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चार राज्यों में हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़
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पानीपत। सीआईए-थ्री पुलिस टीम की गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : Panipat
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पानीपत। पुलिस ने उत्तर भारत के चार राज्यों में अवैध हथियारों की तस्करी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को पकड़ा है, जो मध्य प्रदेश के धार में स्थित फैक्टरी से हथियार लाकर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में खपा रहे थे। ये हथियार मुख्य तौर पर गैंगेस्टर को बेचे जा रहे थे। पुलिस पकड़े गए चारों तस्करों से 35 देसी पिस्तौल और 45 मैग्जीन भी बरामद की हैं। गिरोह के सरगना की पुलिस तलाश कर रही है।
सीआईए-3 ने उत्तर प्रदेश में सहारनपुर के बुढ़ाखेड़ा निवासी महफूज उर्फ फौजी समेत मध्य प्रदेश के जिले धार के गांव खड़की निवासी हीरालाल, गांव निगावपुरा निवासी संतोष और राय सिंह को गिरफ्तार किया है। सीआईए-3 ने गत 18 अगस्त को चौटाला रोड से महफूज को गिरफ्तार किया था। उसके पास से पांच पिस्तौल और 10 मैग्जीन बरामद हुईं थीं। उसे आठ दिन की रिमांड पर लिया गया, जिसमें सामने आया कि मध्य प्रदेश के जिले धार में बच्चन सिंह यादव की अवैध हथियारों की फैक्टरी है। जहां पर पिस्तौल बनती है। इस धंधे से काफी लोग जुड़े हैं। वे बच्चन सिंह यादव से पिस्तौल लेकर हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और दिल्ली में डिलिवरी करता था ।
सीआईए-3 प्रभारी अनिल छिल्लर ने बताया कि महफूज से बच्चन सिंह यादव को 30 पिस्तौल और ऑर्डर दिलवाया और 24 अगस्त को हीरा, राय सिंह और संतोष पिस्तौल की डिलिवरी देने के लिए पानीपत आए थे। सीआईए-3 इस दौरान नाकाबंदी की और हीरा को पकड़ लिया था, लेकिन संतोष एवं राय सिंह भागने में सफल हो गए थे। हीरा के पास से आठ पिस्तौल और 13 मैग्जीन बरामद की गईं। पुलिस ने सोमवार को हीरा की निशानदेही पर संतोष और राय सिंह को मध्य प्रदेश के जिले मंसौर के पिपलिया मंडी से गिरफ्तार किया। संतोष के पास से 14 पिस्तौल एवं 14 मैग्जीन और राय सिंह के पास से आठ पिस्तौल व आठ मैग्जीन मिलीं। अब पुलिस ने इन दोनों को भी आठ दिन की रिमांड पर लिया है। सरगना बच्चन सिंह यादव की तलाश जारी है।
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बच्चन सिंह यादव 12-15 हजार रुपये में देता था पिस्तौल
सीआईए-3 ने बतायास कि सरगना बच्चन सिंह यादव अपनी फैक्टरी में एक पिस्तौल को 4 से 5 हजार रुपये में बनाता था। इस पिस्तौल को वह 12-15 हजार रुपये में अपने गुर्गों को बेचता था। ये गुर्गें पिस्तौल को दो गुने दाम में चार राज्यों में खपा देते थे।
अब तक बेची जा चुकी हैं 500 पिस्तौल
सीआईए-3 ने बताया कि चारों राज्यों में अब तक 500 पिस्तौल बेची जा चुकी हैं। बच्चन सिंह यादव ने आरोपियों से कहा था कि हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और यूपी गैंगेस्टर की मंडी है, वहां पर जाकर हथियार बेचो और पैसे कमाओ।
जिन्होंने हथियार खरीदे हैं, उनको भी जल्द पकड़ेंगे
