{"_id":"6286ab9bac62e337e11c8e60","slug":"acs-got-the-dental-room-closed-in-the-inspection-reprimanded-panipat-news-knl1087562101","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसीएस को निरीक्षण में डेंटल रूम मिला बंद, लगाई फटकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसीएस को निरीक्षण में डेंटल रूम मिला बंद, लगाई फटकार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पानीपत। स्वास्थ्य विभाग के एसीएस (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) राजीव अरोड़ा ने बृहस्पतिवार को सिविल अस्पताल का निरीक्षण किया।
इस दौरान डेंटल रूम बंद मिलने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई। कैंसर की रोकथाम के लिए सभी तरह जांच करने का निर्देश दिया। पार्क की दयनीय हालत पर भड़क गए। हॉल में अंधेरा होने की वजह उन्हें अधिकारी नहीं बता पाए। बाद में उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की।
दोपहर करीब सवा तीन बजे एसीएस सिविल अस्पताल पहुंचे। सबसे पहले आपात काल वार्ड का निरीक्षण किया। वहां डॉक्टरों से बात की और रिकार्ड चेक किया। इस दौरान उन्होंने सिविल अस्पताल के अधिकारियों से टेंडल विभाग और डॉक्टर के बारे में पूछताछ की। कहा कि वहां ले चलो, जिस पर उन्हें बताया गया कि डेंटल रूम बंद है। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब निरीक्षण जारी है तो डेंटल रूम बंद क्यों हैं। इसके बाद ओपीडी का वक्त पूछा और दोपहर दो बजे तक ही ओपीडी बताए जाने के बाद अस्पताल के कर्मचारियों से बातचीत की। उनके काम के बारे में पूछा। करीब एक घंटे के निरीक्षण के बाद सिविल अस्पताल में अधिकारियों के साथ बैठक करने चले गए।
कैंसर जांच की संख्या कम होने पर भी एसीएस ने नाराजगी जताई। कैंसर जांच की जिम्मेदारी निभा रही महिला कर्मचारी से पूछा कि कितनी जांच हो चुकी है। जवाब मिला- 25 हजार। इस पर एसीएस ने कहा कि पानीपत की 14 लाख की जनसंख्या में अब तक सिर्फ 25 हजार लोगों की ही जांच क्यों हुई है। उन्होंने कहा कि कैंसर तो किसी को भी हो सकता है। ऐसे में सभी की जांच सुनिश्चित की जाए।
विज्ञापन
आइसोलेशन वार्ड के हॉल में एक भी लाइट नहीं जल रही थी। इसे निरीक्षण से पहले ठीक नहीं कराया गया था। एसीएस ने कर्मचारियों से लाइट के बारे में पूछा लेकिन वे जवाब नहीं दे सके। इसके बाद उन्होंने अंधेरे में ही डॉक्टरों से कोरोना के साथ ही अन्य टीकाकरण के बारे में जानकारी ली। इमरजेंसी वार्ड के साथ बने पार्क की खस्ता हालत देखकर एसीएस ने कहा घास है न पेड़ पौधे। कबाड़ा बना रखा है इस पार्क को। इसमें जल्द काम कराया जाए।
खून एवं अन्य फ्लूड की जांच के लिए एससीएस ने ऑटोमेटेड बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन का उद्घाटन किया। इस मशीन का नाम ईबीआरए ईएम-200 है। इसमें एक साथ कई सैंपलों की जांच की जा सकती है।
विज्ञापन
इस दौरान डेंटल रूम बंद मिलने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई। कैंसर की रोकथाम के लिए सभी तरह जांच करने का निर्देश दिया। पार्क की दयनीय हालत पर भड़क गए। हॉल में अंधेरा होने की वजह उन्हें अधिकारी नहीं बता पाए। बाद में उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की।
दोपहर करीब सवा तीन बजे एसीएस सिविल अस्पताल पहुंचे। सबसे पहले आपात काल वार्ड का निरीक्षण किया। वहां डॉक्टरों से बात की और रिकार्ड चेक किया। इस दौरान उन्होंने सिविल अस्पताल के अधिकारियों से टेंडल विभाग और डॉक्टर के बारे में पूछताछ की। कहा कि वहां ले चलो, जिस पर उन्हें बताया गया कि डेंटल रूम बंद है। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब निरीक्षण जारी है तो डेंटल रूम बंद क्यों हैं। इसके बाद ओपीडी का वक्त पूछा और दोपहर दो बजे तक ही ओपीडी बताए जाने के बाद अस्पताल के कर्मचारियों से बातचीत की। उनके काम के बारे में पूछा। करीब एक घंटे के निरीक्षण के बाद सिविल अस्पताल में अधिकारियों के साथ बैठक करने चले गए।
विज्ञापन
कैंसर जांच की संख्या कम होने पर भी एसीएस ने नाराजगी जताई। कैंसर जांच की जिम्मेदारी निभा रही महिला कर्मचारी से पूछा कि कितनी जांच हो चुकी है। जवाब मिला- 25 हजार। इस पर एसीएस ने कहा कि पानीपत की 14 लाख की जनसंख्या में अब तक सिर्फ 25 हजार लोगों की ही जांच क्यों हुई है। उन्होंने कहा कि कैंसर तो किसी को भी हो सकता है। ऐसे में सभी की जांच सुनिश्चित की जाए।
विज्ञापन
आइसोलेशन वार्ड के हॉल में एक भी लाइट नहीं जल रही थी। इसे निरीक्षण से पहले ठीक नहीं कराया गया था। एसीएस ने कर्मचारियों से लाइट के बारे में पूछा लेकिन वे जवाब नहीं दे सके। इसके बाद उन्होंने अंधेरे में ही डॉक्टरों से कोरोना के साथ ही अन्य टीकाकरण के बारे में जानकारी ली। इमरजेंसी वार्ड के साथ बने पार्क की खस्ता हालत देखकर एसीएस ने कहा घास है न पेड़ पौधे। कबाड़ा बना रखा है इस पार्क को। इसमें जल्द काम कराया जाए।
खून एवं अन्य फ्लूड की जांच के लिए एससीएस ने ऑटोमेटेड बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन का उद्घाटन किया। इस मशीन का नाम ईबीआरए ईएम-200 है। इसमें एक साथ कई सैंपलों की जांच की जा सकती है।