{"_id":"84-54069","slug":"Panipat-54069-84","type":"story","status":"publish","title_hn":"निर्मल गांव में पानी निकासी नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निर्मल गांव में पानी निकासी नहीं
Panipat
Updated Tue, 16 Apr 2013 05:30 AM IST
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सनौली। निर्मल गांव सनौली खुर्द में गंदे पानी की निकासी की समस्या बनी है। प्रशासन की अनदेखी से परेशान ग्रामीणों ने जमकर प्रदर्शन किया और गंदा पानी निकासी की मांग की।
निर्मल गांव सनौली खुर्द के ग्रामीण सोमवार को पानी निकासी नहीं होने पर घरों से बाहर निकल आए और प्रशासन विरोधी जमकर नारेबाजी की। ग्रामीण राकेश, सुरेंद्र, राजेश, विनोद, बीरा, रत्न, राका और रेशमा ने बताया कि गांव की आधा दर्जन गलियों में पिछले पांच वर्षों से गंदा पानी भरा है। गंदे पानी की निकासी नहीं होने पर घराें में आना-जाना भी दूभर हो गया है। गली को बनाने के लिए अनेक बार हलका विधायक, सांसद, पंचायत अधिकारी, डीसी को खुले दरबार में गली निर्माण कराने की मांग कर चुके है, लेकिन उनको आश्वासनों के सिवाय कोई समाधान नहीं मिला। पानी निकासी नहीं होने से जगह-जगह गंदा पानी भरा है। जिससे मच्छरों की भरमार हो रही है। गांव में बीमारी फैलने का डर बना हुआ है। गांव में गंदे पानी की निकासी के लिए नाला भी नहीं है। इस बारे में ग्राम सरपंच संजय त्यागी का कहना है कि गांव मे गंदे पानी की निकासी के लिए नाले का जल्द ही निर्माण कराया जाएगा और गलियां भी बनाई जाएंगी।
बस सेवा शुरू करने के लिए प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
सनौली। क्षेत्र के गांव राणा माजरा अैर गढ़ी बेसक के ग्रामीणों ने बस सुविधा नहीं मिलने पर प्रदर्शन कर सरकार और प्रशासन विरोधी नारेबाजी की।
गांव राणा माजरा और गढ़ी बेसक में लंबे समय से बस नहीं चल रहीं। इससे ग्रामीणों में लंबे समय से परेशानी हो रही है। रोडवेज अधिकारी ग्रामीणों की मांग को अनदेखा कर रहे हैं। ग्रामीण हजी सिलम, साबिर, सादा, मंजूरा, रुकमा, इमरान, अख्तार, भूरा, मीना, लीला रावल, शमसाद, ने बताया कि पानीपत से गांव राणा माजरा तक प्राइवेट बस का रूट है, मगर प्राइवेट सहकारी समिति की बस गढ़ी बैसक से ही वापस चली जाती है, जबकि रूट गांव राणा माजरा तक का है। अनेक बार गांव तक बस सुविधा शुरू कराने की मांग जीएम रोडवेज, विधायक समालखा, संासद करनाल, जिला उपायुक्त को खुले दरबार में पिछले 20 वर्षों से करते आ रहे हैं, मगर उनको बस नहीं मिल पाई।
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हथियार रखने पर मालिक सहित तीन काबू
अमर उजाला ब्यूरो
मतलौडा। उरलाना कलां चौकी पुलिस ने किसी दूसरे व्यक्ति के लाइसेंसी हथियार रखने के मामले में दो लोगों समेत हथियारों के मालिक को भी गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
उरलाना कलां चौकी पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि छिछड़ाना गांव के जंगल में दो व्यक्ति अलग अलग जगहों पर संदिग्ध हालात मेें हथियारों के साथ घूम रहे हैं। एएसआई ईश्वर सिंह और एएसआई सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस की दो टीमों ने मौके पर जाकर दो युवकों को दो अलग-अलग बंदूकों के साथ हिरासत में लेकर पूछताछ की। लेकिन इनमें से कोई भी हथियारों के कागजात पेश नहीं कर पाया। पुलिस ने केवल निवासी अशोक नगर, करनाल से 12 बोर की दो नाली बंदूक और दिलबाग निवासी मुंड जिला करनाल से 312 बोर की राइफल बरामद की। उनके खिलाफ अवैध रूप से हथियार रखने के आरोप में दो अलग-अलग मामले दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा पुलिस पूछताछ में पाया कि यह दोनों लाइसेंसी हथियार दिनेश निवासी गगसीना करनाल के हैं। पुलिस ने हथियारों के मालिक दिनेश कुमार को भी गिरफ्तार कर सोमवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे भी जेल भेज दिया।
बीपीएल से वसूली प्रक्रिया शुरू
पचहत्तर लोगों को विभाग के नोटिस
मतलौडा। बीपीएल का लाभ लेने वाले लोगों से लाभ वापस लेने का काम शुरू हो गया है। पंचायत विभाग ने ऐसे 75 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। इन पर महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत सौ-सौ वर्ग गज के प्लाट हड़पने और इंदिरा आवास योजना के तहत 45 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता पाने का उल्लेख है कि कुछ लोगों ने वर्ष 2009 के दौरान हुए बीपीएल सर्वे में संबधित अधिकारियों और कर्मचारियों से मिलीभगत कर बीपीएल श्रेणी में अपने नाम दर्ज करा लिए थे। ऐसे लोगों ने सौ-सौ गज के प्लाट और 45-45 हजार रुपये की राहत राशि ले ली थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद 2011 में फिर सर्वे किया। इस सर्वे में कुछ लोगों के नाम बीपीएल सूची से काट दिए थे। हाईकोर्ट ने उनसे प्राप्त सरकारी सहायता वापस लेने के आदेश जारी किए हैं। जिसके आधार पर प्रशासन ने उनसे वूसली के लिए नोटिस जारी किए हैं।
थर्मल की सभी आठ यूनिट चली
थर्मल। पानीपत थर्मल पावर स्टेशन की लंबे समय से बंद पड़ी सभी यूनिटों को चला दिया है। सभी यूनिट अपने लोड पर आ गई हैं।
