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वार्डबंदी में उलझे रहे लोग, किसी की वोट स्लिप नहीं मिली तो किसी को बूथ नहीं मिला, पहले
Updated Mon, 17 Dec 2018 01:31 AM IST
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वार्डबंदी में उलझे रहे लोग, किसी की वोट स्लिप नहीं मिली तो किसी को बूथ नहीं मिला, पहले 8 घंटे में मात्र 50 प्रतिशत व आखिरी दो घंटे में हुई 12 प्रतिशत वोटिंग
पानीपत।
दूसरा नगर निगम चुनाव वार्डबंदी में उलझा रहा। इस बार 26 वार्ड थे वार्डों के विस्तार किए गए थे। ऐसे में लोग अपनी वोट और बूथ ढूंढते रहे। काफी लोग हताश व निराश घर ही लौट गए। इस कारण पहले 8 घंटे में महज 51 प्रतिशत ही वोटिंग रही, अगले 2 घंटे 10 प्रतिशत वोटिंग हुई। कुल 62 प्रतिशत वोटिंग हुई। ये पिछली बार के मुकाबले 8 प्रतिशत कम है। बूथों पर छोटी मोटी घटनाओं को छोड़ दें तो चुनाव शांतिपूर्वक ही चला। वार्ड 22 में लोगों के विरोध के कारण आधा घंटा वोटिंग रूकी रही, नूरवाला में ईवीएम मशीन में खराबी आने के कारण एक घंटा लेट वोटिंग शुरू हुई। 62.24 फीसदी मतदान के साथ पांच मेयर प्रत्याशी और 136 पार्षद प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद हो गया। एसडी सीनियर सेकंडरी स्कूल में बूथों का कंट्रोल रूम बनाया गया था। लगभग 12 घंटे चले मतदान में
पानीपत शहर ने नगर निगम का पहला मेयर चुनने के लिए पूरे उत्साह से लाइनों में लगकर मतदान किया। सुबह आठ बजे से ही मतदान केंद्रों पर पुरुषों और महिलाओं की लंबी कतारें लगी रही। शाम पांच बजे तक कुल 278 बूथों के कंट्रोल रूम में केवल 80 बूथों की जानकारी मिल पाई थी। 8 बजे तक 260 बूथों पर वोटिंग पूरी हुई। सुबह साढ़े सात बजे से शुरू हुआ मतदान देर रात 8 बजकर 1 मिनट मतदान तक चलता रहा। वार्ड 3, 5, 8, 18, 19, 21 व 22 में हुईं छुटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
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वार्ड 22 में प्रेजाइडिंग ऑफिसर को हटाया:
वार्ड 22 के बूथ नंबर 3 पर तैनात प्रेजाइडिंग ऑफिसर पर एक विशेष प्रत्याशी को वोटिंग कराने के गंभीर आरोप लगे। लोगों ने यहां जमकर हंगामा किया। इस कारण यहां आधा घंटा तक वोटिंग रुकी रही। सूचना मिलते ही डीएसपी राजेश फौगाट मौके पर पहुंचे। उन्होंने डीसी सुमेधा कटारिया को यहां की रिपोर्ट दी। डीसी सुमेधा कटारिया ने वहां से तुरंत प्रेजाइडिंग ऑफिसर को बदल दिया। इसके बाद वोटिंग शुरू हुई और लोग शांत हुए।
पिछले चुनाव में वार्ड पांच में हुई थे सबसे ज्यादा वोटिंग:
वार्ड पांच में सबसे ज्यादा 29 प्रत्याशी हैं और सबसे कम 5625 वोटर। इसी वार्ड में आज सबसे ज्यादा 78.67 प्रतिशत वोट पड़े। इसी वार्ड में 30 मई से पहले देसराज कॉलोनी के 590 वोट जोड़े गए थे। राजनीतिक रूप से वार्ड नंबर पांच में कांग्रेस का अधिक वर्चस्व रहा है। कांग्रेस विधायक बलवीर पाल शाह समेत कई भाजपाई दिग्गजों के वार्ड 19 में सबसे कम 60.34 वोटिंग हुई थी।
मतगणना बुधवार सुबह आठ बजे से
