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बारिश में गिरी थी प्रदूषण की परत, दो दिन बाद 159 पहुंचा एक्यूआई
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पानीपत। तीन दिन पहले हुई हल्की बारिश ने प्रदूषण की परत को तोड़ दिया था। परत टूटने से धुआं व हवा के कण ऊपर उठ गए और पर्यावरण साफ हो गया। रविवार को शहर का एक्यूआई 44 व सोमवार को महज 78 रहा, जो स्वास्थ्य के लिए बेहतर है, लेकिन बुधवार को दोबारा फिर एक्यूआई बढ़कर 159 पहुंच गया, ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
बुधवार को रोहतक व हिसार के बाद पानीपत प्रदेश का तीसरा प्रदूषित शहर रहा। रोहतक का एक्यूआई 225 व हिसार का एक्यूआई 202 दर्ज किया गया। पर्यावरण एक्सपर्ट के अनुसार नवंबर माह के अंत तक प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी होगी जैसे-जैसे तापमान गिरेगा प्रदूषण स्तर बढ़ेगा। इसका कारण पराली जलाने जैसी घटनाएं व त्योहारी सीजन में बढ़ने वाली वाहनों की संख्या भी है। रात इसलिए इनको मॉनिटर भी नहीं किया जा रहा। बॉयलर में जलने वाला कचरा भी प्रदूषण स्तर को बढ़ा रहा है।
पिछले 10 दिन का एक्यूआई-
दिनांक एक्यूआई
10 अक्तूबर 157
11 अक्तूबर 172
12 अक्तूबर 194
13 अक्तूबर 280
14 अक्तूबर 226
15 अक्तूबर 258
16 अक्तूबर 252
17 अक्तूबर 352
18 अक्तूबर 44
19 अक्तूबर 78
20 अक्तूबर 159
बारिश से प्रदूषण की परत टूटी : डॉ. राजेंद्र
प्रदूषण मामलों के एक्सपर्ट डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि मौसम में गिरावट आने के कारण एक परत बन जाती है। ऊपर का तापमान गर्म होता है जबकि नीचे का ठंडा होता है। इसलिए धूल के कण व धुआं ऊपर नहीं जा रहा था। बरसात से वो परत टूट गई थी। इसलिए प्रदूषण के स्तर में गिरावट आई है। अब दोबारा प्रदूषण स्तर बढ़ने लगा है। इसका कारण खेतों में हो रहा काम व वाहनों का आवागमन बढ़ना है।
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बुधवार को रोहतक व हिसार के बाद पानीपत प्रदेश का तीसरा प्रदूषित शहर रहा। रोहतक का एक्यूआई 225 व हिसार का एक्यूआई 202 दर्ज किया गया। पर्यावरण एक्सपर्ट के अनुसार नवंबर माह के अंत तक प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी होगी जैसे-जैसे तापमान गिरेगा प्रदूषण स्तर बढ़ेगा। इसका कारण पराली जलाने जैसी घटनाएं व त्योहारी सीजन में बढ़ने वाली वाहनों की संख्या भी है। रात इसलिए इनको मॉनिटर भी नहीं किया जा रहा। बॉयलर में जलने वाला कचरा भी प्रदूषण स्तर को बढ़ा रहा है।
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पिछले 10 दिन का एक्यूआई-
दिनांक एक्यूआई
10 अक्तूबर 157
11 अक्तूबर 172
12 अक्तूबर 194
13 अक्तूबर 280
14 अक्तूबर 226
15 अक्तूबर 258
16 अक्तूबर 252
17 अक्तूबर 352
18 अक्तूबर 44
19 अक्तूबर 78
20 अक्तूबर 159
बारिश से प्रदूषण की परत टूटी : डॉ. राजेंद्र
प्रदूषण मामलों के एक्सपर्ट डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि मौसम में गिरावट आने के कारण एक परत बन जाती है। ऊपर का तापमान गर्म होता है जबकि नीचे का ठंडा होता है। इसलिए धूल के कण व धुआं ऊपर नहीं जा रहा था। बरसात से वो परत टूट गई थी। इसलिए प्रदूषण के स्तर में गिरावट आई है। अब दोबारा प्रदूषण स्तर बढ़ने लगा है। इसका कारण खेतों में हो रहा काम व वाहनों का आवागमन बढ़ना है।
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