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पथराव पर रेलवे-आरपीएफ में विवाद
Panipat
Updated Thu, 14 Feb 2013 05:32 AM IST
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पानीपत। झेलम एक्सप्रेस में सैनिकों और यात्रियों के बीच विवाद गहरा गया है। इस पर कार्रवाई को लेकर रेलवे और आरपीएफ अधिकारियों के बीच खींचातानी चल रही है। ट्रेन के शीशे तोड़ने के मामले में आरपीएफ ने कोई कार्रवाई नहीं करते हुए पल्ला झाड़ लिया है, वहीं रेल अधिकारियों ने इसे आरपीएफ की अनदेखी बताया है और मामला दर्ज करने की मांग की है। आरपीएफ अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हैं। आरपीएफ के अड़ियल रवैये के चलते आरपीएफ और रेलवे अधिकारी ट्रेन पर पथराव मामले में आमने-सामने हो गए हैं।
ऐसे तो नहीं होंगे सुरक्षित
आरपीएफ द्वारा झेलम एक्सप्रेस पर पथराव मामले में अनदेखी बरतने पर दैनिक यात्रियों में रोष है। यात्री रणबीर, ईश्वर, सोनी और बिजेंद्र ने बताया कि झेलम एक्सप्रेस में आए दिन विवाद होते हैं। मंगलवार को ट्रेन पर पथराव हो गया। आरपीएफ को इस मामले में केस दर्ज करना चाहिए। आरपीएफ अधिकारी इस तरह से मनमानी करेंगे तो यात्री सुरक्षित नहीं रहेंगे। उनको ट्रेन में सुरक्षित यात्रा की जरूरत है। अधिकारियों को जिम्मेदारी से काम करना चाहिए।
यह था पथराव का मामला
दिल्ली-अंबाला रेलवे ट्रैक पर डाउन में जा रही झेलम एक्सप्रेस में मंगलवार को सैनिकों और दैनिक यात्रियों में कोच का दरवाजा खोलने को लेकर विवाद हो गया था। सैनिकों और यात्रियों के अड़ियल रवैये से करीब 45 मिनट तक रेलवे स्टेशन पर ट्रेन खड़ी रही। गुस्साए यात्रियों ने ट्रेन पर पथराव कर दिया। इससे ट्रेन की बोगी के शीशे टूट गए। यह ट्रेन जम्मूतवी से पूना जाती है और इसका पानीपत रेलवे स्टेशन पर सुबह 7:50 बजे पहुंचने का समय है। मंगलवार सुबह ट्रेन की आखिरी से तीसरी बोगी में करनाल और घरौंडा से ही खिड़की खोलने को लेकर विवाद हो गया था। ट्रेन के शीशे तोड़ने की बड़ी वारदात के बाद आरपीएफ अधिकारी मामला दर्ज करने की बजाय चुप्पी साधे हैं।
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वर्जन
रोजाना होते हैं ऐसे मामले
झेलम एक्सप्रेस में दरवाजा खोलने को लेकर सैनिकों और दैनिक यात्रियों के बीच तकरार हो गई थी। ऐसा ट्रेन में अकसर हो जाता है। उनके पास इसकी कोई शिकायत भी नहीं है। इससे ज्यादा में कुछ नहीं कह सकता। इसके लिए रेलवे पीआरओ से बात की जाए।
कमल कंबोज, प्रभारी आरपीएफ पानीपत
वर्जन
आरपीएफ को करनी चाहिए कार्रवाई
झेलम एक्सप्रेस में सैनिक दरवाजा बंद रखते हैं। जिसके चलते मंगलवार को रेलवे स्टेशन पर विवाद हुआ और यात्रियों ने ट्रेन के शीशे तोड़ दिए। आरपीएफ को मामला दर्ज कर जांच करनी चाहिए। यह उनकी ड्यूटी बनती है। इसको लेकर मंडल अधिकारियों को पत्र लिखेंगे।
इंद्रपाल खोसला, एसएस, रेलवे स्टेशन पानीपत
नहीं मिली कोई शिकायत
झेलम एक्सप्रेस में खिड़की खोलने को लेकर सैनिकों और यात्रियों में हंगामा हुआ था। वे सूचना पाकर मौके पर पहुंचे थे। यात्रियों और सैनिकों में सुलह हो गया था। ट्रेन पर पथराव करने की कोई शिकायत नहीं मिली है। रेलवे अधिकारियों की कोई शिकायत मिलती है तो वे मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर देंगे।
बलजीत कुंडू, प्रभारी जीआरपी पानीपत
वर्जन
अधिकारियों से मांगा जाएगा जवाब
