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Panipat News: स्टार्टअप की कहानियां बताकर जगाई आत्मनिर्भरता की अलख
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पानीपत। एसडी पीजी महाविद्यालय में स्वावलंबी भारत अभियान के अंतर्गत उद्यमिता प्रोत्साहन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान खुद के व्यवसाय एवं स्टार्टअप स्थापित करने वालों युवाओं ने विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता की अलख जगाई।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य महाविद्यालय के पूर्व और वर्तमान में पढ़ रहे उन छात्र-छात्राओं को सम्मानित करना रहा जिन्होनें खुद के व्यवसाय एवं स्टार्टअप स्थापित किया था। कार्यक्रम को सफल बनाने में एनएनएस यूनिट्स की उल्लेखनीय भूमिका रही।
इस मौके पर चंद्रशेखर शर्मा ने कहा कि रोजगार की समस्या तो समाज और शिक्षित युवाओं को खुद ही हल करना होगा। हुनरमंद, मेहनती और स्वावलंबी शिक्षित युवा न सिर्फ खुद रोजगार पा सकते हैं बल्कि दूसरों को भी रोजगार देने का हौसला रखते हैं।
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प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने कहा कि वर्तमान में छात्र-छात्राओं को अपने हुनर और कौशल को विकसित करते हुए रोजगार के अवसर पैदा करते हुए दूसरों को भी रोजगार देने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि स्वावलंबी भारत अभियान के संरक्षक चंद्रशेखर शर्मा ने की। अतिविशिष्ट उपस्थिति में स्वदेशी जागरण मंच से विभाग संयोजक विक्रम चावला, महेश थरेजा, सीए जितेंद्र गुप्ता और जिला संयोजक, जिला सह-संयोजक विजेंद्र अत्री, जिला संघर्ष वाहिनी प्रमुख नितिन नागपाल सहित प्रवीन मनोचा, आशीष गुप्ता और तारा चंद ने कार्यक्रम में शिरकत की। मेहमानों का स्वागत प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा और डॉ. संगीता गुप्ता ने भागवतगीता भेंट करके किया। उनके साथ एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राकेश गर्ग, डॉ. संतोष कुमारी, डॉ. एसके वर्मा, डॉ. राहुल जैन, डॉ. रवि कुमार, प्रो. मनोज कुमार आदि भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर महाविद्यालय के पूर्व और वर्तमान के सफल उद्यमी विद्यार्थियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
बॉक्स
पूर्व विद्यार्थियों ने साझा किए अपने अनुभव
आशीष गुप्ता ने बताया कि वे कॉलेज से 2004 में उतीर्ण हुए और फिर उन्होनें कंप्यूटर में रूचि लेनी शुरू की। आज बालाजी प्रिंटिंग प्रेस के माध्यम से वे अच्छा कमा रहे हैं और कई लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। किताबें, शादी के कार्ड, बैनर्स, बिल बुक आदि से लेकर नाना प्रकार की छपाई का कार्य वे कर रहे है।
सूरज ने बताया कि कक्षा नौवीं में उन्हें फोटोग्राफी का शौक पैदा हुआ और आज वे अपने फोटो स्टूडियो के माध्यम से अच्छी कमाई कर रहे हैं। शिवानी गुप्ता ने बताया कि उन्होनें 2021 में एसडी कॉलेज से डिग्री हासिल की और आज वे अपने दम पर ब्यूटी पार्लर चलाकर प्रति महिना एक लाख रुपये कमा रही हैं। उन्होनें 6-7 महिलाओं को रोजगार भी दे रखा है। अर्जुन काठपाल ने बताया कि वह स्वास्थ्यवर्धक खाने का सामान और ड्राई फ्रूट्स का कारोबार कर रहे हैं। इसमें वे सालाना 70 से 80 लाख रुपये का सामान बेच रहे हैं। पानीपत में उन्हें 100 से अधिक आउटलेट केंद्र खोल रखे हैं। मृत्युंजय ने बताया कि उन्होनें अपनी डिग्री कॉलेज से 2023 में पास की। आज वे डाई हाउस के मालिक हैं और उन्हें अब सरकारी नौकरी पाने की कोई अभिलाषा नहीं हैं। आकाश शर्मा टेक्सटाइल के ऑनलाइन व्यापार में एक करोड़ से ऊपर का सामान बेच रहे हैं। उनके साथ कई अन्य युवा भी इस कार्य में जुड़े हुए है। अंजली सिलाई के काम से 20 हज़ार प्रति माह, नीलू ब्यूटी पार्लर से और इमराना एवं मनीषा ट्यूशन से दस हज़ार प्रतिमाह, संदीप वितीय सलाहकार के रूप में कार्य करते हुए 60 से 70 हज़ार रुपये प्रतिमाह, प्रीतिका आर्ट एंड ग्रूमिंग, शादी के मेकअप इत्यादि से 25 हज़ार तक कमाकर अपने परिवार का हाथ तो बंटा रही हैं, साथ ही पानी पढ़ाई का खर्च भी निकाल रही हैं।