एडीसी सुजान सिंह ने बताया कि मतगणना 19 दिसंबर को सुबह आठ से शुरू होगी। चुनाव परिणाम दोपहर तक आने की उम्मीद है। मतगणना को लेकर भी अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद हो चुका है। चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हुआ।
पिछले चुनाव की स्थिति:
पिछले साल कुल 69.24 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। शहर में 3,24,814 वोटरों में से 1,83,351 ने वोट डाले थे। इनमें वोट न डालने वाले पुरुषों की संख्या 42,471 थी। वहीं कुल महिलाओं 38,992 ने वोट नहीं डाले थे। इस तरह घर बैठने वाले पुरुषों की संख्या महिलाओं के मुकाबले 3479 ज्यादा रही थी।
वोटिंग से पहले की रात शहर में बंटे नोट व शराब:
वोटिंग से पहले की रात शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जमकर हंगामा हुआ। शनिवार रात को गौंसअली मोहल्ले में एक कैंटर राजनीतिक पार्टी के प्रत्याशी के कुछ लोग शराब व पैसा बांट रहे थे। बताया जा रहा है कि वोट के हिसाब से दो हजार रुपये व एक शराब की बोतल दी जा रही थी। लोगों के हंगामे के बाद मौके पर पुलिस पहुंची। पुलिस को देखते हुए वो फरार हो गए। वार्ड 3 में रात 11 बजे लोगों ने दो लोगों को शराब बांटते हुए पकड़ा। काफी हंगामे के बाद दोनों व्यक्ति माफी मांगकर चले गए। खटीक बस्ती में भी रात को शराब व पैसे बांटने को लेकर दो प्रत्याशियों के समर्थकों में झड़प हो गई। शहर में रात भर शराब व पैसे बंटने की घटनाएं सामने आई।
प्रत्याशी बूथ दर बूथ जाकर लेते रहे स्थिति का जायजा:
भाजपा की मेयर प्रत्याशी अवनीत कौर व कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार अंशु कौर पाहवा ने सुबह ही अपना मतदान कर दिया था। वो दोनों अलग अलग बूथों पर जाकर स्थिति का जायजा लेते रहे। दोनों काफी उत्साहित नजर आए। हालांकि लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी की उम्मीदवार सीमा सैनी व इनेलो बसपा की उम्मीदवार प्रियंका कश्यप कम ही दिखाई दिए।
वार्ड 22 में आजाद उम्मीदवार प्रवेश नैन पर लगे आरोप:
वार्ड 22 से आजाद उम्मीदवार प्रवेश नैन मैदान में हैं। ये इसी वार्ड से निवर्तमान पार्षद भी हैं। इन पर लोगों ने आरोप लगाया कि ये प्रेजाइडिंग ऑफिसर से सांठगांठ कर लोगों से जबरदस्ती अपने निशान पर वोट डलवा रहे हैं। इस बात पर लोगों ने वार्ड 22 के बूथ नंबर 3 पर जमकर हंगामा किया और वोटिंग को रोक दिया गया। प्रशासन ने बूथ से प्रवेश नैन को बाहर निकाल दिया और प्रेजाइडिंग ऑफिसर को बदल दिया। वहीं प्रवेश नैन का कहना है कि उनकी जीत को देखकर दूसरे प्रत्याशी बौखला गए हैं। उन पर गलत आरोप लगा रहे हैं।
वार्ड 22 में बूथ नंबर छह पर रही आधे घंटे तक ईवीएम मशीन खराब:
वार्ड 22 कच्चा कैंप बूथ 6 पर सुबह साढ़े सात बजे मतदान डलने शुरू होने थे, लेकिन ईवीएम मशीन खराब होने के कारण आठ बजे मतदान डलने शुरू हुए। अधिकारी सुरेश का कहना है कि मशीन में किन्हीं कारणों से फाल्ट आ गया था, जिसके कारण लोगों को समस्या का सामना करना पड़ा था। मशीन को ठीक होने में आधे घंटे का समय लगा है। आधे घंटे में मत डालने वाले लोगों की संख्या सौ से अधिक तक पहुंच गई थी। आठ बजे मतदान शुरू होने के बाद धीरे-धीरे भीड़ को काबू किया गया। बूथ छह पर 10 बजे तक 15 प्रतिशत वोट हुई जो बढ़कर 4 बजे तक 53 प्रतिशत पर रूक गई।
