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Panipat News: दो साल बाद एक दूजे के साथ रहने को तैयार हुए पति-पत्नी
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पानीपत। पति-पत्नी के बीच दो साल से चल रही पारिवारिक कलह को शनिवार को कोर्ट परिसर में लगी राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सुलह समझौते से खत्म करा दिया गया। दोनों ने सभी गिले शिकवे दूर कर अब एक साथ रहने का फैसला लिया और एक दूसरे के खिलाफ दर्ज किए गए सभी वाद वापस ले लिए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 293 वैवाहिक मामलों की सुनवाई की गई। इनमें से 93 मामलों को निस्तारित किया गया, जिसमें मतलौडा थाना क्षेत्र के एक गांव का मामला भी शामिल हैं। पति-पत्नी के बीच दो साल से विवाद चल रहा था। दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ अदालत में वाद दायर कर रखे थे, लेकिन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दोनों पक्षों की काउंसिलिंग कराकर समझौता करा दिया। अब दोनों ने एक साथ रहने का फैसला लिया है, इसके साथ ही कई अन्य मामलों को भी निस्तारित किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में 29,808 मुकदमों में से 26,997 का हुआ निस्तारण
राष्ट्रीय लोक अदालत में लिए गए 29,808 मुकदमों में से 26,997 मुकदमों का निस्तारण कराया गया। जिसमें 7.12 करोड़ रुपये का निपटान हुआ। खास बात यह है कि लोक अदालत में सबसे अधिक 17,291 वाद यातायात चालान के निस्तारित किए गए। लोक अदालत के बेंच में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके मेहता, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र पाल सिंह, सीजेएम महेंद्र सिंह, सिविल जज जूनियर डिविजन डॉ. तरुण कुमार वर्मा, आदित्य जैन ने मुकदमो की सुनवाई की। खंडपीठ ने दुर्घटना के दावे, चेक बाउंस, बैंक वसूली, नागरिक विवादों से संबंधित सार्वजनिक उपयोगिता सेवाएं, उपभोक्ता कमीशन के केस भी शामिल हैं, और यहां तक कि घरेलू हिंसा अधिनियम आदि से संबंधित कंपाउंडेबल अपराध के आपराधिक मामलों की सुनवाई कर निस्तारित कराया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव व सीजेएम वर्षा शर्मा ने बताया कि इस बार कुल 29,808 मुकदमों को लिया गया था जिनमें से 26,997 मुकदमों को पानीपत में लोक अदालत में निपटाया गया। लोक अदालत में निपटान की राशि 7,11,64,720 रुपये रही।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 293 वैवाहिक मामलों की सुनवाई की गई। इनमें से 93 मामलों को निस्तारित किया गया, जिसमें मतलौडा थाना क्षेत्र के एक गांव का मामला भी शामिल हैं। पति-पत्नी के बीच दो साल से विवाद चल रहा था। दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ अदालत में वाद दायर कर रखे थे, लेकिन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दोनों पक्षों की काउंसिलिंग कराकर समझौता करा दिया। अब दोनों ने एक साथ रहने का फैसला लिया है, इसके साथ ही कई अन्य मामलों को भी निस्तारित किया गया।
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राष्ट्रीय लोक अदालत में 29,808 मुकदमों में से 26,997 का हुआ निस्तारण
राष्ट्रीय लोक अदालत में लिए गए 29,808 मुकदमों में से 26,997 मुकदमों का निस्तारण कराया गया। जिसमें 7.12 करोड़ रुपये का निपटान हुआ। खास बात यह है कि लोक अदालत में सबसे अधिक 17,291 वाद यातायात चालान के निस्तारित किए गए। लोक अदालत के बेंच में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके मेहता, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र पाल सिंह, सीजेएम महेंद्र सिंह, सिविल जज जूनियर डिविजन डॉ. तरुण कुमार वर्मा, आदित्य जैन ने मुकदमो की सुनवाई की। खंडपीठ ने दुर्घटना के दावे, चेक बाउंस, बैंक वसूली, नागरिक विवादों से संबंधित सार्वजनिक उपयोगिता सेवाएं, उपभोक्ता कमीशन के केस भी शामिल हैं, और यहां तक कि घरेलू हिंसा अधिनियम आदि से संबंधित कंपाउंडेबल अपराध के आपराधिक मामलों की सुनवाई कर निस्तारित कराया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव व सीजेएम वर्षा शर्मा ने बताया कि इस बार कुल 29,808 मुकदमों को लिया गया था जिनमें से 26,997 मुकदमों को पानीपत में लोक अदालत में निपटाया गया। लोक अदालत में निपटान की राशि 7,11,64,720 रुपये रही।
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