झेलम एक्सप्रेस में सैनिकों और यात्रियाें के बीच कहासुनी की सूचना मिली है। इससे ट्रेन भी कुछ देर रुकी रही। ट्रेन में तोड़फोड़ हुई है तो मामला दर्ज कर कार्रवाई करनी चाहिए। इसकी कार्रवाई जीआरपी के अंतर्गत आएगी। इसमें कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है तो अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा।
अजय माइकल, पीआरओ, दिल्ली रेलवे मंडल
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ऐसे तो नहीं होंगे सुरक्षित
आरपीएफ द्वारा झेलम एक्सप्रेस पर पथराव मामले में अनदेखी बरतने पर दैनिक यात्रियों में रोष है। यात्री रणबीर, ईश्वर, सोनी और बिजेंद्र ने बताया कि झेलम एक्सप्रेस में आए दिन विवाद होते हैं। मंगलवार को ट्रेन पर पथराव हो गया। आरपीएफ को इस मामले में केस दर्ज करना चाहिए। आरपीएफ अधिकारी इस तरह से मनमानी करेंगे तो यात्री सुरक्षित नहीं रहेंगे। उनको ट्रेन में सुरक्षित यात्रा की जरूरत है। अधिकारियों को जिम्मेदारी से काम करना चाहिए।
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यह था पथराव का मामला
दिल्ली-अंबाला रेलवे ट्रैक पर डाउन में जा रही झेलम एक्सप्रेस में मंगलवार को सैनिकों और दैनिक यात्रियों में कोच का दरवाजा खोलने को लेकर विवाद हो गया था। सैनिकों और यात्रियों के अड़ियल रवैये से करीब 45 मिनट तक रेलवे स्टेशन पर ट्रेन खड़ी रही। गुस्साए यात्रियों ने ट्रेन पर पथराव कर दिया। इससे ट्रेन की बोगी के शीशे टूट गए। यह ट्रेन जम्मूतवी से पूना जाती है और इसका पानीपत रेलवे स्टेशन पर सुबह 7:50 बजे पहुंचने का समय है। मंगलवार सुबह ट्रेन की आखिरी से तीसरी बोगी में करनाल और घरौंडा से ही खिड़की खोलने को लेकर विवाद हो गया था। ट्रेन के शीशे तोड़ने की बड़ी वारदात के बाद आरपीएफ अधिकारी मामला दर्ज करने की बजाय चुप्पी साधे हैं।
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रोजाना होते हैं ऐसे मामले
झेलम एक्सप्रेस में दरवाजा खोलने को लेकर सैनिकों और दैनिक यात्रियों के बीच तकरार हो गई थी। ऐसा ट्रेन में अकसर हो जाता है। उनके पास इसकी कोई शिकायत भी नहीं है। इससे ज्यादा में कुछ नहीं कह सकता। इसके लिए रेलवे पीआरओ से बात की जाए।
कमल कंबोज, प्रभारी आरपीएफ पानीपत
वर्जन
आरपीएफ को करनी चाहिए कार्रवाई
झेलम एक्सप्रेस में सैनिक दरवाजा बंद रखते हैं। जिसके चलते मंगलवार को रेलवे स्टेशन पर विवाद हुआ और यात्रियों ने ट्रेन के शीशे तोड़ दिए। आरपीएफ को मामला दर्ज कर जांच करनी चाहिए। यह उनकी ड्यूटी बनती है। इसको लेकर मंडल अधिकारियों को पत्र लिखेंगे।
इंद्रपाल खोसला, एसएस, रेलवे स्टेशन पानीपत
नहीं मिली कोई शिकायत
झेलम एक्सप्रेस में खिड़की खोलने को लेकर सैनिकों और यात्रियों में हंगामा हुआ था। वे सूचना पाकर मौके पर पहुंचे थे। यात्रियों और सैनिकों में सुलह हो गया था। ट्रेन पर पथराव करने की कोई शिकायत नहीं मिली है। रेलवे अधिकारियों की कोई शिकायत मिलती है तो वे मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर देंगे।
बलजीत कुंडू, प्रभारी जीआरपी पानीपत
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अधिकारियों से मांगा जाएगा जवाब
झेलम एक्सप्रेस में सैनिकों और यात्रियाें के बीच कहासुनी की सूचना मिली है। इससे ट्रेन भी कुछ देर रुकी रही। ट्रेन में तोड़फोड़ हुई है तो मामला दर्ज कर कार्रवाई करनी चाहिए। इसकी कार्रवाई जीआरपी के अंतर्गत आएगी। इसमें कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है तो अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा।
अजय माइकल, पीआरओ, दिल्ली रेलवे मंडल