वार्ड 6 में भारत नगर के लोगों ने किया 50 प्रतिशत मतदान:
भारत नगर के 50 प्रतिशत लोगों ने ही वोट डाली है, बाकी पचास प्रतिशत लोगों ने वोट नहीं डाला है। उनका कहना है कि वह किस नेता को वोट दें जो कॉलोनी में एक बार भी नहीं आया। पांच साल में कॉलोनी में पार्षद या मेयर एक बार भी नहीं आया है, जिसके कारण कॉलोनी निवासियों में रोष बना है और मतदान नहीं किया है। वहीं उन्होंने बताया कि वार्ड में 1500 वोट जिनमें से 700 लोगों ने वोट डाली है। वार्ड 24 बूथ 1 पर कांता देवी का कहना है कि छावनी सरपंच बिजेंद्र ने सुमन ग्रोवर के पक्ष में लगभग पांच से दस लोगों की वोट अपने आप डाली है और जब उन्होंने उसे रोकने को कोशिश की तो ग्रोवर ने उसे कहा कि मै तो ऐसे ही वोट डालूंगा तुम मेरा कुछ नहीं कर सकती। वहीं बूथ अधिकारी का कहना है कि वहां पर छह लोगों ने बीस साल पुराने पहचान पत्र फर्जी वोट डालने की कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने उन लोगों को वोट डालने नहीं दिया। वहीं उन्होंने बताया कि बूथ नं एक में टोटल 1200 वोट जिनमें से 799 लोगों ने वोट डाली है।
इन हॉट सीटों पर सबकी नजर:
वार्ड 8 में कांग्रेस समर्थित अश्वनी नंबरदार व निर्दलीय जोनी चावला, वार्ड 9 में शिप्रा विज व अशोक नारंग, वार्ड 10 वरूण व भाजपा के रविंद्र भाटिया के बीच, वार्ड 12 में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार बिंटू मलिक व सतीश सैनी, वार्ड 15 में भाजपा के सुरेंद्र गर्ग व अशोक छाबड़ा, वार्ड 20 में लोकेश नागरू व आशु मलिक के बीच कड़ी टक्कर है। सबकी इन हॉट सीटों पर ही नजर है।
सीए के इलेक्शन की वोट का था उंगली पर निशान, फर्जी मतदाता समझ बाहर निकाला :
वार्ड 3 तहसील कैंप के सरकारी स्कूल में प्रेम नामक एक मतदाता ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्होंने उसके साथ गलत व्यवहार किया है। युवक ने कहा कि उसने कुछ दिनों पहले सीए के चुनाव में वोट डाला था, उसने एक वोट सीए के लिए डाला था व एक सीएस के लिए जिस कारण उनके दोनों हाथों की उंगली पर निशान लगा दिया गया था, लेकिन वह जब नगर निगम के लिए वोट डालने आया तो पुलिस ने उसे धक्के देकर बाहर निकाल दिया व उसकी एक नहीं सुनी। जिसके बाद युवक ने प्रशासन से भी गुहार लगाई कि उनको समाज के प्रति अपना फर्ज निभाने दें, लेकिन किसी ने उनकी एक नहीं सुनी व युवक वोट डालने से वंचित रह गया।
सीएम ने परिणाम से पहले ही पानीपत के नेताओं को दी बधाई:
सीएम मनोहर लाल पानीपत नगर निगम चुनाव में मेयर की कुर्सी को लेकर काफी आश्वस्त दिखाई दे रहे हैं। पांच बजे तक 58 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। उन्होंने इसी वक्त जिलाध्यक्ष प्रमोद विज को फोन कर बधाई दी। जिलाध्यक्ष ने सीएम को विश्वास दिलाया कि पानीपत में भाजपा जीत दर्ज करेगी।
ऐसे चला वोटिंग का प्रतिशत:
सुबह साढ़े 7 से साढ़े 9 बजे के बीच 7.4 वोटिंग, साढ़े 9 से 11 बजे के बीच 11 प्रतिशत, 11 बजे से साढ़े 12 बजे तक 21.1 प्रतिशत, 1 बजे तक 24 प्रतिशत, डेढ़ बजे तक 26.5 प्रतिशत, ढाई बजे तक 34 प्रतिशत, तीन बजे तक 38 प्रतिशत, साढ़े 3 तक 40 प्रतिशत, साढ़े 4 बजे तक 51.2 प्रतिशत, 5 बजे तक 55 प्रतिशत, 6 बजे तक 60 प्रतिशत, 8 बजे तक 62 प्रतिशत मतदान हुआ।
