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शहर की आबोहवा कैसी है, अब शहरवासियों को पल-पल की मिलेगी जानकारी, प्रशासन लगाएगा डिस्पले
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फैक्टरियों व वाहनों से निकलने वाले धुएं की वजह से हवा में किस कदर तक जहर घुला हुआ है, इसकी जांच के लिए हर जिले मे ंतीन माह पहले सेक्टर 18 के कम्यूनिटी सेंटर में ढाई करोड़ की लागत से कंटीन्युअस एंबीयंट एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग स्टेशन लगाया गया है। इसके अगले चरण में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लघु सचिवालय में स्क्रीन लगाएगा। इस स्क्रीन के माध्यम से शहरवासियों को शहर की आबोहवा की पल-पल की जानकारी मिलेगी। इसके साथ ही स्क्रीन के माध्यम से लोगों को पर्यावरण के लिए जागरूक भी किया जाएगा। विभाग ने इसके लिए साइट चुन ली है।
सेक्टर 18 में लगाया गया कंटीन्युअस एंबीयंट एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग स्टेशन हवा के 12 पैरामीटर को मॉनीटर कर रहा है। इसमें सल्फर डाई ऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, अमोनिया, ग्राउंड वाटर ओजोन, कार्बन मोनोक्साइड, बैनजिन, सस्पेंडिड पर्टिकुलेट मैटर व पीएम 10 की जांच की जा रही है। अब शहर की हवा में कौन सी अधिक गैस मिल रही है, हवा स्वास्थ्य के लिए कितनी खतरनाक है इसके बारे में लोगों को स्क्रीन के जरिये जानकारी मिलेेगी।
शहरों में दिन प्रतिदिन औद्योगिक इकाइयों व वाहनों की संख्या बढ़ रही है। उनसे निकलने वाले धुएं की वजह से हवा में जहर घुल रहा है। यह सांस के जरिये लोगों के शरीर में पहुंच रहा है। आए दिन बढ़ रहे प्रदूषण की वजह से कई जगहों पर तो स्थिति भयानक रूप धारण कर चुकी है। विदित है कि एनजीटी व सीपीसीबी भी पानीपत में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के स्तर को लेकर चिंतित है। इसी के मद्देनजर सीपीसीबी ने नेचुरल गैस की सप्लाई नहीं लेने वाले उद्योगों को बंद करने के निर्देश दे दिए हैं। इसके अंतर्गत पानीपत के 99 प्रतिशत उद्योग आ चुके हैं। इसके अलावा सीपीसीबी ने पानीपत में कार्रवाई करते हुए अब तक दो साल में 120 फैक्टरियों को बंद करने के भी निर्देश दिए हैं।
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- साइट तय कर ली गई है, जल्द लगेगी स्क्रीन: चहल
कंटीन्युअस एंबीयंट एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग स्टेशन मार्च माह में सेक्टर 18 के कम्युनिटी सेंटर में लगा दिया गया था। अब लघु सचिवालय में स्क्रीन लगाई जाएगी। इसके माध्यम से लोगों को ये जानकारी मिलेगी की शहर की आबो हवा कैसी है। शहर में प्रदूषण किस स्तर पर है। लोगों को जागरूक भी करेंगे। स्क्रीन पर कंटीन्युअस एंबीयंट एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग स्टेशन की सहायत से जानकारी मिलेगी।
- भूपेंद्र चहल, रीजनल ऑफिसर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पानीपत।
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सेक्टर 18 में लगाया गया कंटीन्युअस एंबीयंट एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग स्टेशन हवा के 12 पैरामीटर को मॉनीटर कर रहा है। इसमें सल्फर डाई ऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, अमोनिया, ग्राउंड वाटर ओजोन, कार्बन मोनोक्साइड, बैनजिन, सस्पेंडिड पर्टिकुलेट मैटर व पीएम 10 की जांच की जा रही है। अब शहर की हवा में कौन सी अधिक गैस मिल रही है, हवा स्वास्थ्य के लिए कितनी खतरनाक है इसके बारे में लोगों को स्क्रीन के जरिये जानकारी मिलेेगी।
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शहरों में दिन प्रतिदिन औद्योगिक इकाइयों व वाहनों की संख्या बढ़ रही है। उनसे निकलने वाले धुएं की वजह से हवा में जहर घुल रहा है। यह सांस के जरिये लोगों के शरीर में पहुंच रहा है। आए दिन बढ़ रहे प्रदूषण की वजह से कई जगहों पर तो स्थिति भयानक रूप धारण कर चुकी है। विदित है कि एनजीटी व सीपीसीबी भी पानीपत में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के स्तर को लेकर चिंतित है। इसी के मद्देनजर सीपीसीबी ने नेचुरल गैस की सप्लाई नहीं लेने वाले उद्योगों को बंद करने के निर्देश दे दिए हैं। इसके अंतर्गत पानीपत के 99 प्रतिशत उद्योग आ चुके हैं। इसके अलावा सीपीसीबी ने पानीपत में कार्रवाई करते हुए अब तक दो साल में 120 फैक्टरियों को बंद करने के भी निर्देश दिए हैं।
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कंटीन्युअस एंबीयंट एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग स्टेशन मार्च माह में सेक्टर 18 के कम्युनिटी सेंटर में लगा दिया गया था। अब लघु सचिवालय में स्क्रीन लगाई जाएगी। इसके माध्यम से लोगों को ये जानकारी मिलेगी की शहर की आबो हवा कैसी है। शहर में प्रदूषण किस स्तर पर है। लोगों को जागरूक भी करेंगे। स्क्रीन पर कंटीन्युअस एंबीयंट एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग स्टेशन की सहायत से जानकारी मिलेगी।
- भूपेंद्र चहल, रीजनल ऑफिसर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पानीपत।