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साइबर क्राइम पर लगाम लगाना अभी भी बड़ी चुनौती
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पानीपत। सेवा सुरक्षा और सहयोग का नारा सार्थक करने में पानीपत पुलिस काफी हद तक कामयाब हो रही है। पानीपत पुलिस ने केस को ट्रेस करने में प्रदेश में कीर्तिमान भी स्थापित कर दिया है। जिले के महज 15 प्रतिशत केस ही अब अनट्रेस हैं। पुलिस ने 85 प्रतिशत केस को ट्रेस कर लिया है। एसपी शशांक कुमार सावन ने इस उपलब्धि पर अपनी टीमों को बधाई भी दी है और भविष्य में भी इसी प्रकार काम करने के निर्देश दिए हैं।
एसपी शशांक कुमार सावन ने ‘अमर उजाला’ संवाद में बताया कि अब फरियादियों को केस दर्ज कराने के लिए बार-बार पुलिस थानों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। लूटपाट व झपटमारी की वारदातों में कमी तो नहीं हुई, लेकिन पुलिस इन वारदातों के लगभग सभी आरोपियों में काबू करने में सफल जरूर हुई है। पुलिस के लिए बड़ी चुनौती साइबर क्राइम को कंट्रोल करना व साइबर अपराधी तक पहुंचना है। इसके लिए साइबर सेल काम भी कर रही है, हर थाने में स्पेशल सेल भी बनाई गई है।
एसपी शंशाक कुमार सावन का 11 माह पहले पानीपत में तबादला हुआ था। पानीपत आते ही एसपी कुुमार ने सबसे पहले पुलिस थानों की जिम्मेदारी बढ़ाई। उन्होंने बस स्टैंड, बलजीत नगर चौकी, असंध नाका चौकी, मॉडल टाउन चौकी को खत्म कर दिया, उन्होंने बताया कि 500 मीटर के दायरे में थाना और चौकी होने से मैन पावर का ज्यादा प्रयोग होता था इसलिए चौकियों को खत्म किया गया। वहीं पुलिस कर्मचारियों की गश्त को बढ़ाया गया है, ताकि शहर में आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लग सके।
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एसपी शशांक के कार्यकाल में बड़ी उपलब्धि
एसपी शशांक कुमार के कार्यकाल में शहर की सबसे बड़ी चार करोड़ रुपये के सोने की डकैती का भंडाफोड़ हुआ। इसके बाद कोरोना कॉल में रेमडेसिविर इंजेक्शन पर कालाबाजारी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ पानीपत पुलिस ने किया। वहीं ग्राम सचिव पेपर और ऐयर फोर्स परीक्षा लीक करने वाले गिरोह को पानीपत पुलिस ने काबू किया। वहीं हथियारों की अवैध तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ भी पानीपत पुलिस ने किया और भारी मात्रा में अवैध हथियारों को बरामद किया।
लोगों से अपील वो अपने खातों की जानकारी किसी को न दें
एसपी ने कहा कि साइबर क्राइम सबसे बड़ी चुनौती है। साइबर क्रिमिनल लोगों को अपना बातों में फंसाकर लोगों को ठग रहे हैं। लोगों से लिंक डाउनलोड कराकर उनके खातों से रुपये निकाल रहे हैं। ठग अलग-अलग ढंग से आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। साइबर टीम गिरोहों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। लोगों से अपील है कि वो खातों से संबंधित जानकारी किसी को न दें। वहीं दूसरी अपील है कि पानीपत में बच्चों के लापता होने की गलत अवधारणा लोगों में बनी हुई है, जितने मामले पुलिस के पास आते है, सभी को ट्रेस कर लिया जाता है।
मादक पदार्थ तस्करों पर कसा शिकंजा
10 माह में तस्करों से 917 किलो 566 ग्राम गांजा, 27 किलो 454 ग्राम चरस, 50 किलो 540 ग्राम डोडा, 4 किलो 201 ग्राम अफीम, 96 किलो 100 ग्राम पॉपी हस्क, 530 ग्राम हेरोइन, प्रतिबंधित 417 इंजेक्शन, 420 टैबलेट, कैमिकल से भरे 27 ड्रम, 160 प्लास्टिक कट्टे, 517 बोतल कच्ची शराब, 1183 बोतल अंग्रेजी शराब और 7266 बोतल अवैध देसी शराब बरामद की गई। वहीं अवैध हथियारों की बात करे तो पिछले साल के मुकाबले इस साल 132 मामले दर्ज कर आरोपियों को काबू किया। रिकवरी की बात करे तो वह तीन गुना ज्यादा हुई।