थर्मल प्लांट की यूनिट नंबर एक से चार तक को सोमवार को चला दिया गया। इससे पहले पांच और छह को चलाया गया था। यूनिट नंबर सात और आठ पहले से ही चल रही थी। इस बारे में थर्मल प्रशासन ने कहा कि जैसे ही डिमांड बढ़ी, उसके अनुसार सभी यूनिटों को चला दिया। लगातार बढ़ रही गर्मी के कारण प्रदेश में बिजली की मांग बढ़ रही है। उच्च अधिकारियों का आदेश आया तो सभी यूनिटों को चला दिया गया। इस समय थर्मल यूनिट नंबर एक से 115.6 मेगावाट, दो से 48 मेगावाट, तीन से 88 मेगावाट, चार से 100 मेगावाट, पांच से 210 मेगावाट, छह से 210 मेगावाट, सात से 250 मेगावाट व आठ से 250 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है।
वर्जन
जैसे ही बिजली की डिमांड बढ़ी उसी के अनुसार बंद पड़ी यूनिटों को चला दिया गया। थर्मल की आठों यूनिट वर्किंग में हैं।
जेपी अग्रवाल, चीफ इंजीनियर आपरेशन-दो, पानीपत थर्मल
डीसी ने लगाई कर्मियों फटकार
लघु सचिवालय में निरीक्षण करने पहुंचे डीसी
सात-आठ कर्मचारियों को किया नोटिस जारी
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। डीसी को लघु सचिवालय के निरीक्षण के दौरान सोमवार को कई विभागों में अव्यवस्थाएं मिलीं। श्रम विभाग में मिली अव्यवस्थाओं को देख डीसी भड़क गए और एक कर्मचारी की बदतमीजी पर उसको जमकर फटकार लगाई। लघु सचिवालय में यह मामला पूरे दिन चर्चा का विषय रहा। डीसी ने सात-आठ कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है।
डीसी सुबह लघु सचिवालय में कार्यालयों का निरीक्षण करने पहुंचे। उनके साथ सीटीएम डीआर कैरो और एसडीएम अश्वनी मलिक भी थे। उन्होंने शिक्षा विभा, आयुष विंग समेत श्रम विभाग कार्यालय को जांचा। शिक्षा विभाग के कार्यालय में कर्मचारी काफी तंग स्थिति में मिले। जिला शिक्षा अधिकारी के अनुरोध पर साथ लगते कमरों को देखा। इनमें कंप्यूटर और अन्य सामान रखा था और अन्य विभाग इसे स्टोर के रूप में इस्तेमाल कर रहा था। इसके बाद डीसी श्रम विभाग कार्यालय में पहुंचे। वे फैक्टरी सेफ्टी एंड हेल्थ ब्रांच में अधिकारियों को न पाकर भड़क गए। उन्होंने कमरे में तैनात स्टाफ से अधिकारियों की स्थिति जानी। बताया जा रहा है कि मौके पर तैनात दो कर्मचारियों ने डीसी को इन अधिकारियों की ठीक से स्थिति नहीं बताई। इस पर डीसी ने उनको जमकर फटकार लगाई। इसके बाद दो में से एक कर्मचारी कार्यालय छोड़कर भाग गया। डीसी ने दूसरे कर्मचारी को जमकर खरी खोटी सुनाई। श्रम विभाग में डीसी और कर्मचारी के बीच मामला लघु सचिवालय में पूरा दिन चर्चाओं का विषय रहा।
वर्जन
डीसी समीर पाल सरो ने सोमवार को लघु सचिवालय के कार्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई विभागों के सात-आठ कर्मचारी कार्यालय से नदारद मिले। ऐसे कर्मचारियों को नोटिस जारी कर दिया है। श्रम विभाग में कर्मचारी अपने अधिकारी की जानकारी नहीं दे रहे थे। एक कर्मचारी बदसलूकी करने लगा। इस पर डीसी ने उनको धमका दिया। इसके अलावा वहां पर कुछ नहीं हुआ। मैं पूरे निरीक्षण में डीसी के साथ रहा।
डीआर कैरा, सीटीएम, पानीपत
पेयजल के लिए प्रदर्शन
बाहरी कालोनियों के लोग लघु सचिवालय पर पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। बाहरी कालोनी के सैकड़ों लोगों ने पेयजल और अन्य मांगों को लेकर लघु सचिवालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और सीटीएम के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ये लोग वापस चले गए।
इनेलो सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव सूबेदार प्रताप सिंह की अगुवाई में बाहरी कालोनियों की सैकड़ों लोग भावना चौक से प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पर पहुंचे। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की और अधिकारियों से समस्या के समाधान की मांग की। सीटीएम डीआर कैरो के मार्फत राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। सूबेदार प्रताप सिंह ने कहा कि प्रशासन और सरकार बाहरी कालोनियों के साथ अनदेखी कर रही है। इसके चलते यहां पर जीना दूभर हो गया है। प्रशासन और विभाग का इस तरफ विकास का कोई ध्यान नहीं है। उन्होंने कहा कि बाहरी कालोनियों में पेयजल से लेकर गंदे पानी की निकासी तक की समस्या गंभीर है। लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है। वधावाराम कालोनी में एक माह, हरिसिंह कालोनी में 15 दिन से पेयजल पर्याप्त नहीं आ रहा। बलजीत नगर में सरकारी ट्यूबवेल का पानी सभी लोगों को नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि पानीपत की बाहरी कालोनियों को वैध किया जाए और उनकी रजिस्ट्री खोली जाए। कालोनियों की गलियों को पक्का किया जाए। गंदे पानी की निकासी के उचित प्रबंध किए जाएं। दो-तीन कालोनियों में कम से कम एक डिस्पेंसरी खोली जाए। बिजली की लटकती तारों को ठीक कर जर्जर तारों को बदला जाए। गंदे नाले को गहरा व पक्का किया जाए। कालोनियों के गरीब पात्र लोगों को सौ-सौ गज के प्लाट दिए जाए। तीन साल से कालोनियों में रहने वाले लोगों के राशन कार्ड बनाए जाएं। कालोनीवासियों की समस्या समाधान के लिए खुला दरबार लगाया जाए। प्रशासन द्वारा कैंप लगाकर लोगों को सरकार की सुविधाओं की जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन उनकी मांगों को अनदेखा करता है तो वे सड़क पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। इस मौके पर बलवान शर्मा, बलवान, रामेहर कुंडू, सुरेंद्र पांचाल, सुखबीर, कृष्ण, लाखन, तेजा, पृथ्वी, शमशेर, प्रमोद, हैप्पी, संदीप, राजू, कृष्ण प्रजापत, सतबीर, मा. महिपाल, कृष्णा देवी, महेंद्री, कांता, निर्मला, संतोष और सुदेश मौजूद रहे।
