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Panipat News: 94 वर्षीय कुली किशनचंद को आरोहण हरियाणा रत्न सम्मान
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कर्मचारी किशनचंद को सम्मानित करते आरोहण फाउंडेशन के सदस्य। संस्था
- फोटो : Department
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। उम्र 94 साल, लेकिन हौसला आज भी जवान है। वर्षों से रेलवे स्टेशन पर कुली का काम कर रहे किशनचंद आज भी मेहनत को अपने जीवन का आधार बनाए हुए हैं। उनकी कर्मठता, ईमानदारी और सेवाभाव को देखते हुए आरोहण फाउंडेशन ने रेलवे स्टेशन पहुंचकर उन्हें आरोहण हरियाणा रत्न सम्मान-2026 से नवाजा।
फाउंडेशन की टीम ने उन्हें प्रमाण पत्र, शॉल, नकद राशि, हार और पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक एवं ललित कला प्राध्यापक प्रदीप मलिक ने कहा कि किशनचंद ने अपने जीवन का लंबा समय मेहनत और ईमानदारी से कुली का काम करते हुए बिताया है। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने श्रम को पहचान बनाया और परिवार की जिम्मेदारियां निभाईं।
उन्होंने कहा कि समाज के निर्माण में केवल बड़े पदों पर बैठे लोगों का ही योगदान नहीं होता, बल्कि मेहनत-मजदूरी करने वाला हर व्यक्ति समाज की व्यवस्था को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। किशनचंद जैसे मेहनतकश लोगों का जीवन नई पीढ़ी को मेहनत, ईमानदारी और जिम्मेदारी का संदेश देता है।
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कला अध्यापक सुरेंद्र राठी ने कहा कि आरोहण फाउंडेशन का उद्देश्य ऐसे गुमनाम नायकों को सम्मान देना है, जिन्होंने बिना किसी अपेक्षा के अपने श्रम और समर्पण से समाज की सेवा की। फाउंडेशन आगे भी मेहनतकश और प्रेरणादायी लोगों को सम्मानित करता रहेगा।
इस दौरान उपस्थित लोगों ने किशनचंद के संघर्ष, कर्मठता और सेवाभाव की सराहना की। फाउंडेशन की ओर से उनके स्वस्थ, सुखी और सम्मानजनक जीवन की कामना की गई।
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पानीपत। उम्र 94 साल, लेकिन हौसला आज भी जवान है। वर्षों से रेलवे स्टेशन पर कुली का काम कर रहे किशनचंद आज भी मेहनत को अपने जीवन का आधार बनाए हुए हैं। उनकी कर्मठता, ईमानदारी और सेवाभाव को देखते हुए आरोहण फाउंडेशन ने रेलवे स्टेशन पहुंचकर उन्हें आरोहण हरियाणा रत्न सम्मान-2026 से नवाजा।
फाउंडेशन की टीम ने उन्हें प्रमाण पत्र, शॉल, नकद राशि, हार और पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक एवं ललित कला प्राध्यापक प्रदीप मलिक ने कहा कि किशनचंद ने अपने जीवन का लंबा समय मेहनत और ईमानदारी से कुली का काम करते हुए बिताया है। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने श्रम को पहचान बनाया और परिवार की जिम्मेदारियां निभाईं।
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उन्होंने कहा कि समाज के निर्माण में केवल बड़े पदों पर बैठे लोगों का ही योगदान नहीं होता, बल्कि मेहनत-मजदूरी करने वाला हर व्यक्ति समाज की व्यवस्था को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। किशनचंद जैसे मेहनतकश लोगों का जीवन नई पीढ़ी को मेहनत, ईमानदारी और जिम्मेदारी का संदेश देता है।
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कला अध्यापक सुरेंद्र राठी ने कहा कि आरोहण फाउंडेशन का उद्देश्य ऐसे गुमनाम नायकों को सम्मान देना है, जिन्होंने बिना किसी अपेक्षा के अपने श्रम और समर्पण से समाज की सेवा की। फाउंडेशन आगे भी मेहनतकश और प्रेरणादायी लोगों को सम्मानित करता रहेगा।
इस दौरान उपस्थित लोगों ने किशनचंद के संघर्ष, कर्मठता और सेवाभाव की सराहना की। फाउंडेशन की ओर से उनके स्वस्थ, सुखी और सम्मानजनक जीवन की कामना की गई।