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Panipat News: जिले में पटाखों की बिक्री के साथ ऑनलाइन ऑर्डर पर भी प्रतिबंध
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पानीपत। दिवाली पर पटाखों की बिक्री के साथ ऑनलाइन ऑर्डर पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन ने इसको लेकर कूरियर एजेंसियों व उनके डीलरों को इस बारे में आदेश जारी किए गए हैं। किसी प्रकार की डिलीवरी मिलने पर एजेंसी या फिर डीलर पर सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
पर्यावरण प्रदूषण हर रोज बिगड़ रहा है। दिवाली के दिनों में यह और भी बढ़ जाता है। इसका बड़ा कारण पराली व धान के अवशेष जलाने के साथ दिवाली के दिनों में पटाखों को चलाना है। दिवाली से अगले कई दिन तक सांस लेने तक को दिक्कत होती है। ऐसे में प्रशासन ने अभी से सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। इनकी रोक को लेकर धारा 163 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 और विस्फोटक अधिनियम, 1884 में निहित शक्तियों का प्रयोग किया है। इसके तहत पानीपत जिले की सीमा में 22 अक्तूबर से 31 जनवरी 2025 तक की अवधि के लिए ग्रीन पटाखों को छोड़कर पटाखों के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया। प्रशासन ने इस दौरान विभिन्न त्योहार व अन्य आयोजनों पर कुछ देर के लिए हरित पटाखे चलाने की छूट देने का फैसला लिया है।
टीम रखेंगी निगरानी
प्रशासन ने पटाखों के बनाने, बिक्री व चलाने के मामलों पर कार्रवाई के लिए टीमों का गठन किया है। जिलाधीश ने पुलिस अधीक्षक, जिला नगर आयुक्त, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, बीडीपीओ, डीसीपी, ईओ या सचिव नगरपालिका, पुलिस थाना प्रभारी, अग्निशमन अधिकारी और अन्य अग्निशमन कार्यालय के कर्मचारियों को आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं। वे सब इस पर निगरानी रखेंगे।
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वर्जन :
बढ़ता प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। सर्दियों में प्रदूषण नियंत्रण जरूरी है। पर्यावरण प्रदूषण रोकने के लिए प्रशासन सख्त है। ऐसे लाेगों व किसानों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। पटाखों की बिक्री व इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा। केवल ग्रीन पटाखे चलाने की समय सीमा निर्धारित की गई है।
डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया, उपायुक्त।
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पर्यावरण प्रदूषण हर रोज बिगड़ रहा है। दिवाली के दिनों में यह और भी बढ़ जाता है। इसका बड़ा कारण पराली व धान के अवशेष जलाने के साथ दिवाली के दिनों में पटाखों को चलाना है। दिवाली से अगले कई दिन तक सांस लेने तक को दिक्कत होती है। ऐसे में प्रशासन ने अभी से सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। इनकी रोक को लेकर धारा 163 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 और विस्फोटक अधिनियम, 1884 में निहित शक्तियों का प्रयोग किया है। इसके तहत पानीपत जिले की सीमा में 22 अक्तूबर से 31 जनवरी 2025 तक की अवधि के लिए ग्रीन पटाखों को छोड़कर पटाखों के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया। प्रशासन ने इस दौरान विभिन्न त्योहार व अन्य आयोजनों पर कुछ देर के लिए हरित पटाखे चलाने की छूट देने का फैसला लिया है।
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टीम रखेंगी निगरानी
प्रशासन ने पटाखों के बनाने, बिक्री व चलाने के मामलों पर कार्रवाई के लिए टीमों का गठन किया है। जिलाधीश ने पुलिस अधीक्षक, जिला नगर आयुक्त, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, बीडीपीओ, डीसीपी, ईओ या सचिव नगरपालिका, पुलिस थाना प्रभारी, अग्निशमन अधिकारी और अन्य अग्निशमन कार्यालय के कर्मचारियों को आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं। वे सब इस पर निगरानी रखेंगे।
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वर्जन :
बढ़ता प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। सर्दियों में प्रदूषण नियंत्रण जरूरी है। पर्यावरण प्रदूषण रोकने के लिए प्रशासन सख्त है। ऐसे लाेगों व किसानों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। पटाखों की बिक्री व इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा। केवल ग्रीन पटाखे चलाने की समय सीमा निर्धारित की गई है।
डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया, उपायुक्त।