फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   प्रदर्शन के बाद दीपेंद्र को सुनाई व्यथा

प्रदर्शन के बाद दीपेंद्र को सुनाई व्यथा

Wed, 08 May 2013 05:30 AM IST
Panipat
Panipat Updated Wed, 08 May 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
पानीपत। बुआना लाखू के सरपंच मोहन सिंह की बहाली को लेकर ग्रामीणों ने लघु सचिवालय का वीआईपी गेट घेरा और फिर असंध पहुंचकर सांसद दीपेंद्र हुड्डा के सामने अपना पक्ष रखा। उन्होंने सरपंच को बहाल करने और दूसरी पार्टी के दबाव में आकर दर्ज मामला वापस लेने की मांग की। विरोध के चलते दो घंटे तक वीआईपी गेट से बंद रहा।
विज्ञापन

बुआना लाखू के सैकड़ों ग्रामीण मंगलवार सुबह लघु सचिवालय पहुंच गए। महिला, पुरुष और युवा वर्ग वीआईपी गेट पर कब्जा जमाकर बैठ गया और प्रशासन विरोधी नारेबाजी की। ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन से अधिकारियाें को अपने कार्यालयों में पहुंचने में भी परेशानी आई। उनको दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ा। ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ते देख डीएसपी मुख्यालय राजबीर हुड्डा और थाना शहर प्रभारी विशाल कुमार पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन देकर शांत करना चाहा। लेकिन वे अड़े रहे।
विज्ञापन

जसवंत सिंह, रमेश, बिशन सिंह और रणसिंह ने कहा कि सरपंच मोहन सिंह निर्दोष है। कुछ लोगों ने उसको मामले में फंसा दिया। मामले में तहसीलदार गांव में नहीं पहुंचे, बल्कि अपने स्तर पर दूसरी पार्टी से मिलकर जांच पूरी कर ली। अधिकारियों ने खुद को बचाने के लिए सरपंच को सस्पेंड कर दिया। यहां से वे सीधे असंध पहुंचे, जहां पर पहले से मौजूद रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा के सामने अपना पक्ष रखा और सरपंच को बहाल करने की मांग की। दीपेंद्र हुड्डा ने ग्रामीणों को उचित कार्रवाई करने का आश्वासन देकर शांत किया। इस मौके पर प्रेम, अनिल, रामफल, सुनील, कविता, कमलेश और धर्मो सहित ग्रामीण मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed