{"_id":"6a025070441f711898031444","slug":"contaminated-water-accumulated-on-jaurasi-road-even-the-road-built-six-months-ago-broke-down-panipat-news-c-244-1-pnp1001-157041-2026-05-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: जौरासी रोड पर जमा दूषित पानी, छह महीने पहले बनाई सड़क तक टूटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: जौरासी रोड पर जमा दूषित पानी, छह महीने पहले बनाई सड़क तक टूटी
विज्ञापन
समालखा। नगर परिषद अधिकारियों की अनदेखी से जौरासी रोड के लोगों की समस्या करीब 65 लाख रुपये खर्च होने के बाद भी दूर नहीं हो पाई है। स्थानीय लोग अभी भी दूषित पानी की निकासी न होने पर परेशान हैं। नगर परिषद के पास इसका अभी कोई स्थायी समाधान नहीं है। परिषद अधिकारी इसे पीडब्ल्यूडी का क्षेत्र बता रहे हैं। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी इस बारे में कुछ भी नहीं बोल रहे हैं।
नगर परिषद ने पांच-छह वर्ष पहले जौरासी रोड के दोनों तरफ करीब 65 लाख रुपये की लागत से नाले बनवाए थे। इस नाले लेवल की खामियों से किसी के काम नहीं आए। रोड को ऊपर उठाने से आबादी से आने वाली नालियां नीचे पड़ गई। लोगों को मजबूरी में विशेष रूप से शौचालय के लिए बनी सीवर में गंदे पानी का कनेक्शन करना पड़ रहा। जौरासी रोड पर गीता स्कूल की गली से आगे परिषद से बाहर का क्षेत्र होने से नाले नहीं बनाए गए। ऐसे में चरक फैक्टरी के पास गांधी कॉलोनी के दोनों तरफ की आबादी का दूषित पानी रोड पर जमा हो रहा है। इससे रोड खस्ताहाल हो रहा है। राहगीरों को गिरने का भय बना रहता है। स्थानीय लोगों नगर परिषद के साथ एमएलए और एमपी के पास भी समस्याओं के समाधान की फरियाद की, लेकिन कोई हल नहीं निकला। हालांकि अब नगर परिषद के विस्तारित क्षेत्र में इस क्षेत्र को शामिल कर लिया गया है, लेकिन अभी समस्या पर किसी का ध्यान नहीं है।
पार्षद रेनू धीमान ने बताया कि नप सीमा का विस्तार हो गया है, लेकिन अभी तक उस क्षेत्र के विकास कार्यों की रुपरेखा तैयार नहीं हुई है। लोक निर्माण विभाग ने प्रशासन से फंड मुहैया करने पर नाला बना देने की बात कही है। नाले के लिए एक करोड़ का एस्टीमेट भी तैयार कर दिया है। नगर परिषद सचिव प्रिंस ने कहा की जगह पीडब्ल्यूडी की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर परिषद ने पांच-छह वर्ष पहले जौरासी रोड के दोनों तरफ करीब 65 लाख रुपये की लागत से नाले बनवाए थे। इस नाले लेवल की खामियों से किसी के काम नहीं आए। रोड को ऊपर उठाने से आबादी से आने वाली नालियां नीचे पड़ गई। लोगों को मजबूरी में विशेष रूप से शौचालय के लिए बनी सीवर में गंदे पानी का कनेक्शन करना पड़ रहा। जौरासी रोड पर गीता स्कूल की गली से आगे परिषद से बाहर का क्षेत्र होने से नाले नहीं बनाए गए। ऐसे में चरक फैक्टरी के पास गांधी कॉलोनी के दोनों तरफ की आबादी का दूषित पानी रोड पर जमा हो रहा है। इससे रोड खस्ताहाल हो रहा है। राहगीरों को गिरने का भय बना रहता है। स्थानीय लोगों नगर परिषद के साथ एमएलए और एमपी के पास भी समस्याओं के समाधान की फरियाद की, लेकिन कोई हल नहीं निकला। हालांकि अब नगर परिषद के विस्तारित क्षेत्र में इस क्षेत्र को शामिल कर लिया गया है, लेकिन अभी समस्या पर किसी का ध्यान नहीं है।
विज्ञापन
पार्षद रेनू धीमान ने बताया कि नप सीमा का विस्तार हो गया है, लेकिन अभी तक उस क्षेत्र के विकास कार्यों की रुपरेखा तैयार नहीं हुई है। लोक निर्माण विभाग ने प्रशासन से फंड मुहैया करने पर नाला बना देने की बात कही है। नाले के लिए एक करोड़ का एस्टीमेट भी तैयार कर दिया है। नगर परिषद सचिव प्रिंस ने कहा की जगह पीडब्ल्यूडी की है।
विज्ञापन