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पानीपत: निगम ने खेत खलिहानों की बनाई प्रॉपर्टी आईडी
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पोर्टल पर दिखाई दे रही आउटर कॉलोनियों के बाहर खेतों की बनाई गई प्रॉपर्टी आईडी। संवाद
- फोटो : Panipat
जितेंद्र नरवाल
पानीपत। शहरवासियों की संपत्तियों की निगम ने प्रॉपर्टी आईडी भले न बनाई हो लेकिन शहर के सटे क्षेत्र के सभी खेत खलिहानों की आईडी जरूर बना दी है. जिससे खेत अब प्लाटों का रूप ले चुके हैं। सभी खेतों को स्कवायर फीट के अनुसार पोर्टल पर दर्शाया गया है। इससे सबसे ज्यादा फायदा अवैध कॉलोनियों और शहर के आउटर एरिया में काटने वाले लोगों को हो रहा है, जिनकी प्रॉपर्टी आईडी बिना मशक्कत के बनाई जा चुकी हैं।
शहर में जाटल रोड एरिया से लेकर सौदापुर, असंध रोड के दोनों ओर, काबड़ी, सेक्टर 13-17 और अंसल के पास, कुटानी, राजा खेड़ी, सेक्टर 25-29 के एरिया के आसपास आने वाले खेत भी अब निगम के वैध बांउड्री लाइन में आ चुके हैं, जिससे इनकी प्रॉपर्टी आईडी बन चुकी है।
एनडीसी पोर्टल पर शहर के वैध एरिया की बाउंड्री लाइन के अंदर जितने भी खेत थे उनकी आईडी बनाकर उन्हें स्कवायर फीट में बदल दिया गया है। भले ही कुछ में नाम-पता मोबाइल नंबर न हो लेकिन इनमें से आधी वैध तो आधी वैध एरिया में आ चुकी हैं। जबकि बाहरी बांउड्री लाइन के हिसाब से सभी संपत्तियां वैध एरिया में ही हैं।
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शहरवासियों के लिए प्रॉपर्टी आईडी और एनडीसी लेने की समस्या पहले से काफी ज्यादा थी कि अब निगम की ओर शहर के नक्शे पर बनाई गई वैध एरिया की बांउड्री लाइन से भी लोग परेशान होने लगे हैं। निगम के नियम के अनुसार इस बाउंड्री लाइन में आने वाली सभी संपत्तियां अपने आप ही वैध होनी थी लेकिन ये अभी तक भी अवैध हैं। जिससे लोगों को फिर से इसे ठीक करवाने के लिए निगम के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
ये मामला गंभीर है। लोगों को अपनी संपत्तियों को लेकर प्रॉपर्टी आईडी की आवश्यकता अधिक है। उनके सामने परेशानी है जबकि निगम ने आउटर एरिया के खेतों की भी आईडी बना दी है। जिनको उसका इस्तेमाल तक नहीं करना। इस विषय पर निगम अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। शहर के लोगों को परेशानी न हो इसके लिए कदम उठाए जाएंगे। - दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर।
निगम आयुक्त की ओर से कमेटी बनाई गई है। जो भी खामियां होंगी उनको चिह्नित किया जा रहा है। इन सभी को दुरुस्त करवाया जाएगा। - समयपाल सिंह, क्षेत्रीय कराधान अधिकारी।
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पानीपत। शहरवासियों की संपत्तियों की निगम ने प्रॉपर्टी आईडी भले न बनाई हो लेकिन शहर के सटे क्षेत्र के सभी खेत खलिहानों की आईडी जरूर बना दी है. जिससे खेत अब प्लाटों का रूप ले चुके हैं। सभी खेतों को स्कवायर फीट के अनुसार पोर्टल पर दर्शाया गया है। इससे सबसे ज्यादा फायदा अवैध कॉलोनियों और शहर के आउटर एरिया में काटने वाले लोगों को हो रहा है, जिनकी प्रॉपर्टी आईडी बिना मशक्कत के बनाई जा चुकी हैं।
शहर में जाटल रोड एरिया से लेकर सौदापुर, असंध रोड के दोनों ओर, काबड़ी, सेक्टर 13-17 और अंसल के पास, कुटानी, राजा खेड़ी, सेक्टर 25-29 के एरिया के आसपास आने वाले खेत भी अब निगम के वैध बांउड्री लाइन में आ चुके हैं, जिससे इनकी प्रॉपर्टी आईडी बन चुकी है।
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एनडीसी पोर्टल पर शहर के वैध एरिया की बाउंड्री लाइन के अंदर जितने भी खेत थे उनकी आईडी बनाकर उन्हें स्कवायर फीट में बदल दिया गया है। भले ही कुछ में नाम-पता मोबाइल नंबर न हो लेकिन इनमें से आधी वैध तो आधी वैध एरिया में आ चुकी हैं। जबकि बाहरी बांउड्री लाइन के हिसाब से सभी संपत्तियां वैध एरिया में ही हैं।
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शहरवासियों के लिए प्रॉपर्टी आईडी और एनडीसी लेने की समस्या पहले से काफी ज्यादा थी कि अब निगम की ओर शहर के नक्शे पर बनाई गई वैध एरिया की बांउड्री लाइन से भी लोग परेशान होने लगे हैं। निगम के नियम के अनुसार इस बाउंड्री लाइन में आने वाली सभी संपत्तियां अपने आप ही वैध होनी थी लेकिन ये अभी तक भी अवैध हैं। जिससे लोगों को फिर से इसे ठीक करवाने के लिए निगम के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
ये मामला गंभीर है। लोगों को अपनी संपत्तियों को लेकर प्रॉपर्टी आईडी की आवश्यकता अधिक है। उनके सामने परेशानी है जबकि निगम ने आउटर एरिया के खेतों की भी आईडी बना दी है। जिनको उसका इस्तेमाल तक नहीं करना। इस विषय पर निगम अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। शहर के लोगों को परेशानी न हो इसके लिए कदम उठाए जाएंगे। - दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर।
निगम आयुक्त की ओर से कमेटी बनाई गई है। जो भी खामियां होंगी उनको चिह्नित किया जा रहा है। इन सभी को दुरुस्त करवाया जाएगा। - समयपाल सिंह, क्षेत्रीय कराधान अधिकारी।