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Panipat News: बालवाटिका में पढ़ाने के लिए बच्चे बने गुरुजी
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पानीपत। प्रदेश सहित जिले के राजकीय प्राथमिक स्कूलों में बालवाटिका-3 के अंतर्गत बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाने की विभिन्न गतिविधियां सिखाई जाएंगी। विद्यार्थियों की नींव को प्राथमिक स्कूल शिक्षक बालवाटिका स्तर से ही शुरू करेंगे। कक्षा-कक्ष में चार अलग-अलग कोने भी बनाए जाएंगे जहां पठन-सामग्री से विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा।
बालवाटिका को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में पहली कक्षा को पढ़ाने वाले शिक्षकों को दिया जा रहा पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को संपन्न हो गया। इस प्रशिक्षण में शिक्षकों ने बच्चों की भांति पढ़ाने के गुर सीखे। इसके बाद यह शिक्षक स्कूलों में विद्यार्थियों को उसी तरीके से पढ़ाई करवाएंगे। यह प्रशिक्षण शहर के डाइट संस्थान में आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा, डीईईओ सुभाष चंद्र भारद्वाज, बीईओ पानीपत बिजेंद्र हुड्डा, बीईओ समालखा नीलम कुंडू, बीईओ इसराना डॉ. सुनीता कादियान, बीईओ बापौली कृष्णा खत्री, बीईओ मडलौडा मनीष गुप्ता, बीआरसी विक्रम सहरावत, बीआरसी रणधीर, बीआरसी बिजेंद्र नरवाल, जिला एफएलएन कोऑर्डिनेटर अनिल मलिक, एसीपी कुलभूषण जैन ने पांच दिवसीय बाल वाटिका-3 प्रशिक्षण की समाप्ति सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र देकर की।
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इसमें जिला के सभी मॉडल संस्कृति स्कूलों के बाल वाटिका-3 कक्षा के शिक्षक, शिक्षिकाएं एवं पानीपत खंड के नॉन मॉडल स्कूलों के बालवाटिका-3 कक्षा के शिक्षक, शिक्षिकाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। यह प्रशिक्षण जिले में 02 दिसंबर से शुरू हुआ था जिसमें सभी पांचों खंडों में 7 समूहों में 293 शिक्षकों ने एवं 15 एबीआरसी ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
इस अवसर पर डीईईओ सुभाष चंद्र भारद्वाज ने सभी शिक्षकों को बच्चों के चहुमुखी विकास के लिए इस प्रशिक्षण का महत्व बताया और आदेश दिए कि सभी शिक्षक इस प्रशिक्षण में सीखी गई बातों को जमीनी स्तर पर अपनी कक्षा में लागू करें ताकि हमारे देश की भावी पीढ़ी देश को उन्नति की तरफ लेकर जाए। उन्होंने सभी शिक्षकों को बालवाटिका-3 प्रशिक्षण एवं हरियाणा निपुण भारत के बारे में बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि हमारा राज्य इस कार्यक्रम में देश में प्रथम रहेगा।
जिला एफएलएन कोऑर्डिनेटर अनिल मलिक ने बताया कि बालवाटिका-3 प्रशिक्षण अन्य प्रशिक्षणों से भिन्न है। इसके अंतर्गत हम बच्चों को खेल के साथ-साथ शिक्षा देंगे और उनके चहुमुखी विकास पर जोर दिया जाएगा।इस अवसर पर राजेश, तेजप्रताप, अमित, नवीन मोर, जसबीर, बच्चन सिंह, अंजली, सीमा रानी, पिंकी मलिक एवं मास्टर ट्रेनर सानुमति, भावना, अंजू, मंजू ,प्रवीण, संतोष आदि मौजूद रहे।
कक्षा-कक्ष में बनेगा किताबों का कोना
