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पेपर डाउनलोड कर बताए उत्तर, नकल करते 101 बच्चे पकड़े गए
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समालखा (पानीपत)। हरे कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल में सीबीएसई के 10वीं के 101 बच्चे नकल करते हुए पकड़े गए हैं। ये बच्चे पावटी रोड स्थित आशादीप सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल के थे। आरोप है कि स्कूल के प्रबंधक व अध्यापकों ने पेपर शुरू होने से पहले गणित के पेपर को डाउनलोड कर बच्चों को सवालों के उत्तर बता दिए थे। बच्चों ने इनके उत्तर अपने हाथ, पैरों, टाई पेंट व शर्ट पर लिख लिए थे।
परीक्षा केंद्र में तैनात जब शिक्षक ने एक बच्चे को नकल करते हुए पकड़ा तो इस बात का खुलासा हुआ। इसके बाद अन्य परीक्षार्थी भी नकल करते दबोच लिए गए। बच्चों ने बताया कि वे उत्तरों को लिखकर लाए थे। मामले में हरे राधा इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य ने इसकी शिकायत सीबीएसई आब्जर्वर व पुलिस को दी। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इस संबंध में हरे कृष्णा स्कूल की प्रिंसिपल पुष्प ठाकुर ने बताया कि छात्र हाथों, कलाई, टाई, कमीज आदि जगहों पर आंसर पहले से ही लिखकर लाए हुए थे। उन्होंने सीबीएसई के अधिकारियों को इसकी सूचना दी है। मामले में ऑब्जर्वर रवि शंकर का कहना है कि आशादीप स्कूल के बच्चे नकल करते हुए पकड़े गए हैं। बच्चों ने बताया कि उनके स्कूल प्रबंधन ने आंसर-की सॉल्व करके दी थी। इसके बाद वो परीक्षा देने पहुंचे। इस संदर्भ में सीबीएसई के उच्चाधिकारियों को बताया गया है।
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मामले में कार्रवाई उच्चाधिकारी करेंगे।
दूसरी ओर आशादीप सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल के एमडी अंकुश ने बताया कि उन पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद है। दावा किया कि स्कूल के बच्चे नकल नहीं कर रहे थे। आरोप लगाते हुए कहा कि एडमिशन का समय होने के कारण यह सब उनके स्कूल को बदनाम करने के लिए प्लानिंग के तहत किया जा रहा है। अगर हरे कृष्णा इंटरनेशल स्कूल के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तो वो स्कूल के बच्चों के साथ हड़ताल पर बैठेंगे।
ऐसे किया फर्जीवाड़ा
सीबीएसई की परीक्षा के लिए विभिन्न स्कूलों में केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा से करीब दो घंटे पहले परीक्षा पेपर परीक्षा केंद्र में ऑनलाइन पहुंच जाता है। जिसे साइट से डाउनलोड कर बच्चों की संख्या के आधार पर कॉपी कर रख लिया जाता है। परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले उसे बच्चों को दिया जाता है। आशादीप स्कूल में भी परीक्षा केंद्र है तथा उसके बच्चों का सेंटर दूसरे परीक्षा केंद्र हरे कृष्णा स्कूल में है। करीब साढ़े नौ से पौने दस बजे के बीच ऑनलाइन पेपर को डाउनलॉड करने के बाद आशादीप स्कूल के प्रबंधन व शिक्षकों ने उसे सॉल्व करते हुए बच्चों को आंसर-की बता दी।
चारों परीक्षाओं में देरी से पहुंच रहे थे स्कूल के छात्र
आशादीप स्कूल के छात्र सभी चार परीक्षाओं में देरी से पहुंचे थे। अब सीबीएसई के अधिकारियों को ये शक है कि सभी पेपर को आरोपी स्कूल के अध्यापकों ने पहले ही डाउनलोड कर बच्चों को उत्तर बता दिए थे। छात्रों से परीक्षा केंद्र में देरी से आने का कारण भी नहीं पूछा गया। इस मामले में सीबीएसई की ओर से लापरवाही बरती गई है।
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परीक्षा केंद्र में तैनात जब शिक्षक ने एक बच्चे को नकल करते हुए पकड़ा तो इस बात का खुलासा हुआ। इसके बाद अन्य परीक्षार्थी भी नकल करते दबोच लिए गए। बच्चों ने बताया कि वे उत्तरों को लिखकर लाए थे। मामले में हरे राधा इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य ने इसकी शिकायत सीबीएसई आब्जर्वर व पुलिस को दी। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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इस संबंध में हरे कृष्णा स्कूल की प्रिंसिपल पुष्प ठाकुर ने बताया कि छात्र हाथों, कलाई, टाई, कमीज आदि जगहों पर आंसर पहले से ही लिखकर लाए हुए थे। उन्होंने सीबीएसई के अधिकारियों को इसकी सूचना दी है। मामले में ऑब्जर्वर रवि शंकर का कहना है कि आशादीप स्कूल के बच्चे नकल करते हुए पकड़े गए हैं। बच्चों ने बताया कि उनके स्कूल प्रबंधन ने आंसर-की सॉल्व करके दी थी। इसके बाद वो परीक्षा देने पहुंचे। इस संदर्भ में सीबीएसई के उच्चाधिकारियों को बताया गया है।
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मामले में कार्रवाई उच्चाधिकारी करेंगे।
दूसरी ओर आशादीप सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल के एमडी अंकुश ने बताया कि उन पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद है। दावा किया कि स्कूल के बच्चे नकल नहीं कर रहे थे। आरोप लगाते हुए कहा कि एडमिशन का समय होने के कारण यह सब उनके स्कूल को बदनाम करने के लिए प्लानिंग के तहत किया जा रहा है। अगर हरे कृष्णा इंटरनेशल स्कूल के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तो वो स्कूल के बच्चों के साथ हड़ताल पर बैठेंगे।
ऐसे किया फर्जीवाड़ा
सीबीएसई की परीक्षा के लिए विभिन्न स्कूलों में केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा से करीब दो घंटे पहले परीक्षा पेपर परीक्षा केंद्र में ऑनलाइन पहुंच जाता है। जिसे साइट से डाउनलोड कर बच्चों की संख्या के आधार पर कॉपी कर रख लिया जाता है। परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले उसे बच्चों को दिया जाता है। आशादीप स्कूल में भी परीक्षा केंद्र है तथा उसके बच्चों का सेंटर दूसरे परीक्षा केंद्र हरे कृष्णा स्कूल में है। करीब साढ़े नौ से पौने दस बजे के बीच ऑनलाइन पेपर को डाउनलॉड करने के बाद आशादीप स्कूल के प्रबंधन व शिक्षकों ने उसे सॉल्व करते हुए बच्चों को आंसर-की बता दी।
चारों परीक्षाओं में देरी से पहुंच रहे थे स्कूल के छात्र
आशादीप स्कूल के छात्र सभी चार परीक्षाओं में देरी से पहुंचे थे। अब सीबीएसई के अधिकारियों को ये शक है कि सभी पेपर को आरोपी स्कूल के अध्यापकों ने पहले ही डाउनलोड कर बच्चों को उत्तर बता दिए थे। छात्रों से परीक्षा केंद्र में देरी से आने का कारण भी नहीं पूछा गया। इस मामले में सीबीएसई की ओर से लापरवाही बरती गई है।