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निगम आयुक्त ने शक्तियों का किया विकेंद्रीयकरण, अब नहीं रुकेंगे शहर के काम
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पानीपत। अब शहर के रुके हुए कामों को फिर से गति मिल सकेगी। निगम आयुक्त ने अपनी शक्तियों को मंगलवार का विकेंद्रीकरण किया। उन्होंने निगम के उच्च अधिकरियों में अपनी शक्तियां बांट दी। इससे अब वे खुद निगम के रुके हुए काम पूरे करवा सकेंगे, जिनकी पूरी जिम्मेदारी भी इन अफसरों को ही वहन करनी होगी।
नगर निगम आयुक्त ने किसी भी विकास कार्य में प्रयुक्त होने वाले सामान की खरीद, साधन, संसाधन जुटाने, पानी की सप्लाई, सीवरेज, रिपयेरिंग के लिए हर डिवीजन के एक्सईएन को प्रति काम पर 20 हजार रुपये प्रति वार्ड में खर्च करने की शक्ति दी है। एक एक्सईएन एक माह में अपनी डिवीजन में ढाई लाख रुपये तक के काम करवा सकेगा। इन्हीं कामों पर निगम के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर प्रति काम एक लाख रुपये और प्रति माह पांच लाख रुपये खर्च कर सकेंगे। सभी प्रकार के विकास कार्यों की 25 लाख रुपये तक की प्रशासकीय अनुमति निगम के अतिरिक्त उपायुक्त और एसई मिलकर दे सकेंगे। जबकि एक करोड़ तक की शक्ति निगम आयुक्त के साथ एसई दोनों के पास रहेगी।
निगम एसई को विकास कार्यों की सिक्योरिटी राशि का भुगतान करने की पूरी पावर रहेगी। जबकि एक्सईएन को संबंधित एक्सईएन के पार हर माह आरडब्ल्यूए को सौंपे गए निगमम के पार्कों के रखरखाव, निगम के सामुदायिक केंद्र आदि के बिलों का भुगतान करने की पूरी पावर रहेगी। किसी भी अर्नस्ट मनी यानी धरोहर राशि के भुगतान करने की भी पूरी शक्ति एक्सईएन को दी गई है। सभी प्रकार के बिजली बिलों, पानी और सीवर सप्लाई की प्रशासकीय अनुमति भी एक्सईएन के पास रहेगी।
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नगर निगम आयुक्त ने किसी भी विकास कार्य में प्रयुक्त होने वाले सामान की खरीद, साधन, संसाधन जुटाने, पानी की सप्लाई, सीवरेज, रिपयेरिंग के लिए हर डिवीजन के एक्सईएन को प्रति काम पर 20 हजार रुपये प्रति वार्ड में खर्च करने की शक्ति दी है। एक एक्सईएन एक माह में अपनी डिवीजन में ढाई लाख रुपये तक के काम करवा सकेगा। इन्हीं कामों पर निगम के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर प्रति काम एक लाख रुपये और प्रति माह पांच लाख रुपये खर्च कर सकेंगे। सभी प्रकार के विकास कार्यों की 25 लाख रुपये तक की प्रशासकीय अनुमति निगम के अतिरिक्त उपायुक्त और एसई मिलकर दे सकेंगे। जबकि एक करोड़ तक की शक्ति निगम आयुक्त के साथ एसई दोनों के पास रहेगी।
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निगम एसई को विकास कार्यों की सिक्योरिटी राशि का भुगतान करने की पूरी पावर रहेगी। जबकि एक्सईएन को संबंधित एक्सईएन के पार हर माह आरडब्ल्यूए को सौंपे गए निगमम के पार्कों के रखरखाव, निगम के सामुदायिक केंद्र आदि के बिलों का भुगतान करने की पूरी पावर रहेगी। किसी भी अर्नस्ट मनी यानी धरोहर राशि के भुगतान करने की भी पूरी शक्ति एक्सईएन को दी गई है। सभी प्रकार के बिजली बिलों, पानी और सीवर सप्लाई की प्रशासकीय अनुमति भी एक्सईएन के पास रहेगी।
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