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Panipat News: मानदेय में बढ़ोतरी के लिए आशा वर्करों ने निकाला रोष मार्च

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 10 Aug 2023 03:05 AM IST
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Asha workers take out fury march for increase in honorarium
पानीपत। मानदेय में बढ़ोतरी समेत अपनी 10 मांगों के समर्थन में आशा वर्कर तीन दिन की हड़ताल पर हैं। वे 10 अगस्त तक हड़ताल पर रहेंगी। आशा वर्करों ने बुधवार की सुबह लघु सचिवालय में एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी व रोष प्रदर्शन किया। इसके बाद आशा वर्करों ने लघु सचिवालय से सिविल अस्पताल तक रोष मार्च निकाला। आशा वर्करों ने सिविल सर्जन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
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रोष प्रदर्शन का नेतृत्व सीटू राज्य सचिव सुनील दत्त ने किया। यहां पर आशाओं को किसान सभा के जिला प्रधान सुरेंद्र मलिक, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा राज्य महासचिव नरेश कुमार, जिला अध्यक्ष अमरीश त्यागी ने संबोधित किया।
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आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान आशा ने कहा कि जनता की सेवा करने वाली लाखों आशा वर्कर्स ने करोना महामारी के दौरान अपने व अपने परिवार की जान जोखिम में डालकर अपने कर्तव्य का पालन किया । हरियाणा सरकार ने 2018 से एक भी रुपये की आशा वर्कर्स के मानदेय में बढ़ोतरी नहीं की, उन्हें आठ एक्टिविटी के जो पैसे मिलते थे उनकी कटौती कर दी गई है। महंगाई आसमान पर है लेकिन मानदेय में बढ़ोतरी नहीं हो रही है। उन पर ऑनलाइन काम का बहुत ज्यादा दबाव बनाया जा रहा है। जिसके चलते आशाओं में भारी रोष पनप रहा है। हरियाणा की 20 हजार से ज्यादा आशा वर्कर्स को हड़ताल पर जाने के लिए सरकार ने ही मजबूर किया है। सरकार का चरित्र मजदूर विरोधी है। सरकार अगर तीन दिनों के अंदर आशाओं की मांगों पर विचार नहीं करती हैं तो अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दी जाएगी। उनकी मांग है कि उनका मानदेय 26 हजार रुपये मासिक किया जाए। आशा वर्करों को ईईसआई और पीएफ की सुविधा दी जाए। उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। अनुभव और योग्यता के आधार पर आशा वर्करों को पदोन्नति दी जाए। सब सेंटर पर आशा के बैठने व सामान रखने की जगह सुनिश्चित की जाए। जिन गांवों में सब सेंटर नहीं हैं वहां पर आशा सेंटर खोले जाएं। आठ एक्टिविटी के काटे गए 50 प्रतिशत इंसेंटिव को तुरंत वापस लिया जाए। मुख्यमंत्री द्वारा घोषित सात हजार भी तुरंत जारी किए जाएं।आशा वर्कर्स को पीएचसी में मीटिंग में जाने और मरीज के साथ जाने के लिए किराया भत्ता दिया जाए। रिटायरमेंट की उम्र 65 वर्ष की जाए। आशा फैसिलिटेटर की विजिट की प्रोत्साहन राशियों में बढ़ोतरी की जाए और आशा फैसिलिटेटर की रिपोर्टिंग के लिए प्रोत्साहन राशि फिक्स की जाए। आशा वर्कर्स को ड्रेस के लिए दो हजार वार्षिक दिया जाए। इस मौके पर यूनियन की जिला सचिव सविता, पूर्व प्रधान सुमन शर्मा, सह सचिव सुमन, सीटू जिला सचिव जय भगवान, किसान नेता गुलाब सिंह मौजूद रहे।
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