अब तक मामले में चार आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। मुख्य सरगना अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है। ये 500 से ज्यादा पिस्तौल अब तक बेच चुके हैं। पिस्तौल जिसे बेची गई है। इसकी जांच चल रही है। जिन्होंने हथियार खरीदे हैं, उनको भी जल्द पकड़ लिया जाएगा। इस पूरे मामले की तह तक जा रहे हैं। सीआईए टू टीम ने बेहतरीन कार्य किया है।
- शंशाक कुमार सावन, एसपी पानीपत।
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सीआईए-3 ने उत्तर प्रदेश में सहारनपुर के बुढ़ाखेड़ा निवासी महफूज उर्फ फौजी समेत मध्य प्रदेश के जिले धार के गांव खड़की निवासी हीरालाल, गांव निगावपुरा निवासी संतोष और राय सिंह को गिरफ्तार किया है। सीआईए-3 ने गत 18 अगस्त को चौटाला रोड से महफूज को गिरफ्तार किया था। उसके पास से पांच पिस्तौल और 10 मैग्जीन बरामद हुईं थीं। उसे आठ दिन की रिमांड पर लिया गया, जिसमें सामने आया कि मध्य प्रदेश के जिले धार में बच्चन सिंह यादव की अवैध हथियारों की फैक्टरी है। जहां पर पिस्तौल बनती है। इस धंधे से काफी लोग जुड़े हैं। वे बच्चन सिंह यादव से पिस्तौल लेकर हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और दिल्ली में डिलिवरी करता था ।
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सीआईए-3 प्रभारी अनिल छिल्लर ने बताया कि महफूज से बच्चन सिंह यादव को 30 पिस्तौल और ऑर्डर दिलवाया और 24 अगस्त को हीरा, राय सिंह और संतोष पिस्तौल की डिलिवरी देने के लिए पानीपत आए थे। सीआईए-3 इस दौरान नाकाबंदी की और हीरा को पकड़ लिया था, लेकिन संतोष एवं राय सिंह भागने में सफल हो गए थे। हीरा के पास से आठ पिस्तौल और 13 मैग्जीन बरामद की गईं। पुलिस ने सोमवार को हीरा की निशानदेही पर संतोष और राय सिंह को मध्य प्रदेश के जिले मंसौर के पिपलिया मंडी से गिरफ्तार किया। संतोष के पास से 14 पिस्तौल एवं 14 मैग्जीन और राय सिंह के पास से आठ पिस्तौल व आठ मैग्जीन मिलीं। अब पुलिस ने इन दोनों को भी आठ दिन की रिमांड पर लिया है। सरगना बच्चन सिंह यादव की तलाश जारी है।
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बच्चन सिंह यादव 12-15 हजार रुपये में देता था पिस्तौल
सीआईए-3 ने बतायास कि सरगना बच्चन सिंह यादव अपनी फैक्टरी में एक पिस्तौल को 4 से 5 हजार रुपये में बनाता था। इस पिस्तौल को वह 12-15 हजार रुपये में अपने गुर्गों को बेचता था। ये गुर्गें पिस्तौल को दो गुने दाम में चार राज्यों में खपा देते थे।
अब तक बेची जा चुकी हैं 500 पिस्तौल
सीआईए-3 ने बताया कि चारों राज्यों में अब तक 500 पिस्तौल बेची जा चुकी हैं। बच्चन सिंह यादव ने आरोपियों से कहा था कि हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और यूपी गैंगेस्टर की मंडी है, वहां पर जाकर हथियार बेचो और पैसे कमाओ।
जिन्होंने हथियार खरीदे हैं, उनको भी जल्द पकड़ेंगे
अब तक मामले में चार आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। मुख्य सरगना अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है। ये 500 से ज्यादा पिस्तौल अब तक बेच चुके हैं। पिस्तौल जिसे बेची गई है। इसकी जांच चल रही है। जिन्होंने हथियार खरीदे हैं, उनको भी जल्द पकड़ लिया जाएगा। इस पूरे मामले की तह तक जा रहे हैं। सीआईए टू टीम ने बेहतरीन कार्य किया है।
- शंशाक कुमार सावन, एसपी पानीपत।