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दो चरणों की परीक्षा में गैरहाजिर बच्चों को नहीं मिलेगा तीसरा मौका
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पानीपत। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से आयोजित की जा रही कक्षा 10 और 12वीं की बोर्ड की परीक्षाएं जून के मध्य तक चलेंगी। इनके लिए देशभर के करीब 35 लाख जबकि जिले में करीब 11 हजार छात्र-छात्राओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। वहीं सीबीएसई का कहना है कि फिलहाल परीक्षाएं सुचारु रूप से चल रहीं हैं और अभी इस प्रकार की कोई समस्या नहीं है।
सवाल है कि ऐसे छात्रों का क्या होगा, जो दूसरे चरण की इस परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे। ऐसे छात्रों का परिणाम कैसे तैयार होगा, जो पहले और दूसरे चरण में नहीं आ सके। सीबीएसई के मुताबिक, जो छात्र न तो पहले चरण की परीक्षा में शामिल हुए न ही दूसरे चरण की परीक्षा दी। उनको अब तीसरा अवसर नहीं दिया जा सकता। ऐसे छात्रों को दोबारा उसी कक्षा में पढ़ना होगा। ऐसे छात्र अगले साल होने वाली सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा में बैठ सकेंगे। इन छात्रों को इस वर्ष कंपार्टमेंट परीक्षा में बैठने की अनुमति भी नहीं दी जाएगी।
ये परीक्षा का दूसरा चरण है, जबकि पहला चरण पिछले वर्ष नवंबर-दिसंबर के दौरान आयोजित किया गया था। यह बोर्ड परीक्षा ऑफलाइन मोड में आयोजित की जा रही है। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज के मुताबिक दूसरे चरण में इस बार 10वीं और 12वीं की परीक्षा एक शिफ्ट में आयोजित की जा रही है। सीबीएसई 50 फीसदी सिलेबस के लिए यह परीक्षाएं आयोजित कर रहा है। शेष 50 प्रतिशत सिलेबस के लिए परीक्षाएं पिछले वर्ष पहले चरण में आयोजित की जा चुकी हैं।
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सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षाओं के लिए कंपार्टमेंट परीक्षा पात्रता और रिजल्ट संबंधी गाइडलाइन बनाई है। हालांकि यदि कोई छात्र किसी एक चरण की परीक्षाएं पूरी दे चुका है और कोरोना के कारण दूसरे चरण की परीक्षा नहीं दे पाया तो ऐसे छात्रों के लिए मूल्यांकन के विशेष तरीके उपलब्ध कराए जा सकते हैं। सीबीएसई के मुताबिक ऐसे छात्रों के लिए विकल्प उपलब्ध होंगे और उन्हें एसेंशियल रिपीट की कैटेगरी में नहीं रखा जाएगा।
रिजल्ट से असंतुष्ट छात्रों के लिए है ये व्यवस्था
सीबीएसई ने परिणाम से असंतुष्ट छात्रों के लिए पुनर्मूल्यांकन की व्यवस्था की है। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल सक्रिय किया जाएगा। परीक्षा परिणाम जारी होने के उपरांत यह पोर्टल 2-3 दिनों तक सक्रिय रहेगा। छात्रों को ऑनलाइन पंजीकरण करने के लिए गैर-वापसी योग्य 100 रुपये प्रति प्रश्न का पुनर्मूल्यांकन शुल्क देना होगा। यदि छात्रों के अंकों में कोई भी बदलाव पाया गया तो वह सीबीएसई रिजल्ट में भी दिखाई देगा। पुनर्मूल्यांकन के बाद रिजल्ट को अंतिम माना जाएगा। सीबीएसई का कहना है कि पुनर्मूल्यांकन के खिलाफ कोई और अपील पर विचार नहीं किया जाएगा।
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सवाल है कि ऐसे छात्रों का क्या होगा, जो दूसरे चरण की इस परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे। ऐसे छात्रों का परिणाम कैसे तैयार होगा, जो पहले और दूसरे चरण में नहीं आ सके। सीबीएसई के मुताबिक, जो छात्र न तो पहले चरण की परीक्षा में शामिल हुए न ही दूसरे चरण की परीक्षा दी। उनको अब तीसरा अवसर नहीं दिया जा सकता। ऐसे छात्रों को दोबारा उसी कक्षा में पढ़ना होगा। ऐसे छात्र अगले साल होने वाली सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा में बैठ सकेंगे। इन छात्रों को इस वर्ष कंपार्टमेंट परीक्षा में बैठने की अनुमति भी नहीं दी जाएगी।
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ये परीक्षा का दूसरा चरण है, जबकि पहला चरण पिछले वर्ष नवंबर-दिसंबर के दौरान आयोजित किया गया था। यह बोर्ड परीक्षा ऑफलाइन मोड में आयोजित की जा रही है। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज के मुताबिक दूसरे चरण में इस बार 10वीं और 12वीं की परीक्षा एक शिफ्ट में आयोजित की जा रही है। सीबीएसई 50 फीसदी सिलेबस के लिए यह परीक्षाएं आयोजित कर रहा है। शेष 50 प्रतिशत सिलेबस के लिए परीक्षाएं पिछले वर्ष पहले चरण में आयोजित की जा चुकी हैं।
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सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षाओं के लिए कंपार्टमेंट परीक्षा पात्रता और रिजल्ट संबंधी गाइडलाइन बनाई है। हालांकि यदि कोई छात्र किसी एक चरण की परीक्षाएं पूरी दे चुका है और कोरोना के कारण दूसरे चरण की परीक्षा नहीं दे पाया तो ऐसे छात्रों के लिए मूल्यांकन के विशेष तरीके उपलब्ध कराए जा सकते हैं। सीबीएसई के मुताबिक ऐसे छात्रों के लिए विकल्प उपलब्ध होंगे और उन्हें एसेंशियल रिपीट की कैटेगरी में नहीं रखा जाएगा।
रिजल्ट से असंतुष्ट छात्रों के लिए है ये व्यवस्था
सीबीएसई ने परिणाम से असंतुष्ट छात्रों के लिए पुनर्मूल्यांकन की व्यवस्था की है। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल सक्रिय किया जाएगा। परीक्षा परिणाम जारी होने के उपरांत यह पोर्टल 2-3 दिनों तक सक्रिय रहेगा। छात्रों को ऑनलाइन पंजीकरण करने के लिए गैर-वापसी योग्य 100 रुपये प्रति प्रश्न का पुनर्मूल्यांकन शुल्क देना होगा। यदि छात्रों के अंकों में कोई भी बदलाव पाया गया तो वह सीबीएसई रिजल्ट में भी दिखाई देगा। पुनर्मूल्यांकन के बाद रिजल्ट को अंतिम माना जाएगा। सीबीएसई का कहना है कि पुनर्मूल्यांकन के खिलाफ कोई और अपील पर विचार नहीं किया जाएगा।