पानीपत: डेढ़ साल के बेटे संग ट्रेन के आगे कूदा पत्नी के मायके जाने से आहत श्रमिक, दोनों की मौत
प्रवासी मजदूर पत्नी के मायके जाने से आहत था। हरियाणा के पानीपत जिले के गांव दीवाना के पास की घटना है।
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हरियाणा के पानीपत जिले के गांव खलीला में किराये पर रहने वाले एक श्रमिक ने गांव दीवाना के पास डेढ़ साल के बेटे को गोद में लेकर सुपरफास्ट ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों के शवों के हिस्से 50 फीट दूर तक बिखर गए। पत्नी के झगड़ा कर मायके जाने से प्रवासी पति आहत था।
हादसे के बाद ट्रेन के चालक ने ट्रेन रोककर इसकी सूचना जीआरपी को दी। जीआरपी ने मौके पर शवों के टुकड़ों को समेटा और कब्जे में लिया। जीआरपी ने शवों को सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। शनिवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा।
मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला लालबाबू (30) समालखा के गांव खलीला में तीन माह से रह रहा था। उसकी पत्नी पुतुल देवी और डेढ़ साल का बेटा शंकरलाल भी साथ रहते थे। लालबाबू गांव के ही एक ईंट-भट्टा पर काम करता था। उसकी पत्नी 14 जनवरी को उससे झगड़ा कर मायके चली गई थी।
उसने पता किया तो वह अपने मायका नहीं पहुंची। इसको लेकर लालबाबू परेशान रहने लगा। वह शराब भी पीने लगा। इसी परेशानी के चलते उसने अपने बेटे को भट्टे स्थित झुग्गी से उठाया और वहां से चला गया। दोपहर को लाल बाबू गांव दीवाना के पास बेटे को गोद में लेकर सुपरफास्ट ट्रेन के आगे कूद गया।
कई बार पहले भी मायके गई पत्नी
लालबाबू की शादी पुतुल देवी से वर्ष 2012 में हुई थी। शादी के बाद से ही दंपती के बीच काफी झगड़ा रहता था। पत्नी लालबाबू पर शराब पीने और झगड़ा करने के आरोप लगाती थी। वह झगड़ा कर घर से चली जाती थी। शादी के बाद से वह करीब 20 बार लंबे-लंबे समय के लिए घर से चली गई। काफी बार पंचायत भी हुई। मगर उनके झगड़े का कोई हल नहीं निकला। लालबाबू का तीन साल का बेटा दादा-दादी के पास बिहार में ही रहता है।