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Panipat News: जमाबंदी और इंतकाल के रेट लिस्ट न लगाने के आरोप, तहसीलदार बोले नियमों से हटकर फीस ली तो होगी कार्रवाई
Thu, 28 May 2026 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Thu, 28 May 2026 01:50 AM IST
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पानीपत। जिला सचिवालय स्थित तहसील कार्यालय में जमाबंदी और इंतकाल की फीस को लेकर मनमानी वसूली के आरोप लगे हैं। लोगों का कहना है कि खिड़की पर रेट लिस्ट चस्पा नहीं की गई है और फीस का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। मामले के सामने आने के बाद तहसील प्रशासन ने रेट लिस्ट लगाने का आश्वासन दिया है।
विक्रम और अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि तहसील में जमाबंदी और इंतकाल की फीस को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। खिड़की पर न तो कोई रेट लिस्ट लगी है और न ही प्रक्रिया संबंधी जानकारी उपलब्ध है। आरोप है कि कर्मचारियों द्वारा आम लोगों की बजाय दलालों और सिफारिश वालों के काम पहले किए जा रहे हैं।
लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है और शिकायत करने पर काम में देरी की जाती है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इंतकाल के नाम पर 300 रुपये तक लिए जा रहे हैं, जबकि उसका कोई सार्वजनिक रिकॉर्ड नहीं दिखाया जाता।
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तहसील कैंप निवासी राजेश और दीपक ने बताया कि उन्होंने पिछले सप्ताह प्लॉट की रजिस्ट्री करवाई थी। नियमानुसार उसी समय इंतकाल दर्ज होना चाहिए था, लेकिन अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं की गई।
तहसीलदार के सामने एक व्यक्ति ने रेट लिस्ट संबंधित शिकायत दी है। तहसील की खिड़की पर रेट लिस्ट जल्द ही चस्पा कर दी जाएगी। लोगाें को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। जमाबंदी व इंतकाल की फीस का पूरा रिकॉर्ड रहता है और यह सरकार के खजाने में जमा की जाती है। सौरभ शर्मा, नायब तहसीलदार, पानीपत।
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विक्रम और अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि तहसील में जमाबंदी और इंतकाल की फीस को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। खिड़की पर न तो कोई रेट लिस्ट लगी है और न ही प्रक्रिया संबंधी जानकारी उपलब्ध है। आरोप है कि कर्मचारियों द्वारा आम लोगों की बजाय दलालों और सिफारिश वालों के काम पहले किए जा रहे हैं।
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लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है और शिकायत करने पर काम में देरी की जाती है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इंतकाल के नाम पर 300 रुपये तक लिए जा रहे हैं, जबकि उसका कोई सार्वजनिक रिकॉर्ड नहीं दिखाया जाता।
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तहसील कैंप निवासी राजेश और दीपक ने बताया कि उन्होंने पिछले सप्ताह प्लॉट की रजिस्ट्री करवाई थी। नियमानुसार उसी समय इंतकाल दर्ज होना चाहिए था, लेकिन अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं की गई।
तहसीलदार के सामने एक व्यक्ति ने रेट लिस्ट संबंधित शिकायत दी है। तहसील की खिड़की पर रेट लिस्ट जल्द ही चस्पा कर दी जाएगी। लोगाें को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। जमाबंदी व इंतकाल की फीस का पूरा रिकॉर्ड रहता है और यह सरकार के खजाने में जमा की जाती है। सौरभ शर्मा, नायब तहसीलदार, पानीपत।