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Panipat News: बीपी, तनाव और कोलेस्ट्राॅल से बढ़ रहा स्ट्रोक, झाड़-फूंक में खो रहे समय

Sat, 14 Mar 2026 02:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत Updated Sat, 14 Mar 2026 02:18 AM IST
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BP, stress and cholesterol are increasing the risk of stroke, time is being lost in exorcism.
डॉ. सुखदीप कौर। स्रोत : स्वयं - फोटो : भेटुआ ​​स्थित गैस एजेंसी से सिलिंडर लेने जाते उपभोक्ता।
स्वीटी सांगवान
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पानीपत। बीपी, तनाव और असंतुलित कोलेस्ट्राॅल से लोगों में स्ट्रोक (लकवे) बढ़ गया है। जिला नागरिक अस्पताल में दो साल पहले तक जहां एक महीने में दो या तीन मरीज आते थे वहीं अब हर रोज करीब दो मरीज आ रहे हैं। कुछ लोग तो झाड़-फूंक में समय और पैसा व्यर्थ करने के बाद अस्पताल पहुंच रहे हैं। चिकित्सक लोगों को शुरुआती लक्षणों में ही झाड़-फूंक की तरफ न जाकर चिकित्सक इलाज करवाने की सलाह दे रहे हैं।
लोगों की जीवनशैली तेजी के साथ बदल रही है। इसके साथ मनचाहा खाने की इच्छा में कुछ भी खा लेना लोगों को बीमारियों की तरफ धकेल रहा है। बीपी, शुगर और कोलेस्ट्राॅल ( शरीर में वसा जम जाना) से स्ट्रोक के मामले बढ़ने लगे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में आपातकालीन विभाग प्रभारी डॉ. सुखदीप कौर ने बताया कि स्ट्रोक एक गंभीर बीमारी है। यह मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह बाधित (थक्का जमना) होने या कोई रक्त वाहिका फट जाने से, बीपी, शुगर बढ़ने से होती है।
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कारण- बीपी, शुगर, कोलेस्ट्रॉल बढ़ना
- बाहर का तेलीय खाना और घर का खाना न खाना
- सेंधा नमक का प्रयोग करना, योग-एक्सरसाइज न करना
- मस्तिष्क में खून के थक्के जमने से
लक्षण-
- हाथ-पैर सुन्न होना
- मुंह का टेढ़ा होना
- शरीर के किसी एक भाग या आधे शरीर का काम करना बंद होना
उपाय-
- खाना-पीने का विशेष ध्यान रखें
- बाहर के खाने से परहेज करें और घर का बना हुआ कम मसालेदार खाना खाएं
- झाड़-फूंक की तरफ न जाकर शुरुआती लक्षण दिखते ही चिकित्सक से इलाज करवाएं
- हर रोज कुछ समय योग व एक्सरसाइज अवश्य करें।

फोटो

संजय चौक निवासी 83 वर्षीय कांता रानी ने बताया कि उनका बीपी लगातार बढ़ रहा था। कुछ दिन पहले उसका पैर सुन्न हो गया। इसके बाद हाथ और फिर सिर भी सुन्न हो गया। कुछ देर में ही आधा शरीर सुन्न हो गया। शुरुआत में कुछ समझ नहीं आ रहा था। इसी बीच उनका मुंह भी टेढ़ा हो गया। परिवार के लोग उन्हें पहले किसी झाड़-फूंक वाले के पास लेकर गए। वहां से एक-दो दिन आराम रहा, इसके बाद फिर से हाथ-पैर सुन्न होने लगे तो परिजन जिला नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने इलाज शुरू किया और एक सप्ताह इलाज चलने के बाद उन्हें वीरवार को अस्पताल से छुट्टी मिली। वीरवार रात को बुखार होने के कारण उन्हें शुक्रवार फिर से जांच करवाने के लिए लाया गया। अब चिकित्सकों ने उनकी फिजियोथेरेपी शुरू की है।
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आज के समय में यह समस्या युवाओं में भी होने लगी है। इसका मुख्य कारण लोगों की बदलती लाइफस्टाइल है। लोगों को अपने खाने का विशेष ध्यान रखना चाहिए और समय-समय पर बीपी, शुगर की जांच करवाते रहना चाहिए।
- डॉ. सुखदीप कौर, आपातकालीन प्रभारी, जिला नागरिक अस्पताल।

डॉ. सुखदीप कौर। स्रोत : स्वयं

डॉ. सुखदीप कौर। स्रोत : स्वयं- फोटो : भेटुआ स्थित गैस एजेंसी से सिलिंडर लेने जाते उपभोक्ता।

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