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Panipat News: सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर बढ़ा विश्वास, 53 फीसदी प्रसव
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। पिछले दो साल में लोगों का सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर भरोसा अधिक बढ़ा है। इससे सरकारी अस्पताल में करीब 53 प्रतिशत प्रसव हो रहे है।
2023 में 53 प्रतिशत डिलीवरी (प्रसव) सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में हुई है। 2022 अपेक्षा मार्च 2023 से मार्च 2024 तक सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में 1761 अधिक डिलीवरी हुई है। 2022 में जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 27 की औसत से डिलीवरी हुई थी। 2023 में 33 की औसत से डिलीवरी हुई है। ये प्रदेश में सबसे अधिक है। जनवरी 2023 से मार्च 2024 तक सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में 19932 व निजी स्वास्थ्य केंद्रों में 16600 डिलीवरी हुई हैं।
इस दौरान 537 होम डिलीवरी भी हुई है। अब स्वास्थ्य केंद्रों में डिलीवरी का प्रतिशत 99.16 पहुंच गया है। 2017 तक ये 93 प्रतिशत था। अब सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में डिलीवरी का प्रतिशत 53 व निजी में 45 है। लगभग डेढ़ प्रतिशत होम डिलीवरी हैं। 2019 से पहले सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में 45 प्रतिशत व निजी अस्पतालों में 55 प्रतिशत होती थी। जैसे से जैसे सुविधाएं बढ़ी है। लोगों का सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर विश्वास बढ़ा है।
जिला सिविल सर्जन डाॅ. जयंत आहूजा ने बताया कि जिले में अब 15 सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर डिलीवरी हो रही है। महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही है। महिलाओं को घर घर जाकर स्वास्थ्य कर्मी परामर्श भी देते हैं। अब सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में निजी अस्पतालों के मुकाबले कहीं अधिक डिलीवरी हो रही है। भविष्य में उनकी योजना है कि सभी सामुदायिक केंद्रों में सिजेरियन डिलीवरी की सेवाएं शुरू हो। इस पर काम चल रहा है।
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सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर भरोसा बढ़ने के कारण
- सरकार ने गर्भवतियों को स्वास्थ्य केंद्र पर लाने व डिलीवरी के बाद मुफ्त घर छोड़ने की सुविधा दी है।
- गांवों में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों पर डिलीवरी शुरू की गई है।
- जिले से प्रसूताओं का रेफरल महज एक प्रतिशत है।
- निजी अस्पतालों की बजाय सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर सिजेरियन डिलीवरी महज 10 प्रतिशत ही है।
- सरकार गर्भवतियों की जांच के लिए हर माह की नौ तारीख को सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर शिविर लगाती है। यहां उनकी जांच कर बेहतर परामर्श दिए जाते हैं।
जिले में इन केंद्रों पर हाेती है डिलीवरी
जिले में 29 में से 17 सरकारी स्वास्थ्य केंद्राें पर डिलीवरी हाेती है। इसमें जिला नागरिक अस्पताल, समालखा अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अहर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नाैल्था, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मतलाैडा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खाेतपुरा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिवाह, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मांडी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कवी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र काबड़ी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उझा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उग्राखेड़ी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजनगर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सेक्टर 25 में डिलीवरी की सुविधा शुरू की गई है। इन स्वास्थ्य केंद्राें पर हर माह औसतन 1500 डिलीवरी हाेती है।
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पानीपत। पिछले दो साल में लोगों का सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर भरोसा अधिक बढ़ा है। इससे सरकारी अस्पताल में करीब 53 प्रतिशत प्रसव हो रहे है।
2023 में 53 प्रतिशत डिलीवरी (प्रसव) सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में हुई है। 2022 अपेक्षा मार्च 2023 से मार्च 2024 तक सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में 1761 अधिक डिलीवरी हुई है। 2022 में जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 27 की औसत से डिलीवरी हुई थी। 2023 में 33 की औसत से डिलीवरी हुई है। ये प्रदेश में सबसे अधिक है। जनवरी 2023 से मार्च 2024 तक सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में 19932 व निजी स्वास्थ्य केंद्रों में 16600 डिलीवरी हुई हैं।
इस दौरान 537 होम डिलीवरी भी हुई है। अब स्वास्थ्य केंद्रों में डिलीवरी का प्रतिशत 99.16 पहुंच गया है। 2017 तक ये 93 प्रतिशत था। अब सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में डिलीवरी का प्रतिशत 53 व निजी में 45 है। लगभग डेढ़ प्रतिशत होम डिलीवरी हैं। 2019 से पहले सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में 45 प्रतिशत व निजी अस्पतालों में 55 प्रतिशत होती थी। जैसे से जैसे सुविधाएं बढ़ी है। लोगों का सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर विश्वास बढ़ा है।
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जिला सिविल सर्जन डाॅ. जयंत आहूजा ने बताया कि जिले में अब 15 सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर डिलीवरी हो रही है। महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही है। महिलाओं को घर घर जाकर स्वास्थ्य कर्मी परामर्श भी देते हैं। अब सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में निजी अस्पतालों के मुकाबले कहीं अधिक डिलीवरी हो रही है। भविष्य में उनकी योजना है कि सभी सामुदायिक केंद्रों में सिजेरियन डिलीवरी की सेवाएं शुरू हो। इस पर काम चल रहा है।
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सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर भरोसा बढ़ने के कारण
- सरकार ने गर्भवतियों को स्वास्थ्य केंद्र पर लाने व डिलीवरी के बाद मुफ्त घर छोड़ने की सुविधा दी है।
- गांवों में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों पर डिलीवरी शुरू की गई है।
- जिले से प्रसूताओं का रेफरल महज एक प्रतिशत है।
- निजी अस्पतालों की बजाय सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर सिजेरियन डिलीवरी महज 10 प्रतिशत ही है।
- सरकार गर्भवतियों की जांच के लिए हर माह की नौ तारीख को सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर शिविर लगाती है। यहां उनकी जांच कर बेहतर परामर्श दिए जाते हैं।
जिले में इन केंद्रों पर हाेती है डिलीवरी
जिले में 29 में से 17 सरकारी स्वास्थ्य केंद्राें पर डिलीवरी हाेती है। इसमें जिला नागरिक अस्पताल, समालखा अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अहर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नाैल्था, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मतलाैडा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खाेतपुरा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिवाह, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मांडी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कवी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र काबड़ी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उझा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उग्राखेड़ी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजनगर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सेक्टर 25 में डिलीवरी की सुविधा शुरू की गई है। इन स्वास्थ्य केंद्राें पर हर माह औसतन 1500 डिलीवरी हाेती है।