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एसपी शशांक कुमार सावन ने ‘अमर उजाला’ संवाद में बताया कि अब फरियादियों को केस दर्ज कराने के लिए बार-बार पुलिस थानों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। लूटपाट व झपटमारी की वारदातों में कमी तो नहीं हुई, लेकिन पुलिस इन वारदातों के लगभग सभी आरोपियों में काबू करने में सफल जरूर हुई है। पुलिस के लिए बड़ी चुनौती साइबर क्राइम को कंट्रोल करना व साइबर अपराधी तक पहुंचना है। इसके लिए साइबर सेल काम भी कर रही है, हर थाने में स्पेशल सेल भी बनाई गई है।
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एसपी शंशाक कुमार सावन का 11 माह पहले पानीपत में तबादला हुआ था। पानीपत आते ही एसपी कुुमार ने सबसे पहले पुलिस थानों की जिम्मेदारी बढ़ाई। उन्होंने बस स्टैंड, बलजीत नगर चौकी, असंध नाका चौकी, मॉडल टाउन चौकी को खत्म कर दिया, उन्होंने बताया कि 500 मीटर के दायरे में थाना और चौकी होने से मैन पावर का ज्यादा प्रयोग होता था इसलिए चौकियों को खत्म किया गया। वहीं पुलिस कर्मचारियों की गश्त को बढ़ाया गया है, ताकि शहर में आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लग सके।
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एसपी शशांक के कार्यकाल में बड़ी उपलब्धि
एसपी शशांक कुमार के कार्यकाल में शहर की सबसे बड़ी चार करोड़ रुपये के सोने की डकैती का भंडाफोड़ हुआ। इसके बाद कोरोना कॉल में रेमडेसिविर इंजेक्शन पर कालाबाजारी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ पानीपत पुलिस ने किया। वहीं ग्राम सचिव पेपर और ऐयर फोर्स परीक्षा लीक करने वाले गिरोह को पानीपत पुलिस ने काबू किया। वहीं हथियारों की अवैध तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ भी पानीपत पुलिस ने किया और भारी मात्रा में अवैध हथियारों को बरामद किया।
लोगों से अपील वो अपने खातों की जानकारी किसी को न दें
एसपी ने कहा कि साइबर क्राइम सबसे बड़ी चुनौती है। साइबर क्रिमिनल लोगों को अपना बातों में फंसाकर लोगों को ठग रहे हैं। लोगों से लिंक डाउनलोड कराकर उनके खातों से रुपये निकाल रहे हैं। ठग अलग-अलग ढंग से आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। साइबर टीम गिरोहों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। लोगों से अपील है कि वो खातों से संबंधित जानकारी किसी को न दें। वहीं दूसरी अपील है कि पानीपत में बच्चों के लापता होने की गलत अवधारणा लोगों में बनी हुई है, जितने मामले पुलिस के पास आते है, सभी को ट्रेस कर लिया जाता है।
मादक पदार्थ तस्करों पर कसा शिकंजा
10 माह में तस्करों से 917 किलो 566 ग्राम गांजा, 27 किलो 454 ग्राम चरस, 50 किलो 540 ग्राम डोडा, 4 किलो 201 ग्राम अफीम, 96 किलो 100 ग्राम पॉपी हस्क, 530 ग्राम हेरोइन, प्रतिबंधित 417 इंजेक्शन, 420 टैबलेट, कैमिकल से भरे 27 ड्रम, 160 प्लास्टिक कट्टे, 517 बोतल कच्ची शराब, 1183 बोतल अंग्रेजी शराब और 7266 बोतल अवैध देसी शराब बरामद की गई। वहीं अवैध हथियारों की बात करे तो पिछले साल के मुकाबले इस साल 132 मामले दर्ज कर आरोपियों को काबू किया। रिकवरी की बात करे तो वह तीन गुना ज्यादा हुई।