पानीपत।
दूसरा नगर निगम चुनाव वार्डबंदी में उलझा रहा। इस बार 26 वार्ड थे वार्डों के विस्तार किए गए थे। ऐसे में लोग अपनी वोट और बूथ ढूंढते रहे। काफी लोग हताश व निराश घर ही लौट गए। इस कारण पहले 8 घंटे में महज 51 प्रतिशत ही वोटिंग रही, अगले 2 घंटे 10 प्रतिशत वोटिंग हुई। कुल 62 प्रतिशत वोटिंग हुई। ये पिछली बार के मुकाबले 8 प्रतिशत कम है। बूथों पर छोटी मोटी घटनाओं को छोड़ दें तो चुनाव शांतिपूर्वक ही चला। वार्ड 22 में लोगों के विरोध के कारण आधा घंटा वोटिंग रूकी रही, नूरवाला में ईवीएम मशीन में खराबी आने के कारण एक घंटा लेट वोटिंग शुरू हुई। 62.24 फीसदी मतदान के साथ पांच मेयर प्रत्याशी और 136 पार्षद प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद हो गया। एसडी सीनियर सेकंडरी स्कूल में बूथों का कंट्रोल रूम बनाया गया था। लगभग 12 घंटे चले मतदान में
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पानीपत शहर ने नगर निगम का पहला मेयर चुनने के लिए पूरे उत्साह से लाइनों में लगकर मतदान किया। सुबह आठ बजे से ही मतदान केंद्रों पर पुरुषों और महिलाओं की लंबी कतारें लगी रही। शाम पांच बजे तक कुल 278 बूथों के कंट्रोल रूम में केवल 80 बूथों की जानकारी मिल पाई थी। 8 बजे तक 260 बूथों पर वोटिंग पूरी हुई। सुबह साढ़े सात बजे से शुरू हुआ मतदान देर रात 8 बजकर 1 मिनट मतदान तक चलता रहा। वार्ड 3, 5, 8, 18, 19, 21 व 22 में हुईं छुटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
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वार्ड 22 में प्रेजाइडिंग ऑफिसर को हटाया:
वार्ड 22 के बूथ नंबर 3 पर तैनात प्रेजाइडिंग ऑफिसर पर एक विशेष प्रत्याशी को वोटिंग कराने के गंभीर आरोप लगे। लोगों ने यहां जमकर हंगामा किया। इस कारण यहां आधा घंटा तक वोटिंग रुकी रही। सूचना मिलते ही डीएसपी राजेश फौगाट मौके पर पहुंचे। उन्होंने डीसी सुमेधा कटारिया को यहां की रिपोर्ट दी। डीसी सुमेधा कटारिया ने वहां से तुरंत प्रेजाइडिंग ऑफिसर को बदल दिया। इसके बाद वोटिंग शुरू हुई और लोग शांत हुए।
पिछले चुनाव में वार्ड पांच में हुई थे सबसे ज्यादा वोटिंग:
वार्ड पांच में सबसे ज्यादा 29 प्रत्याशी हैं और सबसे कम 5625 वोटर। इसी वार्ड में आज सबसे ज्यादा 78.67 प्रतिशत वोट पड़े। इसी वार्ड में 30 मई से पहले देसराज कॉलोनी के 590 वोट जोड़े गए थे। राजनीतिक रूप से वार्ड नंबर पांच में कांग्रेस का अधिक वर्चस्व रहा है। कांग्रेस विधायक बलवीर पाल शाह समेत कई भाजपाई दिग्गजों के वार्ड 19 में सबसे कम 60.34 वोटिंग हुई थी।
मतगणना बुधवार सुबह आठ बजे से
एडीसी सुजान सिंह ने बताया कि मतगणना 19 दिसंबर को सुबह आठ से शुरू होगी। चुनाव परिणाम दोपहर तक आने की उम्मीद है। मतगणना को लेकर भी अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद हो चुका है। चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हुआ।