विभाजन के बाद पाकिस्तान के लैय्या शहर से आई थी मूर्तियां
यहां साध्वियां देती हैं प्रभु प्रेम का संदेश
उमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। शहर के इंसार बाजार स्थित श्री प्रेम मंदिर में साध्वियां और भक्तों को ईश्वर से प्रेम करने का संदेश देती हैं। मंदिर की स्थापना के बाद से मंदिर की देखरेख ये साध्वियां ही कर रही हैं।
श्री प्रेम मंदिर की स्थापना लगभग 80 वर्ष पहले परम सद् गुरु देव शांति देवी महाराज ने लैय्या शहर (पाकिस्तान) में की थी। विभाजन के बाद वहां से भक्त श्री राधाकृष्ण और हनुमान जी की मूर्तियां अपने साथ ले आए। मंदिर के प्रचारक और समाज सेवी चंद्रभान वर्मा ने बताया कि यह दोनों मूर्तियां अष्ट धातु से बनीं हैं। दोनों मूर्तियों की स्थापना के बाद मंदिर में मां दुर्गा, राम दरबार, लक्ष्मी नारायण और शिव परिवार की मूर्तियाें की स्थापना विधिविधान से की गई थी। तब से लेकर आज तक मंदिर का विस्तार होता गया।
साध्वियां ही कर रहीं हैं संचालन
श्री प्रेेेम मंदिर की स्थापना से लेकर अब तक साध्वियां ही संचालन करती आई हैं। शांति देवी महाराज, वसंती देवी महाराज, बंती देेेेेवी महाराज के बाद अब प्रकाश देवी महाराज संचालन कर रही हैं। इसके अलावा कमेटी सदस्यों में भी साध्वियां हैं। जब भी इन्हें खाली समय मिलता है, उस समय में ठाकुर जी और अन्य देवी देवताओं के वस्त्र बनाती हैं।
समय-समय पर होते हैं आयोजन
यहां पर राष्ट्र के महान संतों का आना जाना लगा रहता है। जगत् गुरू शंकराचार्य यहां पर समय-समय पर पहुंचते हैं। समय-समय पर मंदिर प्रांगण में सत्संग समारोह का आयोजन होते रहते है।
नवरात्र में 51 भक्त करते हैं रामायण का पाठ
मंदिर की वर्तमान परमाध्यक्ष प्रकाश देेवी महाराज के सानिध्य में हर रोज सुबह और शाम को 51 भक्त रामायण का पाठ करते हैं। भक्त हर रोज नवरात्र की पूजा अर्चना करने के लिए सुबह से ही मंदिर में पहुंचना शुरू हो जाते हैं। भक्तों के आन को सिलसिला रात के समय तक चलता रहता है।
बस में आग, बड़ा हादसा बचा
सोमवार को दिन के समय कुछ युवक बैठे थे इस बस में
स्टैंड के अंदर खड़ी थी सीएनजी बस
बस की एक सीट और तीन लाइटें जलीं
चालक ने बहादुरी दिखा बस को सर्विस स्टेशन पहुंचाया
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। बस स्टैंड परिसर में खड़ी सीएनजी बस में कुछ शरारती तत्चों ने आग लगा दी। इससे बस की एक तीन सीटर सीट और तीन लाइटें जल गईं। बस में आग देख यात्री और कर्मचारी घबरा गए और चिल्लाने लगे। डिपो के एक चालक ने साहस जुटाकर बस को वर्कशाप के सर्विस स्टेशन पर पहुंचाया और आग पर काबू पाया। यदि आग भड़क जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
पानीपत डिपो की सीएनजी बस संख्या एचआर-67-6649 पानीपत से दिल्ली और शामली के बीच चलती है। सोमवार को बस डिपो परिसर में खड़ी थी। करीब सवा 11 बजे बस में से धुएं के साथ लपटें निकलने लगीं। बस में आग देख आसपास खड़े यात्री और रोडवेजकर्मी घबरा गए और चिल्लाने लगे। लेकिन सीएनजी बस में धुआं देखकर कोई आगे नहीं बढ़ा। यार्ड सेक्शन में तैनात चालक अनिल कुमार ने बस में आग की जानकारी मिलने पर वह मौके पर पहुंचे। अनिल बस को स्टार्ट कर वर्कशाप ले गया और सर्विस स्टेशन पर ले गया। जहां पर मैकेनिक राजेंद्र और इलेक्ट्रीशियन बिजेंद्र की मदद से आग पर काबू पाया। सूचना मिलते ही डीआई आजाद सिंह और ड्यूटी क्लर्क महाबीर सिंह और अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे और चालक अनिल कुमार को बहादुरी दिखाने पर बधाई दी।
ढील से हो सकता था बड़ा हादसा
सीएनजी बस की सीट नंबर 24, 25 और 26 में आग लग गई। इसके ठीक नीचे बस का सीएनजी सिलेंडर था और आसपास 20-25 बस खड़ी थी। चालक साहस नहीं दिखाता सिलेंडर में आग लगने से ब्लास्ट हो सकता था। बस स्टैंड पर जानमाल की हानि हो सकती थी।
टक्कर के बाद भी नहीं रोका
पानीपत डिपो के चालक अनिल कुमार की लंबे समय से यार्ड सेक्शन में ड्यूटी है। वह बस में आग देख मौके पर पहुंचा और साहस जुटाकर बस में चढ़ गया। बस धुएं से भरी थी। उसने बस को स्टार्ट किया और पीछे हटाने लगा। बस पीछे डिपो में खड़ी एक निजी बस से टकरा गई। निजी बस चालक भी मामले को समझ गया और उसने भी बस आगे दौड़ा ली। इसके बाद अनिल चंद ही मिनटों में बस को वर्कशाप के सर्विस स्टेशन पर ले गया।
कुछ विद्यार्थी बैठे थे बस में
सीएनजी बस में कुछ विद्यार्थियों द्वारा आग लगाने की आशंका है। रोडवेज कर्मचारियों और कुछ यात्रियों ने बताया कि कुछ देर पहले बस में कुछ स्कूली विद्यार्थी बैठे थे। उनमें से कुछ विद्यार्थी बीड़ी पी रहे थे। उनके जाने के कुछ देर बाद सीट सुलग उठी और आग की लपटों में बदल गई।
पहले भी लग चुकी हैं आग
पानीपत बस डिपो में खड़ी बस में पहले भी आग लग चुकी है। बस में बैठे विद्यार्थी और अन्य लोग बीड़ी पीने के बाद तीली उसमें फेंक देते हैं। इस तरह के हादसे बार-बार हो रहे हैं, लेकिन अधिकारियों का ध्यान समाधान की ओर नहीं है। गत वर्ष इसी तरह एक बस की एक सीट जला दी थी। रोडवेजकर्मियों ने तुरंत आग पर काबू पा लिया था।