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इस कार्यक्रम का उद्देश्य महाविद्यालय के पूर्व और वर्तमान में पढ़ रहे उन छात्र-छात्राओं को सम्मानित करना रहा जिन्होनें खुद के व्यवसाय एवं स्टार्टअप स्थापित किया था। कार्यक्रम को सफल बनाने में एनएनएस यूनिट्स की उल्लेखनीय भूमिका रही।
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इस मौके पर चंद्रशेखर शर्मा ने कहा कि रोजगार की समस्या तो समाज और शिक्षित युवाओं को खुद ही हल करना होगा। हुनरमंद, मेहनती और स्वावलंबी शिक्षित युवा न सिर्फ खुद रोजगार पा सकते हैं बल्कि दूसरों को भी रोजगार देने का हौसला रखते हैं।
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प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने कहा कि वर्तमान में छात्र-छात्राओं को अपने हुनर और कौशल को विकसित करते हुए रोजगार के अवसर पैदा करते हुए दूसरों को भी रोजगार देने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि स्वावलंबी भारत अभियान के संरक्षक चंद्रशेखर शर्मा ने की। अतिविशिष्ट उपस्थिति में स्वदेशी जागरण मंच से विभाग संयोजक विक्रम चावला, महेश थरेजा, सीए जितेंद्र गुप्ता और जिला संयोजक, जिला सह-संयोजक विजेंद्र अत्री, जिला संघर्ष वाहिनी प्रमुख नितिन नागपाल सहित प्रवीन मनोचा, आशीष गुप्ता और तारा चंद ने कार्यक्रम में शिरकत की। मेहमानों का स्वागत प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा और डॉ. संगीता गुप्ता ने भागवतगीता भेंट करके किया। उनके साथ एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राकेश गर्ग, डॉ. संतोष कुमारी, डॉ. एसके वर्मा, डॉ. राहुल जैन, डॉ. रवि कुमार, प्रो. मनोज कुमार आदि भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर महाविद्यालय के पूर्व और वर्तमान के सफल उद्यमी विद्यार्थियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
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पूर्व विद्यार्थियों ने साझा किए अपने अनुभव
आशीष गुप्ता ने बताया कि वे कॉलेज से 2004 में उतीर्ण हुए और फिर उन्होनें कंप्यूटर में रूचि लेनी शुरू की। आज बालाजी प्रिंटिंग प्रेस के माध्यम से वे अच्छा कमा रहे हैं और कई लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। किताबें, शादी के कार्ड, बैनर्स, बिल बुक आदि से लेकर नाना प्रकार की छपाई का कार्य वे कर रहे है।
सूरज ने बताया कि कक्षा नौवीं में उन्हें फोटोग्राफी का शौक पैदा हुआ और आज वे अपने फोटो स्टूडियो के माध्यम से अच्छी कमाई कर रहे हैं। शिवानी गुप्ता ने बताया कि उन्होनें 2021 में एसडी कॉलेज से डिग्री हासिल की और आज वे अपने दम पर ब्यूटी पार्लर चलाकर प्रति महिना एक लाख रुपये कमा रही हैं। उन्होनें 6-7 महिलाओं को रोजगार भी दे रखा है। अर्जुन काठपाल ने बताया कि वह स्वास्थ्यवर्धक खाने का सामान और ड्राई फ्रूट्स का कारोबार कर रहे हैं। इसमें वे सालाना 70 से 80 लाख रुपये का सामान बेच रहे हैं। पानीपत में उन्हें 100 से अधिक आउटलेट केंद्र खोल रखे हैं। मृत्युंजय ने बताया कि उन्होनें अपनी डिग्री कॉलेज से 2023 में पास की। आज वे डाई हाउस के मालिक हैं और उन्हें अब सरकारी नौकरी पाने की कोई अभिलाषा नहीं हैं। आकाश शर्मा टेक्सटाइल के ऑनलाइन व्यापार में एक करोड़ से ऊपर का सामान बेच रहे हैं। उनके साथ कई अन्य युवा भी इस कार्य में जुड़े हुए है। अंजली सिलाई के काम से 20 हज़ार प्रति माह, नीलू ब्यूटी पार्लर से और इमराना एवं मनीषा ट्यूशन से दस हज़ार प्रतिमाह, संदीप वितीय सलाहकार के रूप में कार्य करते हुए 60 से 70 हज़ार रुपये प्रतिमाह, प्रीतिका आर्ट एंड ग्रूमिंग, शादी के मेकअप इत्यादि से 25 हज़ार तक कमाकर अपने परिवार का हाथ तो बंटा रही हैं, साथ ही पानी पढ़ाई का खर्च भी निकाल रही हैं।