फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Corporation does not have SBM's expert team for last one year

Panipat News: निगम के पास एक साल से नहीं एसबीएम की एक्सपर्ट टीम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 17 Feb 2024 04:21 AM IST
विज्ञापन
Corporation does not have SBM's expert team for last one year
पानीपत। सरकार की लेटलतीफी के चलते प्रदेश भर के निकायों की स्वच्छता रैंकिंग को फिर से झटका लग सकता है। पिछले एक साल से लंबित स्वच्छ भारत मिशन की एक्सपर्ट टीम का आज तक चयन नहीं हो पाया है। इसका टेंडर पिछले मार्च में पूरा हो गया था। जिसके बाद इसे अगस्त 2023 तक बढ़ाया तो गया लेकिन आगे नहीं बढ़या जा सका। जिसकी वजह से प्रदेश के 89 निकायों में किसी के पास भी स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए स्वच्छ भारत मिशन का एक्सपर्ट टीम लीडर तक नहीं है।
विज्ञापन


जबकि इससे पहले प्रदेश में टेंडर के जरिए 50 सदस्यीय टीम की भर्ती की गई थी। जो अब दो बार निकाय स्तर पर टेंडर लगाने के बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकी है। जिसकी वजह से केंद्र सरकार की ओर से भेजी जाने वाले स्वच्छता संबंधित निर्देशों का भी पालन करने वाला कोई नहीं है।
विज्ञापन




शहरी स्थानीय निकाय की ओर से स्वच्छ भारत मिशन को मजबूत करने के लिए सबसे पहले 2017 में एक एजेंसी का टेंडर प्रक्रिया से ही चयन किया था। जिसमें पांच जगहों पर मुख्य विशेषज्ञ लगाए गए थे। इसी दौरान प्रदेश के 22 जिलों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एक्सपर्ट के रूप में दो-दो कर्मचारी तैनात किए गए। जो सभी निगम, पालिका और परिषदों को स्वच्छ सर्वेक्षण से संबंधित केंद्र से जारी होने वाली गाइडलाइन का पालन कराते थे। वहीं, स्वचछता सर्वेक्षण में भागीदारी दर्ज करने के लिए निगम दस्तावेजों के आधार पर आवेदन तक नहीं करा पा रहे हैं। जिसकी वजह से प्रदेश स्तर से लेकर जिला मुख्यालयों को भी स्वच्छता रैंकिंग में झटका झेलना पड़ा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बॉक्स
ये हो रहा काम प्रभावित:
- केंद्र सरकार की ओर से जारी की जाने वाली गाइडलाइन निगम व शहरवासियों तक नहीं पहुंच पा रही है।
- जीएफसी स्टार रेटिंग के लिए आवेदन तक निगम नहीं कर पा रहा है। अब तक प्रदेश में केवल सोनीपत को एक स्टॉर मिली है। जबकि इससे पहले प्रदेश तो दो से तीन जिलों को स्टार रेटिंग मिलती रही है।
- स्वच्छता रैंकिंग में देश स्तर की बात करें तो हरियाणा प्रदेश पिछली बार पांचवें नंबर पर था, जो अबकी बार 14 वें नंबर पर आया है।
- स्वच्छता को लेकर आईईसी गतिविधियां नहीं हो पा रही हैं। अब ये काम निगम ने एजेंसिंयों को दिया है, जिसके लिए अलग से भुगतान तक करना पड़ता है।
- जिले में निकाय स्तर पर दो अधिकारी होते थे, जो केंद्र की गाइडलाइन का पालन करने का काम किया करते थे। प्रदेश स्तर पर स्वच्छता पर आयोजित कार्यक्रम, बजट, ऑडिट, दस्तावेजों को रैंकिंग के लिए आवेदन करना आदि का काम करते थे।

- स्वच्छ सर्वेक्षण से संबंधित निगम स्तर के काम, स्वच्छता की माॅनिटरिंग समेत स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए शहरों के केंद्रों की टीम की भी तैयारियां नहीं हो पा रही हैं।


वर्जन:
अभी इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। इस बारे में उच्च अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी।
मनी त्यागी, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed