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प्रशासन और नगर निगम पर आरोप : मना करने के बाद भी नैन गोशाला में भेजे जा रहे गोवंश
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नैन गौअभ्यारण में लगातार गोवंश भेजे जाने पर प्रबंधन समिति के लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। यहां पानी ठहरने की मुख्य समस्या निकलकर आई है। प्रशासन पर लोगों का आरोप है कि मना करने के बावजूद भी जिला प्रशासन पुलिस के बल पर गोवंश को भेज रहा है। उन्होंने आयुक्त ओम प्रकाश पर भी जबरदस्ती गोवंश भेजने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अभी नैन गोशाला इतनी सक्षम नहीं है कि तीन से चार हजार गोवंश को गोशाला में रख सके।
प्रबंधन समिति के लाल चंद व जयसिंह ने बताया कि प्रशासन व निगम कमिश्नर को गोवंश को लेकर बैठक करनी चाहिए और व्यवस्थित तरीके से गोवंश की सुख सुविधाओं पर प्लान तैयार करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सोमवार को निगम कमिश्नर के साथ उनकी बैठक हुई थी, जिसमें उन्होंने एक माह का समय मांगा था और आश्वासन दिया था कि एक माह के बाद आप कितनी ही संख्या में वहां पर गोवंश छोड़ सकते है, लेकिन उसके बावजूद भी गाड़िया भर कर भेजी जा रहीं हैं। नैन गोअभ्यारण में अभी तक 86 गाय सनौली, 30 सांड नगर निगम व 50 गाय आसपास के गांव से आ चुकी है। गोशाला में वर्तमान समय में पैर रखने तक की जगह नहीं बची, उस बीच नगर निगम वैकल्पिक उपाय ढूंढने की बजाय वहां पर ज्यादा से ज्यादा गोवंश छोड़ रहा है।
- निगम कर्मचारियों पर गोवंश भेजने के रिकार्ड में भी धांधली करने का आरोप
नैन गोभ्यारण प्रबंधक समिति के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि नगर निगम के रिकार्ड में चार गाय और पांच सांड़ वहां भेजे गए, लेकिन धरातल पर दो गाय व 6 सांड़ गोशाला में छोड़े गए। प्रबंधन ने साथ की साथ ही असलियत को कागजात में लिखकर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने निगरानी कमेटी बनाई हुई, लेकिन आज तक वह गोशाला में नहीं पहुंची।
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- टीम पानीपत ग्रुप ने की बैठक, निगम की जगह पर गोशाला बनाने की करेंगे मांग-
टीम पानीपत ग्रुप के सदस्य मेहुल जैन ने बताया कि उन्होंने इस विषय पर बैठक की है। उन्होंने फैसला किया है कि वह नगर निगम कमिश्नर से निगम की जगह पर गोशाला बनाने की मांग करेंगे। उन्होंने बताया कि बरसत रोड पर निगम की 4 से 5 एकड़ जगह खाली पड़ी हुई जहां पर गोवंश को रखा जा सकता है। यह जगह शहर के नजदीक है, जहां पर शहरवासी भी चारा डाल सकते है।
नैन गोशाला में सुख सुविधा के आभाव में हुई सात गोवंश की मौत
नैन गोशाला में गोवंश को पर्याप्त मात्रा में सुख सुविधाए नहीं मिल रही है, जिसके कारण लगातार गोवंश की मौत हो रही है। वहीं मंगलवार को सात गोवंशों ने सुख सुविधा के अभाव में शरीर का त्याग दिया। जानकारी है कि वहां पर कीचड़ ज्यादा, पानी की न निकासी, शेड न होना, पर्याप्त चारा न होना आदि समस्याएं आ रही है।
मंगलवार को भेजे गए 10 गोवंश-
नगर निगम की टीम ने मंगलवार को 10 गोवंश को नैन गोशाला में भेज दिया है। वहीं अभी तक मिलाकर निगम कर्मचारियों के हिसाब से लगभग 50 गोवंश गोशाला में भेज दिए है। वहीं असल में देखा जाए तो वहां पर 20 से 30 गोवंश ही पहुंचे है।
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पुरानी गौशाला में शेड बनकर दो दिन में तैयार हो जाऐगा। तब तक प्रशासन को नैन गौअभ्यारण में और गौवंश न भेजने की कहेगें।
- राजेश भाटिया, निगरानी कमेटी, नैन गौअभ्यारण।