पिछले चुनाव की स्थिति:
पिछले साल कुल 69.24 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। शहर में 3,24,814 वोटरों में से 1,83,351 ने वोट डाले थे। इनमें वोट न डालने वाले पुरुषों की संख्या 42,471 थी। वहीं कुल महिलाओं 38,992 ने वोट नहीं डाले थे। इस तरह घर बैठने वाले पुरुषों की संख्या महिलाओं के मुकाबले 3479 ज्यादा रही थी।
वोटिंग से पहले की रात शहर में बंटे नोट व शराब:
वोटिंग से पहले की रात शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जमकर हंगामा हुआ। शनिवार रात को गौंसअली मोहल्ले में एक कैंटर राजनीतिक पार्टी के प्रत्याशी के कुछ लोग शराब व पैसा बांट रहे थे। बताया जा रहा है कि वोट के हिसाब से दो हजार रुपये व एक शराब की बोतल दी जा रही थी। लोगों के हंगामे के बाद मौके पर पुलिस पहुंची। पुलिस को देखते हुए वो फरार हो गए। वार्ड 3 में रात 11 बजे लोगों ने दो लोगों को शराब बांटते हुए पकड़ा। काफी हंगामे के बाद दोनों व्यक्ति माफी मांगकर चले गए। खटीक बस्ती में भी रात को शराब व पैसे बांटने को लेकर दो प्रत्याशियों के समर्थकों में झड़प हो गई। शहर में रात भर शराब व पैसे बंटने की घटनाएं सामने आई।
प्रत्याशी बूथ दर बूथ जाकर लेते रहे स्थिति का जायजा:
भाजपा की मेयर प्रत्याशी अवनीत कौर व कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार अंशु कौर पाहवा ने सुबह ही अपना मतदान कर दिया था। वो दोनों अलग अलग बूथों पर जाकर स्थिति का जायजा लेते रहे। दोनों काफी उत्साहित नजर आए। हालांकि लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी की उम्मीदवार सीमा सैनी व इनेलो बसपा की उम्मीदवार प्रियंका कश्यप कम ही दिखाई दिए।
वार्ड 22 में आजाद उम्मीदवार प्रवेश नैन पर लगे आरोप:
वार्ड 22 से आजाद उम्मीदवार प्रवेश नैन मैदान में हैं। ये इसी वार्ड से निवर्तमान पार्षद भी हैं। इन पर लोगों ने आरोप लगाया कि ये प्रेजाइडिंग ऑफिसर से सांठगांठ कर लोगों से जबरदस्ती अपने निशान पर वोट डलवा रहे हैं। इस बात पर लोगों ने वार्ड 22 के बूथ नंबर 3 पर जमकर हंगामा किया और वोटिंग को रोक दिया गया। प्रशासन ने बूथ से प्रवेश नैन को बाहर निकाल दिया और प्रेजाइडिंग ऑफिसर को बदल दिया। वहीं प्रवेश नैन का कहना है कि उनकी जीत को देखकर दूसरे प्रत्याशी बौखला गए हैं। उन पर गलत आरोप लगा रहे हैं।
वार्ड 22 में बूथ नंबर छह पर रही आधे घंटे तक ईवीएम मशीन खराब:
वार्ड 22 कच्चा कैंप बूथ 6 पर सुबह साढ़े सात बजे मतदान डलने शुरू होने थे, लेकिन ईवीएम मशीन खराब होने के कारण आठ बजे मतदान डलने शुरू हुए। अधिकारी सुरेश का कहना है कि मशीन में किन्हीं कारणों से फाल्ट आ गया था, जिसके कारण लोगों को समस्या का सामना करना पड़ा था। मशीन को ठीक होने में आधे घंटे का समय लगा है। आधे घंटे में मत डालने वाले लोगों की संख्या सौ से अधिक तक पहुंच गई थी। आठ बजे मतदान शुरू होने के बाद धीरे-धीरे भीड़ को काबू किया गया। बूथ छह पर 10 बजे तक 15 प्रतिशत वोट हुई जो बढ़कर 4 बजे तक 53 प्रतिशत पर रूक गई।
वार्ड 6 में भारत नगर के लोगों ने किया 50 प्रतिशत मतदान:
