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‘उपकरणों’ का तर्क, दाखिले के ‘उपहार’ से किया इनकार
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पानीपत। जिले के लगभग सभी स्कूलों में 134 ए के तहत पहले ड्रॉ का दाखिला पूरा हो चुका है लेकिन पाइट स्कूल, एनएफएल ने पात्र 31 विद्यार्थियों का नाम आने के बाद भी दाखिला लेने से इनकार कर दिया है। उनका तर्क है कि इन बच्चों के घरों में एलसीडी, बाइक, फ्रिज आदि उपकरण हैं। यह सब उन्होंने चेक किया है। ऐसे में इन बच्चों का दाखिला नहीं हो सकता।
इसके बाद अभिभावक जिला शिक्षा अधिकारी से गुहार लगाने के बाद एडीसी वीना हुड्डा के पास पहुंचे। एडीसी ने अभिभावकों की शिकायत सुनी और एक कमेटी गठित कर अपने स्तर पर उन पात्र बच्चों के घरों का सर्वे किया। सर्वे करने के बाद एडीसी ने विद्यार्थियों की लिस्ट बनाई। उसे स्कूल और अभिभावकों को भेज दिया गया। इसके बाद भी स्कूल ने दाखिला देने से साफ इनकार कर दिया।
गौरतलब है कि एक महीने से स्कूल, जिला शिक्षा अधिकारी और उपायुक्त कार्यालय के चक्कर लगाने के बाद इन बच्चों के अभिभावक परेशान हैं। लिस्ट में ज्यादातर अभिभावक किराये के मकान में रह रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि वह पिछले स्कूल से एसएलसी भी ले चुके हैं। नियम 134 ए की परीक्षा पास करने और लिस्ट में नंबर आने के बाद भी स्कूल मनमानी कर रही है। अभिभावकों का आरोप है कि न तो स्कूल सही से काम कर पा रहा है न ही शिक्षा विभाग।
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एडीसी ने कमेटी बनाई थी तो हमारे मेंबर भी शामिल करने थे
निगम 134 ए की लिस्ट आने के बाद हमने विद्यार्थियों के घर जाकर सर्वे किया है। जो विद्यार्थी दाखिले के पात्र लगे हैं, उनका दाखिला ले लिया गया है। वहीं जिनके घर में एलसीडी, बाइक, फ्रिज व अन्य सभी उपकरण हैं, उनका दाखिला नहीं लेंगे। उपायुक्त और जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित में दिया गया है। वहीं एडीसी ने सर्वे किया है तो उन्हें स्कूल के सदस्यों को भी शामिल करना था। - राकेश तायल, वाइस चेयरमैन, पाइट स्कूल
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इसके बाद अभिभावक जिला शिक्षा अधिकारी से गुहार लगाने के बाद एडीसी वीना हुड्डा के पास पहुंचे। एडीसी ने अभिभावकों की शिकायत सुनी और एक कमेटी गठित कर अपने स्तर पर उन पात्र बच्चों के घरों का सर्वे किया। सर्वे करने के बाद एडीसी ने विद्यार्थियों की लिस्ट बनाई। उसे स्कूल और अभिभावकों को भेज दिया गया। इसके बाद भी स्कूल ने दाखिला देने से साफ इनकार कर दिया।
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गौरतलब है कि एक महीने से स्कूल, जिला शिक्षा अधिकारी और उपायुक्त कार्यालय के चक्कर लगाने के बाद इन बच्चों के अभिभावक परेशान हैं। लिस्ट में ज्यादातर अभिभावक किराये के मकान में रह रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि वह पिछले स्कूल से एसएलसी भी ले चुके हैं। नियम 134 ए की परीक्षा पास करने और लिस्ट में नंबर आने के बाद भी स्कूल मनमानी कर रही है। अभिभावकों का आरोप है कि न तो स्कूल सही से काम कर पा रहा है न ही शिक्षा विभाग।
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निगम 134 ए की लिस्ट आने के बाद हमने विद्यार्थियों के घर जाकर सर्वे किया है। जो विद्यार्थी दाखिले के पात्र लगे हैं, उनका दाखिला ले लिया गया है। वहीं जिनके घर में एलसीडी, बाइक, फ्रिज व अन्य सभी उपकरण हैं, उनका दाखिला नहीं लेंगे। उपायुक्त और जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित में दिया गया है। वहीं एडीसी ने सर्वे किया है तो उन्हें स्कूल के सदस्यों को भी शामिल करना था। - राकेश तायल, वाइस चेयरमैन, पाइट स्कूल