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Panipat News: एचएसवीपी के सेवानिवृत उप अधीक्षक समेत सात पर केस
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पानीपत। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्लॉट में फर्जीवाड़ा के मामले में सेवानिवृत उप अधीक्षक समेत सात अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। लोकायुक्त के आदेश के बाद संपदा अधिकारी ने थाना सेक्टर 13/17 में मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि ओस्टरीज कोटे के प्लॉट को किसी अन्य व्यक्ति के नाम कर दिया गया था। जिसकी शिकायत एक अधिवक्ता ने लोकायुक्त कोर्ट से की थी। लोकायुक्त के आदेश के बाद केस दर्ज कराया गया है।
एक अधिवक्ता ने दिसंबर 2018 में लोकायुक्त को शिकायत की थी। जिसमें उन्होंने एचएसवीपी में ओस्टरीज के प्लॉट में फर्जीवाड़ा कर किसी दूसरे व्यक्ति के नाम करने के आरोप लगाए थे। शिकायत के बाद लोकायुक्त ने मामले की सुनवाई शुरू कर दी थी। दिसंबर 2024 में लोकायुक्त ने इस मामले में केस दर्ज कराने के आदेश दिए गए थे। जिसके बाद एचएसवीपी के संपदा अधिकारी ने लोकायुक्त के पत्र का हवाला देते हुए एफआईआर करने के लिए पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत की जांच डीएसपी को सौंपी गई।
बॉक्स
डीएसपी ने की मामले की जांच
डीएसपी ने पूरे प्रकरण की जांच की। जांच में पाया गया कि एक व्यक्ति के नाम पर ओस्टरीज कोटे का प्लाट अलॉट हुआ था। प्लॉट की 15 प्रतिशत राशि जमा नहीं की गई थी। जिसके बाद प्लॉट को संजय मान के नाम कर दिया गया था। अगस्त 2011 में प्लाट की 15 प्रतिशत राशि के रूप में पांच लाख रुपये रसीद दवारा संपदा कार्यालय में प्राप्त हुए। प्लॉट के रि-अलॉटमेंट में हुए फर्जीवाड़ा की शिकायत अधिवक्ता ने लोकायुक्त से की थी। शिकायत की मुख्यालय द्वारा गठित टीम द्वारा जांच की। जिसमें लेखाकार अनिल चोपड़ा, सहायक लेखाकार दिनेश कुमार, तत्कालीन उप अधीक्षक सेवानिवृत सुभाष गुलाटी, सहायक बलबीर सिंह, एई सेवानिवृत संतोष मेहता क्लर्क नरबीर सिंह, संजय मान का नाम सामने आया था। जांच रिपोर्ट आधार पर सभी के खिलाफ थाना सेक्टर 13/17 में फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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वर्जन :
पुलिस ने शिकायत के आधार पर एचएसवीपी के कई अधिकारियों समेत कई के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लेगी।
दीपक, प्रभारी, सेक्टर-13-17 थाना पुलिस।
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एक अधिवक्ता ने दिसंबर 2018 में लोकायुक्त को शिकायत की थी। जिसमें उन्होंने एचएसवीपी में ओस्टरीज के प्लॉट में फर्जीवाड़ा कर किसी दूसरे व्यक्ति के नाम करने के आरोप लगाए थे। शिकायत के बाद लोकायुक्त ने मामले की सुनवाई शुरू कर दी थी। दिसंबर 2024 में लोकायुक्त ने इस मामले में केस दर्ज कराने के आदेश दिए गए थे। जिसके बाद एचएसवीपी के संपदा अधिकारी ने लोकायुक्त के पत्र का हवाला देते हुए एफआईआर करने के लिए पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत की जांच डीएसपी को सौंपी गई।
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डीएसपी ने की मामले की जांच
डीएसपी ने पूरे प्रकरण की जांच की। जांच में पाया गया कि एक व्यक्ति के नाम पर ओस्टरीज कोटे का प्लाट अलॉट हुआ था। प्लॉट की 15 प्रतिशत राशि जमा नहीं की गई थी। जिसके बाद प्लॉट को संजय मान के नाम कर दिया गया था। अगस्त 2011 में प्लाट की 15 प्रतिशत राशि के रूप में पांच लाख रुपये रसीद दवारा संपदा कार्यालय में प्राप्त हुए। प्लॉट के रि-अलॉटमेंट में हुए फर्जीवाड़ा की शिकायत अधिवक्ता ने लोकायुक्त से की थी। शिकायत की मुख्यालय द्वारा गठित टीम द्वारा जांच की। जिसमें लेखाकार अनिल चोपड़ा, सहायक लेखाकार दिनेश कुमार, तत्कालीन उप अधीक्षक सेवानिवृत सुभाष गुलाटी, सहायक बलबीर सिंह, एई सेवानिवृत संतोष मेहता क्लर्क नरबीर सिंह, संजय मान का नाम सामने आया था। जांच रिपोर्ट आधार पर सभी के खिलाफ थाना सेक्टर 13/17 में फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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पुलिस ने शिकायत के आधार पर एचएसवीपी के कई अधिकारियों समेत कई के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लेगी।
दीपक, प्रभारी, सेक्टर-13-17 थाना पुलिस।