच्छुक है तो वह उससे संपर्क करवाए। सुखविंद्र का कहना है कि वह आरोपी के झांसे में आ गया व अपने दो पड़ोसियों मलकीत सिंह व मनजीत सिंह का पासपोर्ट आरोपी को दे दिया। कुछ दिनों बाद आरोपी ने उन्हें कुछ जाली दस्तावेज दिखाकर 5 लाख रुपये नकद ले लिए। उसके बाद आरोपी लगातार उस पर दबाव देता रहा है कि यदि एक-दो युवक और मिल जाएं तो खर्च भी कम पड़ेगा व काम भी जल्द होगा। आरोपी की बातों पर विश्वास करने उसने गांव सौकडा तरावड़ी निवासी ओंकार सिंह का पासपोर्ट व 5 लाख रुपये नकद दिलवा दिए। इसके अलावा 1.43 लाख रुपये आरोपी के खाते में भी डलवाए दिए ।
वीजा खत्म होने पर अरमानिया में छिप कर रह रहा ओमकार
पीड़ित ने बताया कि नवंबर, 2018 में आरोपी ने तीनों युवकों को दिल्ली बुलाया तथा कुछ कागजात सौंपते हुए उन्हें बताया कि वह उन्हें यूरोप व कनाडा भेज रहा है जहां पर उसके साथी उन्हें रिसीव करेंगे तथा काम भी लगवा देंगे। आरोपी ने तीनों को एयरपोर्ट से रवाना भी किया। तब भी आरोपी ने उन्हें होटल में ठहरने का इंतजाम करने व अन्य खर्चों के नाम पर 24 सौ यूएस डॉलर ले लिए। फ्लाइट के अरमानिया पहुंचने पर उन्हें पता चला कि उन्हें गलत जगह भेजा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नूरवाला निवासी 35 वर्षीय सुखविंद्र सिंह ने बताया कि करीब दो साल पहले सुरेंद्र सिंह हैप्पी नामक युवक उसके चचेरे भाई का पासपोर्ट देने के लिए तहसील टाऊन मेें आया था। सुरेंद्र ने उसे बताया कि वह मूल रूप से पानीपत का रहने वाला है व फिलहाल मायापुरी जनकपुरी दिल्ली में रहता है। उसने मायापुरी में ही मैसर्ज यूनीअर्बन ट्रेंड लिमिटेड के नाम से फर्म बनाकर कार्यालय खोला हुआ है। वह विदेशों में नौकरी करने के इच्छुक युवकों को वह दूसरे देशों में भेजने व नौकरी लगवाने का काम करता है। उसकी विदेशों में अच्छी सेटिंग है व अब तक काफी युवकों को रोजगार भी दिलवा चुका है। आरोपी ने उससे दो बार मुलाकात की व फोन पर भी संपर्क करते हुए इस बात पर जोर दिया कि अगर कोई विदेश में नौकरी करने का इच्छुक है तो वह उससे संपर्क करवाए। सुखविंद्र का कहना है कि वह आरोपी के झांसे में आ गया व अपने दो पड़ोसियों मलकीत सिंह व मनजीत सिंह का पासपोर्ट आरोपी को दे दिया। कुछ दिनों बाद आरोपी ने उन्हें कुछ जाली दस्तावेज दिखाकर 5 लाख रुपये नकद ले लिए। उसके बाद आरोपी लगातार उस पर दबाव देता रहा है कि यदि एक-दो युवक और मिल जाएं तो खर्च भी कम पड़ेगा व काम भी जल्द होगा। आरोपी की बातों पर विश्वास करने उसने गांव सौकडा तरावड़ी निवासी ओंकार सिंह का पासपोर्ट व 5 लाख रुपये नकद दिलवा दिए। इसके अलावा 1.43 लाख रुपये आरोपी के खाते में भी डलवाए दिए ।
विज्ञापन
वीजा खत्म होने पर अरमानिया में छिप कर रह रहा ओमकार
पीड़ित ने बताया कि नवंबर, 2018 में आरोपी ने तीनों युवकों को दिल्ली बुलाया तथा कुछ कागजात सौंपते हुए उन्हें बताया कि वह उन्हें यूरोप व कनाडा भेज रहा है जहां पर उसके साथी उन्हें रिसीव करेंगे तथा काम भी लगवा देंगे। आरोपी ने तीनों को एयरपोर्ट से रवाना भी किया। तब भी आरोपी ने उन्हें होटल में ठहरने का इंतजाम करने व अन्य खर्चों के नाम पर 24 सौ यूएस डॉलर ले लिए। फ्लाइट के अरमानिया पहुंचने पर उन्हें पता चला कि उन्हें गलत जगह भेजा गया है।
विज्ञापन