वर्जन
डिपो में खड़ी एक बस में कुछ शरारती तत्वों ने आग लगा दी। कर्मचारियों की तत्परता से बस और बड़ा हादसा होने से बच गया। ऐसे कर्मचारी बधाई के पात्र हैं और उनका नाम पुरस्कार के लिए भेजा जाएगा।
सुलतान सिंह लाठर, महाप्रबंधक, पानीपत डिपो
वीरवार को नहीं चलेगी बठिंडा
घरौंडा और बजीदा के बीच रेल ट्रैक पर मरम्मत कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। दिल्ली-अंबाला रेलमार्ग पर घरौंडा और बजीदा स्टेशन के बीच ब्रिज नंबर 168 पर मरम्मत के कारण 18 अप्रैल को अप और 19 अप्रैल को डाउन ट्रैक छह घंटे तक ब्लॉक रहेगा। मरम्मत कार्य सुबह 9:05 से लेकर शाम 3:00 बजे तक चलेगा। इस समय के अंतराल में जितनी भी रेलगाड़ियां होंगी, वे सब बाधित रहेंगी। 18 अप्रैल को 14731 दिल्ली बठिंडा इंटरसिटी एक्सप्रेस और 14732 बठिंडा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
यात्री रखे विशेष ध्यान
जो 18 अप्रैल को यात्री बठिंडा एक्सप्रेस से यात्रा करने की योजना बना चुके हैं, उनको अपनी योजना रद्द करनी होगी। ऐसा नहीं हो कि यात्री बठिंडा या दिल्ली जाने के लिए स्टेशन पहुंचे और उनको निराशा हाथ लगे। इसको ध्यान में रखते हुए यात्रा के लिए अन्य विकल्प चुने जाएं तो ज्यादा उचित होगा।
थ्री एनकेएम नहीं जाएगी कुरुक्षेत्र
नई दिल्ली से कुरुक्षेत्र के बीच चलने वाली 64465 थ्री एनकेएम कुरुक्षेत्र नहीं जाएगी। यह ट्रेन नई दिल्ली से चलकर पानीपत पहुुंचेगी और यहीं से ही वापस दिल्ली के लिए रवाना हो जाएगी। जो यात्री इस ट्रेन के माध्यम से पानीपत से कुरुक्षेत्र जाना चाहते हैं, उनको अन्य यातायात साधनों को ध्यान में रखकर ही अपना कार्यक्रम निर्धारित करना होगा।
लाखों एकड़ भूमि होगी कब्जा मुक्त
अनशन तोड़ने के बाद गोपाल दास मुनि ने कहा
गोपाल दास बोले, गायों की स्थिति नहीं अच्छी
प्रशासन ने कब्जा हटाकर नहीं किया अहसान
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। प्रशासन ने डाडौला गांव में गोचरांद जमीन का कब्जा मुक्त कराकर किसी पर अहसान नहीं किया। यह काम प्रशासन को बहुत पहले कर देना चाहिए था। वे प्रदेश में सवा चार लाख गोचरांद की जमीन को खाली कराकर सांस लेंगे।
गोपाल दास मुनि ने ये आह्वान सोमवार को गोशाला में अनशन तोड़ने के बाद लोगों से कहा। सीटीएम डीआर कैरो ने गोपाल दास को जूस पिलाकर अनशन खोला। गोपाल दास ने कहा कि प्रदेश में गाय की स्थिति अच्छी नहीं है। गाय आज गुलाम हो गई है। प्रतिदिन तीन किलोमीटर चलना गाय के लिए अनिवार्य है, लेकिन भ्रष्ट लोगों ने उन्हेें बंदी बनाकर एक गृह में डाल दिया। गोशालाओं में गायों की दशा चिंतनीय है। मेरा जन्म गाय के लिए हुआ है और उनको पूरा हक दिलाने तक संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने गायों को लेकर भविष्य में भी आंदोलन जारी रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गोभक्त एकजुट होकर गाय को पूरा अधिकार दिला सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने मछली पालन, सुअर पालन, मुर्गी पालन को बढ़ावा दिया, लेकिन आज तक किसी सरकार ने गाय को बचाने या बढ़ाने देने के लिए कोई कदम उठाया। सरकार ही गायों को आजाद नहीं देखना चाहती। उन्होंने कहा कि मिड डे मील में बच्चों को गाय का दूध पिलाना शुरू कर दें तो गाय भी बचेगी और बच्चे भी मजबूत होंगे। बड़े दुख की बात है सरकार बच्चों को मिड डे मील में गाय के दूध की बजाय अंडे खिला रही है।
गोशालाओं में सर्वजातीय कमेटी की मांग
आचार्य गोपाल दास ने कहा कि गोशाला किसी की जागीर नहीं है। इसलिए सभी गोशालाओं में सर्वजातीय कमेटी का गठन होना चाहिए। इसके लिए उन्हाेंने जीटी रोड स्थित श्री कृष्ण गोपाला में नारियल तोड़कर एक कार्यालय का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इस गोशाला की पुरानी कार्यकारिणी का भंग करके नई सर्वजातीय कमेटी बनेगी। उन्होंने कहा कि गोशाला के अंतर्गत करीब 20 दुकानें हैं। इन्हें मात्र 15 से 20 रुपये किराए पर दिया है। इस प्रक्रिया को रद्द कराया जाएगा और दुकानों को मार्केट की कीमत के हिसाब से किराए पर दिया जाएगा। उन्होंने गोशाला में बड़ा घोटाला होने का आरोप लगाया। इसके लिए वे तत्काल एक आरटीआई लगा रहे हैं।
फूलमालाओं से जोरदार स्वागत
अनशन से लौटे गोपाल दास का गांव डाडोला सहित अनेक गांवों के लोगों ने स्वागत किया। गोपाल दास जिंदाबाद, गाय हमारी माता है आदि नारों से जीटी रोड गूंज उठा। गांव की महिला सरपंच बबली के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाओं ने उनसे आशीर्वाद लिया। गोपाल दास के अनशन की सूचना पाते ही राजस्थान से एक 10 लोगाें का प्रतिनिधिमंडल उनके पास पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बाबू राम ने किया। उन्होंने कहा कि देश में इस तरह के संतों की जरूरत है। फतेहाबाद गोशाला से करीब पचास लोगों के प्रतिनिधिमंडल भी गोपाल दास के पास पहुंचा।
गांजा तस्करी पर पचीस हजार जुर्माना
पानीपत। कोर्ट ने गांजा तस्करी के आरोपी की सजा 25 हजार रुपये जुर्माने के साथ सजा अंडरगॉन कर दी।
