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प्रॉपर्टी टैक्स फर्जीवाड़ाः सीएम फ्लाइंग ने पानीपत निगम के दो अफसरों समेत पांच आरोपियों पर करवाई एफआईआर
Wed, 23 Nov 2022 12:47 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पानीपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पानीपत
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 23 Nov 2022 12:47 PM IST
सार
पूरे प्रकरण में कर सहायक एवं वार्ड क्लर्क पवन कुमार, तत्कालीन जूनियर प्रोग्रामर, कर अधीक्षक धर्मबीर सिंह, तत्कालीन सहायक जिला न्यायवादी शिव कुमार और संपत्ति मालिक सावित्री देवी की मिलीभगत मिली और ये फर्जीवाड़े के दोषी मिले।
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FIR
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पानीपत नगर निगम की प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में फैले भ्रष्टाचार का एक बार फिर से सीएम फ्लाइंग करनाल की टीम ने भंडाफोड़ किया है। सीएम फ्लांइग की टीम ने नगर निगम के तत्कालीन कर अधीक्षक, एडीए शिव कुमार, वार्ड क्लर्क, जूनियर प्रोग्रामर और संपत्ति मालिक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया है। जिसके बाद से निगम कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। बता दें कि जांच करने के लिए सीएम फ्लाइंग टीम ने 15 नवंबर को निगम की प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में रेड भी की थी। अमर उजाला ने अपने 16 नवंबर के अंक में इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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इसके बाद सीएम फ्लाइंग की टीम ने भ्रष्टाचार और मिलीभगत की कई दिनों तक गहनता से जांच की और पाया कि सभी ने मिलीभगत कर संपत्तियों के रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की। रिकॉर्ड गलत तैयार करवाया। सक्षम अधिकारियों के हस्ताक्षर बगैर एनडीसी जारी करवाई गई। जिस पर संपत्ति मालिक ने प्रॉपर्टी की रजिस्टरी तक करवा ली।
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मामले में सामने आया कि उपरोक्त निगम अधिकारियों और कर्मचारियों ने नायब तहसीलदार/पटवारी की मालिकाना हक क्षेत्र 41 वर्गगज की रिपोर्ट से ज्यादा 88.5 वर्गगज क्षेत्र की तैयार रिपोर्ट की थी। जिसके आधार पर धोखाधड़ी से सावित्री देवी के नाम से 41 वर्गगज की जगह 88.5 वर्गगज रिहायशी क्षेत्र का अनापत्ती प्रमाण पत्र जारी किया। जबकि सावित्री देवी के मालिकाना हक क्षेत्र की 41 वर्गगज जमीन बारे रिपोर्ट अंकित की जा चुकी थी। इस एनडीसी के आधार पर सावित्री देवी अपनी उपरोक्त सम्पत्ति को आगे बेचने में सफल रही।
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टीम ने कहा कि पूरे प्रकरण में कर सहायक एवं वार्ड क्लर्क पवन कुमार, तत्कालीन जूनियर प्रोग्रामर, कर अधीक्षक धर्मबीर सिंह, तत्कालीन सहायक जिला न्यायवादी शिव कुमार और संपत्ति मालिक सावित्री देवी की मिलीभगत मिली और ये फर्जीवाड़े के दोषी मिले। इन्होंने आपसी मिलीभगत से मालिकाना हक क्षेत्र 41 वर्गगज की कटिंग करके 88.5 वर्गगज बिना किसी दस्तावेज के रिकार्ड किया । सम्पत्ति क्षेत्र की कटिंग पर फर्जी लघु हस्ताक्षर किए। संपत्ति क्षेत्र की 88.5 वर्गगज की गलत एनडीसी जारी की गई । जिसके आधार पर इनके खिलाफ धारा 420 , 467 , 468 , 471 , 120 - के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इसके अलावा टीम ने निगम अधिकारियों से सभी गलत रिकॉर्ड दर्ज करवाई गई फाइलों में भी तबदीली की अपील की है। निगम को निर्देश दिए है कि अगर इस प्रकरण में कोई अन्य भी शामिल हैं तो उसे भी शामिल तफ्तीश करें।
ये हैं आवेदन नंबर
टीम ने आवेदन नंबर 0370517657, 0370502650, 0370517780, 0370519129 की पड़ताल की है। जिसके आधार पर नो-ड्यूज सर्टिफिकेट अनाधिकृत मिला। जिसकी प्रॉपर्टी आईडी से इसे जारी कर निगम को विकास शुल्क का नुकसान पहुंचाना पाया है।