{"_id":"6a8cb97a1f3929458904493f","slug":"crackdown-on-sugar-hoarding-five-teams-conduct-raids-records-of-18-shops-inspected-panipat-news-c-244-1-pnp1012-162919-2026-08-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: चीनी की जमाखोरी पर शिकंजा, पांच टीमों का छापा, 18 दुकानों के जांचे रिकॉर्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: चीनी की जमाखोरी पर शिकंजा, पांच टीमों का छापा, 18 दुकानों के जांचे रिकॉर्ड
विज्ञापन
चीनी के स्टॉक की जांच करती विभाग की टीम। विभाग
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। चीनी की जमाखोरी पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की पांच टीमों ने सोमवार को 18 दुकानों पर छापेमारी कर चीनी के भंडार की जांच की। इसके साथ ही व्यापारियों का ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण भी कराया गया। सभी थोक व्यापारियों को प्रत्येक शुक्रवार को ऑनलाइन पोर्टल पर चीनी की खरीद-बिक्री का पूरा ब्योरा अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
चीनी के बढ़ते हुए मूल्य के बाद सरकार ने चीनी की जमाखोरी पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। साथ ही चीनी के थोक व्यापारियों के भंडार पर भी नियंत्रण किया था। जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने चीनी की जांच के लिए पांच टीमों को गठन किया था। सोमवार को सभी टीमों ने जिले के अलग-अलग बाजारों में चीनी की थोक दुकानों पर छापेमारी की। जिले की करीब 18 दुकानों पर भंडार की जांच की गई। जिसमें चीनी के भंडार और खरीद व बिक्री के रिकॉर्ड की जांच की गई। हालांकि, अभी तक किसी भी दुकान में चार हजार क्विंटल से अधिक भंडार नहीं मिला है।
उधर, टीमों ने 13 थोक व्यापारियों का फूड भंडार मॉनिटरिंग पोर्टल पर पंजीकरण भी कराया है।
प्रत्येक शुक्रवार अपलोड करना होगा रिकॉर्ड
चीनी के थोक व्यापारियों को फूड भंडार मॉनिटरिंग पोर्टल पर चीनी का पूरा ब्योरा देना होगा। इसके लिए प्रत्येक शुक्रवार को एक सप्ताह में कितनी चीनी बिकी और कितनी उन्होंने खरीदी है इसकी जानकारी देनी होगी। यही नहीं एक माह तक चीनी का भंडार नहीं रख सकेंगे। यदि एक माह तक भंडार ज्यों का त्यों रहा तो इसका भी जवाब देना होगा।
विज्ञापन
-- -वर्जन
चीनी की जमाखोरी को रोकने के लिए टीमों ने बाजार में जांच की है। व्यापारियों से भी चीनी की खरीद का ब्योरा अपडेट रखने को कहा गया है।
-मनीषा मेहरा, नियंत्रक, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रण।
विज्ञापन
पानीपत। चीनी की जमाखोरी पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की पांच टीमों ने सोमवार को 18 दुकानों पर छापेमारी कर चीनी के भंडार की जांच की। इसके साथ ही व्यापारियों का ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण भी कराया गया। सभी थोक व्यापारियों को प्रत्येक शुक्रवार को ऑनलाइन पोर्टल पर चीनी की खरीद-बिक्री का पूरा ब्योरा अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
चीनी के बढ़ते हुए मूल्य के बाद सरकार ने चीनी की जमाखोरी पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। साथ ही चीनी के थोक व्यापारियों के भंडार पर भी नियंत्रण किया था। जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने चीनी की जांच के लिए पांच टीमों को गठन किया था। सोमवार को सभी टीमों ने जिले के अलग-अलग बाजारों में चीनी की थोक दुकानों पर छापेमारी की। जिले की करीब 18 दुकानों पर भंडार की जांच की गई। जिसमें चीनी के भंडार और खरीद व बिक्री के रिकॉर्ड की जांच की गई। हालांकि, अभी तक किसी भी दुकान में चार हजार क्विंटल से अधिक भंडार नहीं मिला है।
विज्ञापन
उधर, टीमों ने 13 थोक व्यापारियों का फूड भंडार मॉनिटरिंग पोर्टल पर पंजीकरण भी कराया है।
प्रत्येक शुक्रवार अपलोड करना होगा रिकॉर्ड
चीनी के थोक व्यापारियों को फूड भंडार मॉनिटरिंग पोर्टल पर चीनी का पूरा ब्योरा देना होगा। इसके लिए प्रत्येक शुक्रवार को एक सप्ताह में कितनी चीनी बिकी और कितनी उन्होंने खरीदी है इसकी जानकारी देनी होगी। यही नहीं एक माह तक चीनी का भंडार नहीं रख सकेंगे। यदि एक माह तक भंडार ज्यों का त्यों रहा तो इसका भी जवाब देना होगा।
विज्ञापन
चीनी की जमाखोरी को रोकने के लिए टीमों ने बाजार में जांच की है। व्यापारियों से भी चीनी की खरीद का ब्योरा अपडेट रखने को कहा गया है।
-मनीषा मेहरा, नियंत्रक, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रण।