प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रशिक्षार्थियों को शिक्षक संदर्शिका के महत्व, कार्य पुस्तिका के प्रयोग, सर्वांगीण विकास के पंचकोष सिद्धांत, प्रिंट रिच कक्षा-कक्ष के महत्व के बारे में बताया। कक्षा-कक्ष में पुस्तक कोना, अभिनय कोना, कला कोना, जोड़ तोड़ कोना बनाने का महत्व भी प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा रहा।
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बालवाटिका को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में पहली कक्षा को पढ़ाने वाले शिक्षकों को दिया जा रहा पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को संपन्न हो गया। इस प्रशिक्षण में शिक्षकों ने बच्चों की भांति पढ़ाने के गुर सीखे। इसके बाद यह शिक्षक स्कूलों में विद्यार्थियों को उसी तरीके से पढ़ाई करवाएंगे। यह प्रशिक्षण शहर के डाइट संस्थान में आयोजित किया गया।
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प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा, डीईईओ सुभाष चंद्र भारद्वाज, बीईओ पानीपत बिजेंद्र हुड्डा, बीईओ समालखा नीलम कुंडू, बीईओ इसराना डॉ. सुनीता कादियान, बीईओ बापौली कृष्णा खत्री, बीईओ मडलौडा मनीष गुप्ता, बीआरसी विक्रम सहरावत, बीआरसी रणधीर, बीआरसी बिजेंद्र नरवाल, जिला एफएलएन कोऑर्डिनेटर अनिल मलिक, एसीपी कुलभूषण जैन ने पांच दिवसीय बाल वाटिका-3 प्रशिक्षण की समाप्ति सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र देकर की।
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इसमें जिला के सभी मॉडल संस्कृति स्कूलों के बाल वाटिका-3 कक्षा के शिक्षक, शिक्षिकाएं एवं पानीपत खंड के नॉन मॉडल स्कूलों के बालवाटिका-3 कक्षा के शिक्षक, शिक्षिकाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। यह प्रशिक्षण जिले में 02 दिसंबर से शुरू हुआ था जिसमें सभी पांचों खंडों में 7 समूहों में 293 शिक्षकों ने एवं 15 एबीआरसी ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
इस अवसर पर डीईईओ सुभाष चंद्र भारद्वाज ने सभी शिक्षकों को बच्चों के चहुमुखी विकास के लिए इस प्रशिक्षण का महत्व बताया और आदेश दिए कि सभी शिक्षक इस प्रशिक्षण में सीखी गई बातों को जमीनी स्तर पर अपनी कक्षा में लागू करें ताकि हमारे देश की भावी पीढ़ी देश को उन्नति की तरफ लेकर जाए। उन्होंने सभी शिक्षकों को बालवाटिका-3 प्रशिक्षण एवं हरियाणा निपुण भारत के बारे में बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि हमारा राज्य इस कार्यक्रम में देश में प्रथम रहेगा।
जिला एफएलएन कोऑर्डिनेटर अनिल मलिक ने बताया कि बालवाटिका-3 प्रशिक्षण अन्य प्रशिक्षणों से भिन्न है। इसके अंतर्गत हम बच्चों को खेल के साथ-साथ शिक्षा देंगे और उनके चहुमुखी विकास पर जोर दिया जाएगा।इस अवसर पर राजेश, तेजप्रताप, अमित, नवीन मोर, जसबीर, बच्चन सिंह, अंजली, सीमा रानी, पिंकी मलिक एवं मास्टर ट्रेनर सानुमति, भावना, अंजू, मंजू ,प्रवीण, संतोष आदि मौजूद रहे।
कक्षा-कक्ष में बनेगा किताबों का कोना
प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रशिक्षार्थियों को शिक्षक संदर्शिका के महत्व, कार्य पुस्तिका के प्रयोग, सर्वांगीण विकास के पंचकोष सिद्धांत, प्रिंट रिच कक्षा-कक्ष के महत्व के बारे में बताया। कक्षा-कक्ष में पुस्तक कोना, अभिनय कोना, कला कोना, जोड़ तोड़ कोना बनाने का महत्व भी प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा रहा।