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पांच से दस गौवंशो की छोडने पर कोई समस्या नहीं है, परंतु वर्तमान में नैन गौअभ्यारण के हालात ठीक नहीं है, इसलिए ज्यादा गोवंश भेजना समस्याओं को बुलावा देना है।
- राजरुप पान्नू, प्रबंधन समिति व गौसेवा आयोग, नैन गौअभ्यारण
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प्रबंधन समिति के लाल चंद व जयसिंह ने बताया कि प्रशासन व निगम कमिश्नर को गोवंश को लेकर बैठक करनी चाहिए और व्यवस्थित तरीके से गोवंश की सुख सुविधाओं पर प्लान तैयार करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सोमवार को निगम कमिश्नर के साथ उनकी बैठक हुई थी, जिसमें उन्होंने एक माह का समय मांगा था और आश्वासन दिया था कि एक माह के बाद आप कितनी ही संख्या में वहां पर गोवंश छोड़ सकते है, लेकिन उसके बावजूद भी गाड़िया भर कर भेजी जा रहीं हैं। नैन गोअभ्यारण में अभी तक 86 गाय सनौली, 30 सांड नगर निगम व 50 गाय आसपास के गांव से आ चुकी है। गोशाला में वर्तमान समय में पैर रखने तक की जगह नहीं बची, उस बीच नगर निगम वैकल्पिक उपाय ढूंढने की बजाय वहां पर ज्यादा से ज्यादा गोवंश छोड़ रहा है।
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- निगम कर्मचारियों पर गोवंश भेजने के रिकार्ड में भी धांधली करने का आरोप
नैन गोभ्यारण प्रबंधक समिति के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि नगर निगम के रिकार्ड में चार गाय और पांच सांड़ वहां भेजे गए, लेकिन धरातल पर दो गाय व 6 सांड़ गोशाला में छोड़े गए। प्रबंधन ने साथ की साथ ही असलियत को कागजात में लिखकर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने निगरानी कमेटी बनाई हुई, लेकिन आज तक वह गोशाला में नहीं पहुंची।
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- टीम पानीपत ग्रुप ने की बैठक, निगम की जगह पर गोशाला बनाने की करेंगे मांग-
टीम पानीपत ग्रुप के सदस्य मेहुल जैन ने बताया कि उन्होंने इस विषय पर बैठक की है। उन्होंने फैसला किया है कि वह नगर निगम कमिश्नर से निगम की जगह पर गोशाला बनाने की मांग करेंगे। उन्होंने बताया कि बरसत रोड पर निगम की 4 से 5 एकड़ जगह खाली पड़ी हुई जहां पर गोवंश को रखा जा सकता है। यह जगह शहर के नजदीक है, जहां पर शहरवासी भी चारा डाल सकते है।
नैन गोशाला में सुख सुविधा के आभाव में हुई सात गोवंश की मौत
नैन गोशाला में गोवंश को पर्याप्त मात्रा में सुख सुविधाए नहीं मिल रही है, जिसके कारण लगातार गोवंश की मौत हो रही है। वहीं मंगलवार को सात गोवंशों ने सुख सुविधा के अभाव में शरीर का त्याग दिया। जानकारी है कि वहां पर कीचड़ ज्यादा, पानी की न निकासी, शेड न होना, पर्याप्त चारा न होना आदि समस्याएं आ रही है।
मंगलवार को भेजे गए 10 गोवंश-
नगर निगम की टीम ने मंगलवार को 10 गोवंश को नैन गोशाला में भेज दिया है। वहीं अभी तक मिलाकर निगम कर्मचारियों के हिसाब से लगभग 50 गोवंश गोशाला में भेज दिए है। वहीं असल में देखा जाए तो वहां पर 20 से 30 गोवंश ही पहुंचे है।
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पुरानी गौशाला में शेड बनकर दो दिन में तैयार हो जाऐगा। तब तक प्रशासन को नैन गौअभ्यारण में और गौवंश न भेजने की कहेगें।
- राजेश भाटिया, निगरानी कमेटी, नैन गौअभ्यारण।
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पांच से दस गौवंशो की छोडने पर कोई समस्या नहीं है, परंतु वर्तमान में नैन गौअभ्यारण के हालात ठीक नहीं है, इसलिए ज्यादा गोवंश भेजना समस्याओं को बुलावा देना है।
- राजरुप पान्नू, प्रबंधन समिति व गौसेवा आयोग, नैन गौअभ्यारण