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Panipat News: नौकरी के नाम पर ठगने का अरोपी गिरफ्तार
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
पानीपत। थाना माडल टाउन की आठ मरला चौकी पुलिस ने गांव बिंझौल निवासी युवक से रेलवे में टिकट कलेक्टर लगाने के नाम पर 6.33 लाख रुपये की ठगी करने के आरोपी जितेंद्र उर्फ जीतू निवासी डाहर को शनिवार देरशाम गोहाना रोड फ्लाईओवर पुल के नीचे गिरफ्तार किया।
आरोपी के कब्जे से 10 हजार रुपये नकदी बरामद कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे पूछताछ के लिए तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। आठ मरला चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर संदीप ने बताया कि गांव बिंझौल निवासी जयपाल ने सीएम विंडो पर दी शिकायत में बताया था कि उसका बेटा सचिन माडल टाउन में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था। इसी दौरान वर्ष 2021 में सचिन की गांव डाहर निवासी जितेंद्र उर्फ जीतू से मुलाकात हुई थी।
सचिन को जितेंद्र उर्फ जीतू ने बताया रेलवे विभाग में उसकी बड़े अफसरों से जान पहचान है, वह रेलवे में सरकारी नौकरी दिलवाने का काम करता है। बेटे सचिन ने यह बात उसको बताई तो वह अप्रैल 2021 में सचिन के साथ बिंझौल मोड़ पर जितेंद्र उर्फ जीतू से मिला। मुलाकात कर जितेंद्र उर्फ जीतू ने उसको आश्वासन दिया की उसके रिश्तेदार रेलवे विभाग में बड़े पदों पर है वह सचिन को नौकरी दिलवा देगा। जितेंद्र उर्फ जीतू ने सचिन को रेलवे विभाग में टिकट कलेक्टर की नौकरी लगवाने के उससे 7.50 लाख रुपये मागें।
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उसने इसके लिए हां कर दी और अलग-अलग तारीख में जितेंद्र उर्फ जीतू के खाते में कुल 6.33 लाख रुपये भेज दिए। उक्त नकदी लेने के बाद जितेंद्र उर्फ जीतू ने एक ज्वाइनिंग लेटर दिया। 21 अक्टूबर को वह बेटे सचिन के साथ उत्तर रेलवे दिल्ली गया। वहां उसको पता चला कि जितेंद्र ने जो ज्वाइनिंग लेटर उनको दिया है, वह फर्जी है। रुपये वापस मांगने पर आरोपी जान से मारने की धमकी दी।
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आरोपी के कब्जे से 10 हजार रुपये नकदी बरामद कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे पूछताछ के लिए तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। आठ मरला चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर संदीप ने बताया कि गांव बिंझौल निवासी जयपाल ने सीएम विंडो पर दी शिकायत में बताया था कि उसका बेटा सचिन माडल टाउन में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था। इसी दौरान वर्ष 2021 में सचिन की गांव डाहर निवासी जितेंद्र उर्फ जीतू से मुलाकात हुई थी।
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सचिन को जितेंद्र उर्फ जीतू ने बताया रेलवे विभाग में उसकी बड़े अफसरों से जान पहचान है, वह रेलवे में सरकारी नौकरी दिलवाने का काम करता है। बेटे सचिन ने यह बात उसको बताई तो वह अप्रैल 2021 में सचिन के साथ बिंझौल मोड़ पर जितेंद्र उर्फ जीतू से मिला। मुलाकात कर जितेंद्र उर्फ जीतू ने उसको आश्वासन दिया की उसके रिश्तेदार रेलवे विभाग में बड़े पदों पर है वह सचिन को नौकरी दिलवा देगा। जितेंद्र उर्फ जीतू ने सचिन को रेलवे विभाग में टिकट कलेक्टर की नौकरी लगवाने के उससे 7.50 लाख रुपये मागें।
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उसने इसके लिए हां कर दी और अलग-अलग तारीख में जितेंद्र उर्फ जीतू के खाते में कुल 6.33 लाख रुपये भेज दिए। उक्त नकदी लेने के बाद जितेंद्र उर्फ जीतू ने एक ज्वाइनिंग लेटर दिया। 21 अक्टूबर को वह बेटे सचिन के साथ उत्तर रेलवे दिल्ली गया। वहां उसको पता चला कि जितेंद्र ने जो ज्वाइनिंग लेटर उनको दिया है, वह फर्जी है। रुपये वापस मांगने पर आरोपी जान से मारने की धमकी दी।