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Panipat News: आरोपी क्लर्क ने पूछताछ में खोले राज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 22 Sep 2024 06:59 AM IST
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Accused clerk revealed secrets during interrogation
पानीपत। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने नगर निगम की पालिका बाजार स्थित संपत्तिकर शाखा से आठ हजार की रिश्वत के साथ रंगे हाथों पकड़े आरोपी क्लर्क को शनिवार को सीजेएम कोर्ट में पेश किया। यहां से आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस दौरान एसीबी ने पूछताछ में आरोपी क्लर्क से मामले में संलिप्त अन्य कर्मचारियों के नाम भी उगलवा लिए हैं। जिनकी अब एसीबी जांच पड़ताल करेगी। त्रुटि पर आपत्ति दर्ज करवाने के बाद ममाले में संलिप्त कर्मचारियों का पर्दाफाश किया जाएगा। मामले में आरोपी क्लर्क के साथ कई अन्य कर्मचारियों पर भी एसीबी की कार्रवाई हो सकती है। हालांकि कर शाखा में संलिप्त और गैर संलिप्त कर्मचारियों का डर शुक्रवार को रेड के दौरान ही खुलकर सामने आ गया था। जब एसीबी की रेड हुई तो मीटिंग के नाम पर तकरीबन सभी कर्मचारी टैक्स ब्रांच छोड़कर चले गए थे। जब तक एसीबी टीम टैक्स ब्रांच में नहीं गई कोई भी कर्मचारी निगम कार्यालय के अंदर दाखिल नहीं हुआ।
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गौरतलब है कि एक दिन पहले एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने संपत्तिकर शाखा में कार्यरत अजय कुमार को आठ हजार की रिश्वत के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। आरोपी ने पूरेवाल कॉलोनी निवासी महेंद्र कुमार से उसकी प्रॉपर्टी आईडी की त्रुटि को ठीक करवाने के लिए 12 हजार रुपये की मांग की थी। जिसकी महेंद्र कुमार ने एसीबी को शिकायत दी। इसके आधार पर एसीबी करनाल और पानीपत ने शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे पालिका बाजार निगम कार्यालय में दबिश दी। यहां से आरोपी कर्मचारी को रिश्वत के आठ हजार रुपये के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया। करीब साढ़े तीन बजे एसीबी टीम आरोपी को गिरफ्तार कर अपने साथ लेकर चली गई। शनिवार को टीम ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। आरोपी क्लर्क अजय नगर पालिका समालखा में कार्यरत था। जिसे करीब दो साल पहले पानीपत नगर निगम में भेजा गया था। यहां शुरू दिन से आरोपी कमरा नंबर एक में संपत्ति कर आईडी की त्रुटियों पर आपत्ति दर्ज करवाने का काम करता था।
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कई बार उठ चुका है पर्दा
शहर में करीब 1.85 लाख प्रॉपर्टी आईडी हैं। याशी कंपनी ने इसका सर्वे किया था। इसके बाद भी काफी अनियमितता सामने आई थी। छह साल में लोगों की प्रॉपर्टी आईडी ठीक नहीं हो पाई हैं। निगम में प्रॉपर्टी आईडी ठीक कराने में बड़ा खेल चल रहा है।
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-दलालों के सहारे चल रही है पूरी शाखा


एसीबी इंस्पेक्टर हेमराज ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। एसीबी अब संलिप्त अन्य कर्मचारियों अधिकारियों की धरपकड़ के प्रयास करेगी।
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