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Panipat News: 76 अंक गिरा एक्यूआई, स्माॅग बरकार
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पानीपत। जिले का प्रदूषण स्तर मंगलवार को ऑरेंज जोन में रहा। सोमवार के मुकाबले मंगलवार को एक्यूआई 76 अंक गिर गया। हवा की रफ्तार बढ़ने से हवा में धूल के कण व धुआं छटा है। मंगलवार को पानीपत का एक्यूआई 238 दर्ज किया गया है। मंगलवार को पानीपत प्रदेश का चौथा सबसे प्रदूषित शहर रहा।
गुरुग्राम व सोनीपत संयुक्त रूप से सबसे प्रदूषित शहर रहे। इनके बाद सिरसा का एक्यूआई 276 दर्ज किया गया है। पानीपत में पिछले तीन दिन में छह फैक्ट्रियों में आग की घटनाएं हुई हैं। इसलिए पानीपत का एक्यूआई लगातार ऑरेंज व रेड जोन में है। हवा में धुंए की मात्रा लगातार बढ़ रही है। मंगलवार को सुबह शाम जिले में स्मॉग छाई रही। इससे सांस लेने में परेशानी हुई और आंखों में जलन महसूस हुई।
मंगलवार को हवा में पीएम 2.5 की मात्रा 300 माइक्रो ग्राम घन मीटर तक पहुंच गई है। यह सोमवार के मुकाबले 200 अंक तक कम हुआ है। धूल के कणों का हवा में मिश्रित होने का सबसे बड़ा कारण निर्माण कार्य व पानी का छिड़काव न होना है। हवा में धुएं की मात्रा मंगलवार को 211 माइक्रो ग्राम घन मीटर दर्ज की गई है। हवा में धुएं की मात्रा बढ़ने का सबसे बड़ा कारण यहां चल रहे 20 हजार उद्योग व यहां से गुजरने वाले एक लाख वाहन हैं। इसके अलावा प्रतिदिन शहर के अंदर भी 40 हजार वाहन चलते हैं। इसलिए धुएं की मात्रा बहुत अधिक बढ़ गई है। उद्योगों , होटल व रेस्टोरेंट में चोरी छिपे जनरेटर सेट भी चलाए जा रहे हैं। वाहनों का डायवर्जन भी नहीं किया गया है। कार्बन की मात्रा 62 माइक्रो ग्राम घन मीटर दर्ज की गई है। अब हवा में सल्फर ऑक्साइड की मात्रा 09 व नाइट्रोजनऑक्साइड की मात्रा 32 माइक्रो ग्राम घन मीटर तक पहुंच गई है।
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स्मॉग से दमा रोगियों की परेशानी बढ़ गई है। दमा रोगी हांफ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार शहर का हर व्यक्ति पेसिव रूप से प्रतिदिन 15-20 सिगरेट का सेवन कर रहा है। इसलिए फेफड़ों पर बुरा असर पड़ रहा है। डॉक्टर लोगों को सुबह शाम सैर से बचने की सलाह दे रहे हैं।
वर्जन-
एक्यूआई में आ रही धीरे धीरे गिरावट
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ कुलदीप ने बताया कि एक्यूआई में धीरे धीरे गिरावट आ रही है। एक्यूआई बढ़ने के कई कारण है। सभी कारणों पर अध्ययन किया जा रहा है। उद्योगों का भी लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। ग्रैप चार के तहत गंभीरता से काम किया जा रहा है। जिन उद्योगों में प्रतिबंधित ईंधन का प्रयोग मिला, उन पर कार्रवाई निश्चित तौर पर की जाएगी।
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गुरुग्राम व सोनीपत संयुक्त रूप से सबसे प्रदूषित शहर रहे। इनके बाद सिरसा का एक्यूआई 276 दर्ज किया गया है। पानीपत में पिछले तीन दिन में छह फैक्ट्रियों में आग की घटनाएं हुई हैं। इसलिए पानीपत का एक्यूआई लगातार ऑरेंज व रेड जोन में है। हवा में धुंए की मात्रा लगातार बढ़ रही है। मंगलवार को सुबह शाम जिले में स्मॉग छाई रही। इससे सांस लेने में परेशानी हुई और आंखों में जलन महसूस हुई।
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मंगलवार को हवा में पीएम 2.5 की मात्रा 300 माइक्रो ग्राम घन मीटर तक पहुंच गई है। यह सोमवार के मुकाबले 200 अंक तक कम हुआ है। धूल के कणों का हवा में मिश्रित होने का सबसे बड़ा कारण निर्माण कार्य व पानी का छिड़काव न होना है। हवा में धुएं की मात्रा मंगलवार को 211 माइक्रो ग्राम घन मीटर दर्ज की गई है। हवा में धुएं की मात्रा बढ़ने का सबसे बड़ा कारण यहां चल रहे 20 हजार उद्योग व यहां से गुजरने वाले एक लाख वाहन हैं। इसके अलावा प्रतिदिन शहर के अंदर भी 40 हजार वाहन चलते हैं। इसलिए धुएं की मात्रा बहुत अधिक बढ़ गई है। उद्योगों , होटल व रेस्टोरेंट में चोरी छिपे जनरेटर सेट भी चलाए जा रहे हैं। वाहनों का डायवर्जन भी नहीं किया गया है। कार्बन की मात्रा 62 माइक्रो ग्राम घन मीटर दर्ज की गई है। अब हवा में सल्फर ऑक्साइड की मात्रा 09 व नाइट्रोजनऑक्साइड की मात्रा 32 माइक्रो ग्राम घन मीटर तक पहुंच गई है।
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स्मॉग से दमा रोगियों की परेशानी बढ़ गई है। दमा रोगी हांफ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार शहर का हर व्यक्ति पेसिव रूप से प्रतिदिन 15-20 सिगरेट का सेवन कर रहा है। इसलिए फेफड़ों पर बुरा असर पड़ रहा है। डॉक्टर लोगों को सुबह शाम सैर से बचने की सलाह दे रहे हैं।
वर्जन-
एक्यूआई में आ रही धीरे धीरे गिरावट
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ कुलदीप ने बताया कि एक्यूआई में धीरे धीरे गिरावट आ रही है। एक्यूआई बढ़ने के कई कारण है। सभी कारणों पर अध्ययन किया जा रहा है। उद्योगों का भी लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। ग्रैप चार के तहत गंभीरता से काम किया जा रहा है। जिन उद्योगों में प्रतिबंधित ईंधन का प्रयोग मिला, उन पर कार्रवाई निश्चित तौर पर की जाएगी।