पुलिस ने फरवरी 2012 को नूरवाला की तरफ से आ रहे राकिब को सेक्टर 13-17 चौक पर पकड़ा था। पुलिस ने उससे तीन किलो गांजा बरामद किया था। आरोपी जमानत पर चल रहा था और उसने अपना जुर्म कोर्ट के सामने कबूल लिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेश कत्याल की अदालत ने आरोपी राकिब की सजा को 25 हजार रुपये जुर्माना लगाकर सजा अंडरगॉन कर दी।
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निर्मल गांव सनौली खुर्द के ग्रामीण सोमवार को पानी निकासी नहीं होने पर घरों से बाहर निकल आए और प्रशासन विरोधी जमकर नारेबाजी की। ग्रामीण राकेश, सुरेंद्र, राजेश, विनोद, बीरा, रत्न, राका और रेशमा ने बताया कि गांव की आधा दर्जन गलियों में पिछले पांच वर्षों से गंदा पानी भरा है। गंदे पानी की निकासी नहीं होने पर घराें में आना-जाना भी दूभर हो गया है। गली को बनाने के लिए अनेक बार हलका विधायक, सांसद, पंचायत अधिकारी, डीसी को खुले दरबार में गली निर्माण कराने की मांग कर चुके है, लेकिन उनको आश्वासनों के सिवाय कोई समाधान नहीं मिला। पानी निकासी नहीं होने से जगह-जगह गंदा पानी भरा है। जिससे मच्छरों की भरमार हो रही है। गांव में बीमारी फैलने का डर बना हुआ है। गांव में गंदे पानी की निकासी के लिए नाला भी नहीं है। इस बारे में ग्राम सरपंच संजय त्यागी का कहना है कि गांव मे गंदे पानी की निकासी के लिए नाले का जल्द ही निर्माण कराया जाएगा और गलियां भी बनाई जाएंगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
सनौली। क्षेत्र के गांव राणा माजरा अैर गढ़ी बेसक के ग्रामीणों ने बस सुविधा नहीं मिलने पर प्रदर्शन कर सरकार और प्रशासन विरोधी नारेबाजी की।
गांव राणा माजरा और गढ़ी बेसक में लंबे समय से बस नहीं चल रहीं। इससे ग्रामीणों में लंबे समय से परेशानी हो रही है। रोडवेज अधिकारी ग्रामीणों की मांग को अनदेखा कर रहे हैं। ग्रामीण हजी सिलम, साबिर, सादा, मंजूरा, रुकमा, इमरान, अख्तार, भूरा, मीना, लीला रावल, शमसाद, ने बताया कि पानीपत से गांव राणा माजरा तक प्राइवेट बस का रूट है, मगर प्राइवेट सहकारी समिति की बस गढ़ी बैसक से ही वापस चली जाती है, जबकि रूट गांव राणा माजरा तक का है। अनेक बार गांव तक बस सुविधा शुरू कराने की मांग जीएम रोडवेज, विधायक समालखा, संासद करनाल, जिला उपायुक्त को खुले दरबार में पिछले 20 वर्षों से करते आ रहे हैं, मगर उनको बस नहीं मिल पाई।
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हथियार रखने पर मालिक सहित तीन काबू
अमर उजाला ब्यूरो
मतलौडा। उरलाना कलां चौकी पुलिस ने किसी दूसरे व्यक्ति के लाइसेंसी हथियार रखने के मामले में दो लोगों समेत हथियारों के मालिक को भी गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
उरलाना कलां चौकी पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि छिछड़ाना गांव के जंगल में दो व्यक्ति अलग अलग जगहों पर संदिग्ध हालात मेें हथियारों के साथ घूम रहे हैं। एएसआई ईश्वर सिंह और एएसआई सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस की दो टीमों ने मौके पर जाकर दो युवकों को दो अलग-अलग बंदूकों के साथ हिरासत में लेकर पूछताछ की। लेकिन इनमें से कोई भी हथियारों के कागजात पेश नहीं कर पाया। पुलिस ने केवल निवासी अशोक नगर, करनाल से 12 बोर की दो नाली बंदूक और दिलबाग निवासी मुंड जिला करनाल से 312 बोर की राइफल बरामद की। उनके खिलाफ अवैध रूप से हथियार रखने के आरोप में दो अलग-अलग मामले दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा पुलिस पूछताछ में पाया कि यह दोनों लाइसेंसी हथियार दिनेश निवासी गगसीना करनाल के हैं। पुलिस ने हथियारों के मालिक दिनेश कुमार को भी गिरफ्तार कर सोमवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे भी जेल भेज दिया।
बीपीएल से वसूली प्रक्रिया शुरू
पचहत्तर लोगों को विभाग के नोटिस
मतलौडा। बीपीएल का लाभ लेने वाले लोगों से लाभ वापस लेने का काम शुरू हो गया है। पंचायत विभाग ने ऐसे 75 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। इन पर महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत सौ-सौ वर्ग गज के प्लाट हड़पने और इंदिरा आवास योजना के तहत 45 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता पाने का उल्लेख है कि कुछ लोगों ने वर्ष 2009 के दौरान हुए बीपीएल सर्वे में संबधित अधिकारियों और कर्मचारियों से मिलीभगत कर बीपीएल श्रेणी में अपने नाम दर्ज करा लिए थे। ऐसे लोगों ने सौ-सौ गज के प्लाट और 45-45 हजार रुपये की राहत राशि ले ली थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद 2011 में फिर सर्वे किया। इस सर्वे में कुछ लोगों के नाम बीपीएल सूची से काट दिए थे। हाईकोर्ट ने उनसे प्राप्त सरकारी सहायता वापस लेने के आदेश जारी किए हैं। जिसके आधार पर प्रशासन ने उनसे वूसली के लिए नोटिस जारी किए हैं।
थर्मल की सभी आठ यूनिट चली
थर्मल। पानीपत थर्मल पावर स्टेशन की लंबे समय से बंद पड़ी सभी यूनिटों को चला दिया है। सभी यूनिट अपने लोड पर आ गई हैं।
थर्मल प्लांट की यूनिट नंबर एक से चार तक को सोमवार को चला दिया गया। इससे पहले पांच और छह को चलाया गया था। यूनिट नंबर सात और आठ पहले से ही चल रही थी। इस बारे में थर्मल प्रशासन ने कहा कि जैसे ही डिमांड बढ़ी, उसके अनुसार सभी यूनिटों को चला दिया। लगातार बढ़ रही गर्मी के कारण प्रदेश में बिजली की मांग बढ़ रही है। उच्च अधिकारियों का आदेश आया तो सभी यूनिटों को चला दिया गया। इस समय थर्मल यूनिट नंबर एक से 115.6 मेगावाट, दो से 48 मेगावाट, तीन से 88 मेगावाट, चार से 100 मेगावाट, पांच से 210 मेगावाट, छह से 210 मेगावाट, सात से 250 मेगावाट व आठ से 250 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है।