भारत नगर के 50 प्रतिशत लोगों ने ही वोट डाली है, बाकी पचास प्रतिशत लोगों ने वोट नहीं डाला है। उनका कहना है कि वह किस नेता को वोट दें जो कॉलोनी में एक बार भी नहीं आया। पांच साल में कॉलोनी में पार्षद या मेयर एक बार भी नहीं आया है, जिसके कारण कॉलोनी निवासियों में रोष बना है और मतदान नहीं किया है। वहीं उन्होंने बताया कि वार्ड में 1500 वोट जिनमें से 700 लोगों ने वोट डाली है। वार्ड 24 बूथ 1 पर कांता देवी का कहना है कि छावनी सरपंच बिजेंद्र ने सुमन ग्रोवर के पक्ष में लगभग पांच से दस लोगों की वोट अपने आप डाली है और जब उन्होंने उसे रोकने को कोशिश की तो ग्रोवर ने उसे कहा कि मै तो ऐसे ही वोट डालूंगा तुम मेरा कुछ नहीं कर सकती। वहीं बूथ अधिकारी का कहना है कि वहां पर छह लोगों ने बीस साल पुराने पहचान पत्र फर्जी वोट डालने की कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने उन लोगों को वोट डालने नहीं दिया। वहीं उन्होंने बताया कि बूथ नं एक में टोटल 1200 वोट जिनमें से 799 लोगों ने वोट डाली है।
इन हॉट सीटों पर सबकी नजर:
वार्ड 8 में कांग्रेस समर्थित अश्वनी नंबरदार व निर्दलीय जोनी चावला, वार्ड 9 में शिप्रा विज व अशोक नारंग, वार्ड 10 वरूण व भाजपा के रविंद्र भाटिया के बीच, वार्ड 12 में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार बिंटू मलिक व सतीश सैनी, वार्ड 15 में भाजपा के सुरेंद्र गर्ग व अशोक छाबड़ा, वार्ड 20 में लोकेश नागरू व आशु मलिक के बीच कड़ी टक्कर है। सबकी इन हॉट सीटों पर ही नजर है।
सीए के इलेक्शन की वोट का था उंगली पर निशान, फर्जी मतदाता समझ बाहर निकाला :
वार्ड 3 तहसील कैंप के सरकारी स्कूल में प्रेम नामक एक मतदाता ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्होंने उसके साथ गलत व्यवहार किया है। युवक ने कहा कि उसने कुछ दिनों पहले सीए के चुनाव में वोट डाला था, उसने एक वोट सीए के लिए डाला था व एक सीएस के लिए जिस कारण उनके दोनों हाथों की उंगली पर निशान लगा दिया गया था, लेकिन वह जब नगर निगम के लिए वोट डालने आया तो पुलिस ने उसे धक्के देकर बाहर निकाल दिया व उसकी एक नहीं सुनी। जिसके बाद युवक ने प्रशासन से भी गुहार लगाई कि उनको समाज के प्रति अपना फर्ज निभाने दें, लेकिन किसी ने उनकी एक नहीं सुनी व युवक वोट डालने से वंचित रह गया।
सीएम ने परिणाम से पहले ही पानीपत के नेताओं को दी बधाई:
सीएम मनोहर लाल पानीपत नगर निगम चुनाव में मेयर की कुर्सी को लेकर काफी आश्वस्त दिखाई दे रहे हैं। पांच बजे तक 58 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। उन्होंने इसी वक्त जिलाध्यक्ष प्रमोद विज को फोन कर बधाई दी। जिलाध्यक्ष ने सीएम को विश्वास दिलाया कि पानीपत में भाजपा जीत दर्ज करेगी।
ऐसे चला वोटिंग का प्रतिशत:
सुबह साढ़े 7 से साढ़े 9 बजे के बीच 7.4 वोटिंग, साढ़े 9 से 11 बजे के बीच 11 प्रतिशत, 11 बजे से साढ़े 12 बजे तक 21.1 प्रतिशत, 1 बजे तक 24 प्रतिशत, डेढ़ बजे तक 26.5 प्रतिशत, ढाई बजे तक 34 प्रतिशत, तीन बजे तक 38 प्रतिशत, साढ़े 3 तक 40 प्रतिशत, साढ़े 4 बजे तक 51.2 प्रतिशत, 5 बजे तक 55 प्रतिशत, 6 बजे तक 60 प्रतिशत, 8 बजे तक 62 प्रतिशत मतदान हुआ।