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28 फरवरी के बाद प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर होगी कार्रवाई
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पानीपत। सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना के कारण 28 फरवरी तक प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों की सीलिंग व अवैध निर्माण कार्यों पर कार्रवाई के लिए रोक लगा दी है। एचएसपीसीबी व जिला योजनाकार विभाग उद्यमियों को नोटिस तो जारी कर रहा है लेकिन कार्रवाई नहीं कर रहा है। विभागों के अनुसार इन पर 28 फरवरी के बाद कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में उद्यमियों को नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं। उद्यमियों पर चारों तरफ से मार पड़ रही है।
एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन ने उद्योगों को 30 सितंबर तक पीएनजी का कनेक्शन लेने का अल्टीमेटम दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने रेड व ऑरेंज जोन के उद्योगों को शहर से बाहर निकालने के निर्देश दिए हैं। सीपीसीबी उद्योगों पर कार्रवाई के लिए इंजीनियरों की मदद से उद्योगों का निरीक्षण कर जल व वायु प्रदूषण की जांच कर रहा है। सीपीसीबी अपनी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड कर रहा है और एचएसपीसीबी उसके अनुरूप उद्योगों को नोटिस जारी कर रहा है। चारों तरफ से हो रही कार्रवाई से उद्यमी खफा है। उद्यमियों का कहना है कि उन्हें परेशान किया जा रहा है।
उद्यमियों को खामियां सुधारने के लिए 28 फरवरी तक का समय-हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व जिला योजनाकार उद्योगों पर कार्रवाई के लिए एक मार्च का इंतजार रहा है। 28 फरवरी तक उद्योगों की सीलिंग पर रोक है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम उद्योगों का निरीक्षण करके अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है। 50 डाइंग हाउस का निरीक्षण हो चुका है। एचएसपीसीबी उद्योगों को 28 फरवरी तक खामियां सुधारने का नोटिस दे रहा है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
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हर जगह से परेशान किया जा रहा है : भीम
28 फरवरी तक उद्योगों की सीलिंग पर रोक है। उद्योगों से पर्यावरण को कम हानि हो रही है जबकि वाहनों से अधिक हो रही है। सीपीसीबी की टीमें उद्योगों का निरीक्षण कर रही है। उनको परेशान किया जा रहा है। उधर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन ने पीएनजी व बायोमास की अनिवार्यता कर दी है। उद्योगों पर हर तरफ से मार पड़ रही है। अब उनके पास पलायन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
- भीम राणा, प्रधान डायर्स एसोसिएशन
28 फरवरी के बाद होगी कार्रवाई : गर्ग
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने अवैध निर्माण पर 28 फरवरी तक रोक लगाई है। जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में नोटिस भी दिए जा रहे हैं।
- अशोक गर्ग, डीटीपी पानीपत
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एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन ने उद्योगों को 30 सितंबर तक पीएनजी का कनेक्शन लेने का अल्टीमेटम दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने रेड व ऑरेंज जोन के उद्योगों को शहर से बाहर निकालने के निर्देश दिए हैं। सीपीसीबी उद्योगों पर कार्रवाई के लिए इंजीनियरों की मदद से उद्योगों का निरीक्षण कर जल व वायु प्रदूषण की जांच कर रहा है। सीपीसीबी अपनी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड कर रहा है और एचएसपीसीबी उसके अनुरूप उद्योगों को नोटिस जारी कर रहा है। चारों तरफ से हो रही कार्रवाई से उद्यमी खफा है। उद्यमियों का कहना है कि उन्हें परेशान किया जा रहा है।
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उद्यमियों को खामियां सुधारने के लिए 28 फरवरी तक का समय-हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व जिला योजनाकार उद्योगों पर कार्रवाई के लिए एक मार्च का इंतजार रहा है। 28 फरवरी तक उद्योगों की सीलिंग पर रोक है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम उद्योगों का निरीक्षण करके अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है। 50 डाइंग हाउस का निरीक्षण हो चुका है। एचएसपीसीबी उद्योगों को 28 फरवरी तक खामियां सुधारने का नोटिस दे रहा है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
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हर जगह से परेशान किया जा रहा है : भीम
28 फरवरी तक उद्योगों की सीलिंग पर रोक है। उद्योगों से पर्यावरण को कम हानि हो रही है जबकि वाहनों से अधिक हो रही है। सीपीसीबी की टीमें उद्योगों का निरीक्षण कर रही है। उनको परेशान किया जा रहा है। उधर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन ने पीएनजी व बायोमास की अनिवार्यता कर दी है। उद्योगों पर हर तरफ से मार पड़ रही है। अब उनके पास पलायन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
- भीम राणा, प्रधान डायर्स एसोसिएशन
28 फरवरी के बाद होगी कार्रवाई : गर्ग
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने अवैध निर्माण पर 28 फरवरी तक रोक लगाई है। जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में नोटिस भी दिए जा रहे हैं।
- अशोक गर्ग, डीटीपी पानीपत