वर्जन
जैसे ही बिजली की डिमांड बढ़ी उसी के अनुसार बंद पड़ी यूनिटों को चला दिया गया। थर्मल की आठों यूनिट वर्किंग में हैं।
जेपी अग्रवाल, चीफ इंजीनियर आपरेशन-दो, पानीपत थर्मल
डीसी ने लगाई कर्मियों फटकार
लघु सचिवालय में निरीक्षण करने पहुंचे डीसी
सात-आठ कर्मचारियों को किया नोटिस जारी
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। डीसी को लघु सचिवालय के निरीक्षण के दौरान सोमवार को कई विभागों में अव्यवस्थाएं मिलीं। श्रम विभाग में मिली अव्यवस्थाओं को देख डीसी भड़क गए और एक कर्मचारी की बदतमीजी पर उसको जमकर फटकार लगाई। लघु सचिवालय में यह मामला पूरे दिन चर्चा का विषय रहा। डीसी ने सात-आठ कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है।
डीसी सुबह लघु सचिवालय में कार्यालयों का निरीक्षण करने पहुंचे। उनके साथ सीटीएम डीआर कैरो और एसडीएम अश्वनी मलिक भी थे। उन्होंने शिक्षा विभा, आयुष विंग समेत श्रम विभाग कार्यालय को जांचा। शिक्षा विभाग के कार्यालय में कर्मचारी काफी तंग स्थिति में मिले। जिला शिक्षा अधिकारी के अनुरोध पर साथ लगते कमरों को देखा। इनमें कंप्यूटर और अन्य सामान रखा था और अन्य विभाग इसे स्टोर के रूप में इस्तेमाल कर रहा था। इसके बाद डीसी श्रम विभाग कार्यालय में पहुंचे। वे फैक्टरी सेफ्टी एंड हेल्थ ब्रांच में अधिकारियों को न पाकर भड़क गए। उन्होंने कमरे में तैनात स्टाफ से अधिकारियों की स्थिति जानी। बताया जा रहा है कि मौके पर तैनात दो कर्मचारियों ने डीसी को इन अधिकारियों की ठीक से स्थिति नहीं बताई। इस पर डीसी ने उनको जमकर फटकार लगाई। इसके बाद दो में से एक कर्मचारी कार्यालय छोड़कर भाग गया। डीसी ने दूसरे कर्मचारी को जमकर खरी खोटी सुनाई। श्रम विभाग में डीसी और कर्मचारी के बीच मामला लघु सचिवालय में पूरा दिन चर्चाओं का विषय रहा।
वर्जन
डीसी समीर पाल सरो ने सोमवार को लघु सचिवालय के कार्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई विभागों के सात-आठ कर्मचारी कार्यालय से नदारद मिले। ऐसे कर्मचारियों को नोटिस जारी कर दिया है। श्रम विभाग में कर्मचारी अपने अधिकारी की जानकारी नहीं दे रहे थे। एक कर्मचारी बदसलूकी करने लगा। इस पर डीसी ने उनको धमका दिया। इसके अलावा वहां पर कुछ नहीं हुआ। मैं पूरे निरीक्षण में डीसी के साथ रहा।
डीआर कैरा, सीटीएम, पानीपत
पेयजल के लिए प्रदर्शन
बाहरी कालोनियों के लोग लघु सचिवालय पर पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। बाहरी कालोनी के सैकड़ों लोगों ने पेयजल और अन्य मांगों को लेकर लघु सचिवालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और सीटीएम के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ये लोग वापस चले गए।
इनेलो सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव सूबेदार प्रताप सिंह की अगुवाई में बाहरी कालोनियों की सैकड़ों लोग भावना चौक से प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पर पहुंचे। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की और अधिकारियों से समस्या के समाधान की मांग की। सीटीएम डीआर कैरो के मार्फत राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। सूबेदार प्रताप सिंह ने कहा कि प्रशासन और सरकार बाहरी कालोनियों के साथ अनदेखी कर रही है। इसके चलते यहां पर जीना दूभर हो गया है। प्रशासन और विभाग का इस तरफ विकास का कोई ध्यान नहीं है। उन्होंने कहा कि बाहरी कालोनियों में पेयजल से लेकर गंदे पानी की निकासी तक की समस्या गंभीर है। लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है। वधावाराम कालोनी में एक माह, हरिसिंह कालोनी में 15 दिन से पेयजल पर्याप्त नहीं आ रहा। बलजीत नगर में सरकारी ट्यूबवेल का पानी सभी लोगों को नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि पानीपत की बाहरी कालोनियों को वैध किया जाए और उनकी रजिस्ट्री खोली जाए। कालोनियों की गलियों को पक्का किया जाए। गंदे पानी की निकासी के उचित प्रबंध किए जाएं। दो-तीन कालोनियों में कम से कम एक डिस्पेंसरी खोली जाए। बिजली की लटकती तारों को ठीक कर जर्जर तारों को बदला जाए। गंदे नाले को गहरा व पक्का किया जाए। कालोनियों के गरीब पात्र लोगों को सौ-सौ गज के प्लाट दिए जाए। तीन साल से कालोनियों में रहने वाले लोगों के राशन कार्ड बनाए जाएं। कालोनीवासियों की समस्या समाधान के लिए खुला दरबार लगाया जाए। प्रशासन द्वारा कैंप लगाकर लोगों को सरकार की सुविधाओं की जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन उनकी मांगों को अनदेखा करता है तो वे सड़क पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। इस मौके पर बलवान शर्मा, बलवान, रामेहर कुंडू, सुरेंद्र पांचाल, सुखबीर, कृष्ण, लाखन, तेजा, पृथ्वी, शमशेर, प्रमोद, हैप्पी, संदीप, राजू, कृष्ण प्रजापत, सतबीर, मा. महिपाल, कृष्णा देवी, महेंद्री, कांता, निर्मला, संतोष और सुदेश मौजूद रहे।
