Neeraj Chopra: अब नीरज से 90 मीटर पार की आस, कॉमनवेल्थ में हासिल कर सकते हैं लक्ष्य
हरियाणा एथलेटिक्स चैंपियनशिप के महासचिव ने कहा कि नीरज का अगला लक्ष्य 90 मीटर राष्ट्रीय मंडल खेल में पूरा होगा। दादा धर्म सिंह चोपड़ा ने अपने पोते का पूरा प्रदर्शन देखा। हर मुकाबले से आधे घंटे पहले टीवी के आगे बैठ जाते हैं।
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विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2022 में रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलीट बने ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा की जीत के बाद पूरे पानीपत में खुशी का माहौल है। अब सभी को आस है कि नीरज का भाला 90 मीटर के पार जाए। एथलेटिक्स फेडरेशन, उनके पहले कोच और जिले के खिलाड़ियों को पूरी उम्मीद है कि राष्ट्रमंडल खेलों में नीरज का भारा 90 मीटर के पार जाकर इतिहास रचेगा।
एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ हरियाणा के महासचिव राजकुमार मिटान ने कहा कि नीरज चोपड़ा का यह अजेय सफर यहीं रुकने वाला नहीं है। लंदन के बरमिंघम में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में नीरज चोपड़ा देश के लिए अपना जेवलिन 90 मीटर के पार फेंक कर इतिहास रचेंगे। अबकी बार 90 पार होगा। एथलेटिक्स हरियाणा के मीडिया प्रभारी सत्यवीर धनखड़ ने बताया कि अबकी बार नीरज से राष्ट्रमंडल खेलों में भी तिरंगा फहराने की आस है।
दादा ने देखा पोते का पूरा प्रदर्शन
नीरज के दादा धर्म सिंह चोपड़ा नीरज का वर्ल्ड चैंपियनशिप में प्रदर्शन देखने के लिए सुबह चार बजे उठकर तैयार होने लगे थे। दादा ने बताया कि पोते को टीवी पर देखकर खुशी होती है। हमारे घर का बच्चा सफलता की ऊंचाइयों को छू रहा है। दादा धर्म नीरज के हर बड़े प्रदर्शन को देखने के लिए आधे घंटे पहले टीवी के सामने बैठ जाते हैं, वह एक भी दृश्य छोड़ना नहीं चाहते।
पिता ने कहा- बचपन में उम्र से ज्यादा वजनी था
रजत पदक विजेता नीरज चोपड़ा के पिता सतीश चोपड़ा ने बताया कि नीरज बचपन में अपनी उम्र के हिसाब से बहुत ज्यादा वजनी था और बॉडी वेट कम करने के लिए स्टेडियम में जाना शुरू किया था। पता नहीं था नीरज वजन कम करने के चक्कर में देश का नाम रोशन करेगा।
चाचा बोले- सेना में जाने के बाद और निखरा नीरज का खेल
नीरज के चाचा भीम सिंह चोपड़ा ने कहा कि सेना में जाने के बाद नीरज चोपड़ा की खेल प्रतिभा बहुत तेजी से निखर कर सामने आई और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में निरंतर सेना को पदक देने का कार्य करता रहा। काफी खुशी है कि हमारे घर का बेटा लगातार नए इतिहास बनाने का काम कर रहा है।