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फर्जी रजिस्टरी कराने में पांच के खिलाफ केस
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पानीपत। 12 साल पहले सैनी कॉलोनी में एक व्यक्ति ने दूसरे के प्लॉट के 50 वर्ग गज हिस्से पर अवैध रूप से कब्जा करते हुए उसकी फर्जी तरीके से रजिस्टरी करवा ली। आरोपी ने फर्जी विक्रेता तैयार कर इस जुर्म को अंजाम दिया। आरोपी के अलावा इस जुर्म में तत्कालीन तहसीलदार, पटवारी व नंबरदार और फर्जी विक्रेता समेत लोग संलिप्त पाए गए। सिटी थाना पुलिस ने मामले की जांच के बाद पांचों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। अब पुलिस आगामी कार्रवाई कर रही है।
सैनी कॉलोनी निवासी रोहताश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने 1993 में बलदेव से 201 वर्ग गज का प्लॉट 40 हजार रुपये में खरीदा था। उसने इस प्लॉट पर निर्माण कार्य के लिए स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर से साढ़े चार लाख रुपये का लोन लिया था। 29 सितंबर 2021 तक उसने लोन की पूरी किस्त चुका थी और बैंक से एनओसी भी ले आया था। इसके बाद अपने कागजातों से वह एनओसी उतरवाने के लिए पटवारी के पास गया था। पटवारी ने उससे 2015-16 की जमाबंदी मंगवाई। जमाबंदी लेने के लिए वह राजस्व अधिकारी के पास गया।
वहां उसे बताया गया कि उसने 2010 में 50 वर्ग गज भूमि किसी ओर को बेच दी है। उसने इस संबंधित रजिस्टरी निकलवाई। मामले की जांच में पता चला कि सैनी मोहल्ला निवासी अनिल कुमार ने फर्जी विक्रेता तैयार कर इस जुर्म को अंजाम दिया है। गांव बिचपड़ी के नंबरदार ने भी उसकी गवाही दी है। इस मामले में उस वक्त का पटवारी व तहसीलदार भी शामिल है। अब उसने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने जांच के बाद पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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सैनी कॉलोनी निवासी रोहताश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने 1993 में बलदेव से 201 वर्ग गज का प्लॉट 40 हजार रुपये में खरीदा था। उसने इस प्लॉट पर निर्माण कार्य के लिए स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर से साढ़े चार लाख रुपये का लोन लिया था। 29 सितंबर 2021 तक उसने लोन की पूरी किस्त चुका थी और बैंक से एनओसी भी ले आया था। इसके बाद अपने कागजातों से वह एनओसी उतरवाने के लिए पटवारी के पास गया था। पटवारी ने उससे 2015-16 की जमाबंदी मंगवाई। जमाबंदी लेने के लिए वह राजस्व अधिकारी के पास गया।
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वहां उसे बताया गया कि उसने 2010 में 50 वर्ग गज भूमि किसी ओर को बेच दी है। उसने इस संबंधित रजिस्टरी निकलवाई। मामले की जांच में पता चला कि सैनी मोहल्ला निवासी अनिल कुमार ने फर्जी विक्रेता तैयार कर इस जुर्म को अंजाम दिया है। गांव बिचपड़ी के नंबरदार ने भी उसकी गवाही दी है। इस मामले में उस वक्त का पटवारी व तहसीलदार भी शामिल है। अब उसने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने जांच के बाद पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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