विभाजन के बाद पाकिस्तान के लैय्या शहर से आई थी मूर्तियां
यहां साध्वियां देती हैं प्रभु प्रेम का संदेश
उमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। शहर के इंसार बाजार स्थित श्री प्रेम मंदिर में साध्वियां और भक्तों को ईश्वर से प्रेम करने का संदेश देती हैं। मंदिर की स्थापना के बाद से मंदिर की देखरेख ये साध्वियां ही कर रही हैं।
श्री प्रेम मंदिर की स्थापना लगभग 80 वर्ष पहले परम सद् गुरु देव शांति देवी महाराज ने लैय्या शहर (पाकिस्तान) में की थी। विभाजन के बाद वहां से भक्त श्री राधाकृष्ण और हनुमान जी की मूर्तियां अपने साथ ले आए। मंदिर के प्रचारक और समाज सेवी चंद्रभान वर्मा ने बताया कि यह दोनों मूर्तियां अष्ट धातु से बनीं हैं। दोनों मूर्तियों की स्थापना के बाद मंदिर में मां दुर्गा, राम दरबार, लक्ष्मी नारायण और शिव परिवार की मूर्तियाें की स्थापना विधिविधान से की गई थी। तब से लेकर आज तक मंदिर का विस्तार होता गया।
साध्वियां ही कर रहीं हैं संचालन
श्री प्रेेेम मंदिर की स्थापना से लेकर अब तक साध्वियां ही संचालन करती आई हैं। शांति देवी महाराज, वसंती देवी महाराज, बंती देेेेेवी महाराज के बाद अब प्रकाश देवी महाराज संचालन कर रही हैं। इसके अलावा कमेटी सदस्यों में भी साध्वियां हैं। जब भी इन्हें खाली समय मिलता है, उस समय में ठाकुर जी और अन्य देवी देवताओं के वस्त्र बनाती हैं।
समय-समय पर होते हैं आयोजन
यहां पर राष्ट्र के महान संतों का आना जाना लगा रहता है। जगत् गुरू शंकराचार्य यहां पर समय-समय पर पहुंचते हैं। समय-समय पर मंदिर प्रांगण में सत्संग समारोह का आयोजन होते रहते है।
नवरात्र में 51 भक्त करते हैं रामायण का पाठ
मंदिर की वर्तमान परमाध्यक्ष प्रकाश देेवी महाराज के सानिध्य में हर रोज सुबह और शाम को 51 भक्त रामायण का पाठ करते हैं। भक्त हर रोज नवरात्र की पूजा अर्चना करने के लिए सुबह से ही मंदिर में पहुंचना शुरू हो जाते हैं। भक्तों के आन को सिलसिला रात के समय तक चलता रहता है।
बस में आग, बड़ा हादसा बचा
सोमवार को दिन के समय कुछ युवक बैठे थे इस बस में
स्टैंड के अंदर खड़ी थी सीएनजी बस
बस की एक सीट और तीन लाइटें जलीं
चालक ने बहादुरी दिखा बस को सर्विस स्टेशन पहुंचाया
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। बस स्टैंड परिसर में खड़ी सीएनजी बस में कुछ शरारती तत्चों ने आग लगा दी। इससे बस की एक तीन सीटर सीट और तीन लाइटें जल गईं। बस में आग देख यात्री और कर्मचारी घबरा गए और चिल्लाने लगे। डिपो के एक चालक ने साहस जुटाकर बस को वर्कशाप के सर्विस स्टेशन पर पहुंचाया और आग पर काबू पाया। यदि आग भड़क जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
पानीपत डिपो की सीएनजी बस संख्या एचआर-67-6649 पानीपत से दिल्ली और शामली के बीच चलती है। सोमवार को बस डिपो परिसर में खड़ी थी। करीब सवा 11 बजे बस में से धुएं के साथ लपटें निकलने लगीं। बस में आग देख आसपास खड़े यात्री और रोडवेजकर्मी घबरा गए और चिल्लाने लगे। लेकिन सीएनजी बस में धुआं देखकर कोई आगे नहीं बढ़ा। यार्ड सेक्शन में तैनात चालक अनिल कुमार ने बस में आग की जानकारी मिलने पर वह मौके पर पहुंचे। अनिल बस को स्टार्ट कर वर्कशाप ले गया और सर्विस स्टेशन पर ले गया। जहां पर मैकेनिक राजेंद्र और इलेक्ट्रीशियन बिजेंद्र की मदद से आग पर काबू पाया। सूचना मिलते ही डीआई आजाद सिंह और ड्यूटी क्लर्क महाबीर सिंह और अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे और चालक अनिल कुमार को बहादुरी दिखाने पर बधाई दी।
ढील से हो सकता था बड़ा हादसा
सीएनजी बस की सीट नंबर 24, 25 और 26 में आग लग गई। इसके ठीक नीचे बस का सीएनजी सिलेंडर था और आसपास 20-25 बस खड़ी थी। चालक साहस नहीं दिखाता सिलेंडर में आग लगने से ब्लास्ट हो सकता था। बस स्टैंड पर जानमाल की हानि हो सकती थी।
टक्कर के बाद भी नहीं रोका
पानीपत डिपो के चालक अनिल कुमार की लंबे समय से यार्ड सेक्शन में ड्यूटी है। वह बस में आग देख मौके पर पहुंचा और साहस जुटाकर बस में चढ़ गया। बस धुएं से भरी थी। उसने बस को स्टार्ट किया और पीछे हटाने लगा। बस पीछे डिपो में खड़ी एक निजी बस से टकरा गई। निजी बस चालक भी मामले को समझ गया और उसने भी बस आगे दौड़ा ली। इसके बाद अनिल चंद ही मिनटों में बस को वर्कशाप के सर्विस स्टेशन पर ले गया।
कुछ विद्यार्थी बैठे थे बस में
सीएनजी बस में कुछ विद्यार्थियों द्वारा आग लगाने की आशंका है। रोडवेज कर्मचारियों और कुछ यात्रियों ने बताया कि कुछ देर पहले बस में कुछ स्कूली विद्यार्थी बैठे थे। उनमें से कुछ विद्यार्थी बीड़ी पी रहे थे। उनके जाने के कुछ देर बाद सीट सुलग उठी और आग की लपटों में बदल गई।
पहले भी लग चुकी हैं आग
पानीपत बस डिपो में खड़ी बस में पहले भी आग लग चुकी है। बस में बैठे विद्यार्थी और अन्य लोग बीड़ी पीने के बाद तीली उसमें फेंक देते हैं। इस तरह के हादसे बार-बार हो रहे हैं, लेकिन अधिकारियों का ध्यान समाधान की ओर नहीं है। गत वर्ष इसी तरह एक बस की एक सीट जला दी थी। रोडवेजकर्मियों ने तुरंत आग पर काबू पा लिया था।
वर्जन
डिपो में खड़ी एक बस में कुछ शरारती तत्वों ने आग लगा दी। कर्मचारियों की तत्परता से बस और बड़ा हादसा होने से बच गया। ऐसे कर्मचारी बधाई के पात्र हैं और उनका नाम पुरस्कार के लिए भेजा जाएगा।
सुलतान सिंह लाठर, महाप्रबंधक, पानीपत डिपो
वीरवार को नहीं चलेगी बठिंडा
घरौंडा और बजीदा के बीच रेल ट्रैक पर मरम्मत कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। दिल्ली-अंबाला रेलमार्ग पर घरौंडा और बजीदा स्टेशन के बीच ब्रिज नंबर 168 पर मरम्मत के कारण 18 अप्रैल को अप और 19 अप्रैल को डाउन ट्रैक छह घंटे तक ब्लॉक रहेगा। मरम्मत कार्य सुबह 9:05 से लेकर शाम 3:00 बजे तक चलेगा। इस समय के अंतराल में जितनी भी रेलगाड़ियां होंगी, वे सब बाधित रहेंगी। 18 अप्रैल को 14731 दिल्ली बठिंडा इंटरसिटी एक्सप्रेस और 14732 बठिंडा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
यात्री रखे विशेष ध्यान
जो 18 अप्रैल को यात्री बठिंडा एक्सप्रेस से यात्रा करने की योजना बना चुके हैं, उनको अपनी योजना रद्द करनी होगी। ऐसा नहीं हो कि यात्री बठिंडा या दिल्ली जाने के लिए स्टेशन पहुंचे और उनको निराशा हाथ लगे। इसको ध्यान में रखते हुए यात्रा के लिए अन्य विकल्प चुने जाएं तो ज्यादा उचित होगा।
थ्री एनकेएम नहीं जाएगी कुरुक्षेत्र
नई दिल्ली से कुरुक्षेत्र के बीच चलने वाली 64465 थ्री एनकेएम कुरुक्षेत्र नहीं जाएगी। यह ट्रेन नई दिल्ली से चलकर पानीपत पहुुंचेगी और यहीं से ही वापस दिल्ली के लिए रवाना हो जाएगी। जो यात्री इस ट्रेन के माध्यम से पानीपत से कुरुक्षेत्र जाना चाहते हैं, उनको अन्य यातायात साधनों को ध्यान में रखकर ही अपना कार्यक्रम निर्धारित करना होगा।
लाखों एकड़ भूमि होगी कब्जा मुक्त
अनशन तोड़ने के बाद गोपाल दास मुनि ने कहा
गोपाल दास बोले, गायों की स्थिति नहीं अच्छी
प्रशासन ने कब्जा हटाकर नहीं किया अहसान
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। प्रशासन ने डाडौला गांव में गोचरांद जमीन का कब्जा मुक्त कराकर किसी पर अहसान नहीं किया। यह काम प्रशासन को बहुत पहले कर देना चाहिए था। वे प्रदेश में सवा चार लाख गोचरांद की जमीन को खाली कराकर सांस लेंगे।
गोपाल दास मुनि ने ये आह्वान सोमवार को गोशाला में अनशन तोड़ने के बाद लोगों से कहा। सीटीएम डीआर कैरो ने गोपाल दास को जूस पिलाकर अनशन खोला। गोपाल दास ने कहा कि प्रदेश में गाय की स्थिति अच्छी नहीं है। गाय आज गुलाम हो गई है। प्रतिदिन तीन किलोमीटर चलना गाय के लिए अनिवार्य है, लेकिन भ्रष्ट लोगों ने उन्हेें बंदी बनाकर एक गृह में डाल दिया। गोशालाओं में गायों की दशा चिंतनीय है। मेरा जन्म गाय के लिए हुआ है और उनको पूरा हक दिलाने तक संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने गायों को लेकर भविष्य में भी आंदोलन जारी रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गोभक्त एकजुट होकर गाय को पूरा अधिकार दिला सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने मछली पालन, सुअर पालन, मुर्गी पालन को बढ़ावा दिया, लेकिन आज तक किसी सरकार ने गाय को बचाने या बढ़ाने देने के लिए कोई कदम उठाया। सरकार ही गायों को आजाद नहीं देखना चाहती। उन्होंने कहा कि मिड डे मील में बच्चों को गाय का दूध पिलाना शुरू कर दें तो गाय भी बचेगी और बच्चे भी मजबूत होंगे। बड़े दुख की बात है सरकार बच्चों को मिड डे मील में गाय के दूध की बजाय अंडे खिला रही है।
गोशालाओं में सर्वजातीय कमेटी की मांग
आचार्य गोपाल दास ने कहा कि गोशाला किसी की जागीर नहीं है। इसलिए सभी गोशालाओं में सर्वजातीय कमेटी का गठन होना चाहिए। इसके लिए उन्हाेंने जीटी रोड स्थित श्री कृष्ण गोपाला में नारियल तोड़कर एक कार्यालय का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इस गोशाला की पुरानी कार्यकारिणी का भंग करके नई सर्वजातीय कमेटी बनेगी। उन्होंने कहा कि गोशाला के अंतर्गत करीब 20 दुकानें हैं। इन्हें मात्र 15 से 20 रुपये किराए पर दिया है। इस प्रक्रिया को रद्द कराया जाएगा और दुकानों को मार्केट की कीमत के हिसाब से किराए पर दिया जाएगा। उन्होंने गोशाला में बड़ा घोटाला होने का आरोप लगाया। इसके लिए वे तत्काल एक आरटीआई लगा रहे हैं।
फूलमालाओं से जोरदार स्वागत
अनशन से लौटे गोपाल दास का गांव डाडोला सहित अनेक गांवों के लोगों ने स्वागत किया। गोपाल दास जिंदाबाद, गाय हमारी माता है आदि नारों से जीटी रोड गूंज उठा। गांव की महिला सरपंच बबली के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाओं ने उनसे आशीर्वाद लिया। गोपाल दास के अनशन की सूचना पाते ही राजस्थान से एक 10 लोगाें का प्रतिनिधिमंडल उनके पास पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बाबू राम ने किया। उन्होंने कहा कि देश में इस तरह के संतों की जरूरत है। फतेहाबाद गोशाला से करीब पचास लोगों के प्रतिनिधिमंडल भी गोपाल दास के पास पहुंचा।
गांजा तस्करी पर पचीस हजार जुर्माना
पानीपत। कोर्ट ने गांजा तस्करी के आरोपी की सजा 25 हजार रुपये जुर्माने के साथ सजा अंडरगॉन कर दी।
पुलिस ने फरवरी 2012 को नूरवाला की तरफ से आ रहे राकिब को सेक्टर 13-17 चौक पर पकड़ा था। पुलिस ने उससे तीन किलो गांजा बरामद किया था। आरोपी जमानत पर चल रहा था और उसने अपना जुर्म कोर्ट के सामने कबूल लिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेश कत्याल की अदालत ने आरोपी राकिब की सजा को 25 हजार रुपये जुर्माना लगाकर सजा अंडरगॉन कर दी।