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वार्डबंदी को लेकर तीन दिन में 24 आपतियां, मेयर से लेकर पार्षदों ने दर्ज करायी आपति
Updated Wed, 18 Apr 2018 12:37 AM IST
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फोटो- 24 व 25
वार्डबंदी पर तीन दिन में 24 आपत्तियां, मेयर से लेकर पार्षदों ने दर्ज कराई आपत्ति
- कहीं पर वार्ड की जनसंख्या गलत बताने का आरोप तो कहीं पर पुुरानी कालोनी को वार्ड से किया बाहर
- आपत्ति दर्ज कराने में 7 दिन बचे जिसमें तीन दिन कार्यालय रहेगा बंद
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। नगर निगम में 24 को बढ़ा कर 26 वार्ड किये जाने के बाद पार्षदों की गुणा व गणित पर असर दिख रहा है। उपायुक्त की ओर से इसे दस दिन के भीतर खत्म करने के आदेश के बाद अब तक विभाग को 24 आपत्तियां मिली हैं। इसमें तीन आपत्ति तो मेयर की ओर से दर्ज कराई गई हैं।
नगर निगम क्षेत्र की वार्ड बंदी मामले को जिला प्रशासन जल्द ही खत्म करना चाहता है। इसके चलते ईओ अरुण कुमार को नोडल अधिकारी बनाया गया है। सोमवार तक विभाग में आपत्तियां ली जाएंगी। बुधवार को परशुराम जयंती पर कार्यालय बंद रहेगा। जबकि शनिवार व रविवार को आपत्तियां नहीं मिल पाएंगे। ऐसे में चार दिन के भीतर ही अन्य आपत्तियों के आने की उम्मीद है।
मयेर की ओर से दी गई आपत्ति में कहा गया गया है कि जिस हिस्से को वार्ड छह से सात में दिखाया गया है। उसकी बाउंडरी से लगते हुए कुछ ब्लाक हैं। जो गलत तरीके से शामिल किया गया है। उनके वार्ड से संबधित लोगों की ओर से यह आवेदन दिया गया है।
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वार्ड संख्या पांच से भाजपा के पार्षद जयकुमार की अलग आपत्ति है। उनका कहना है कि उनके वार्ड का जब वर्ष 2010 में वार्डबंदी हुई। तो उस दौरान जनसंख्या 26772 थी। वर्तमान वार्डबंदी में छह कालोनियों को और जोड़ दिया गया। साथ ही वार्ड के खाली क्षेत्र में लोग बस गए हैं। उसके बाद वार्ड की संख्या 30 हजार के लगभग है। जबकि उन्होंने अपने स्तर पर सर्वे किया तो वार्ड की आबादी 60 हजार के लगभग आ रही है। वार्ड पांच के रहने वाले राज कुमार की ओर से भी आपत्ति दर्ज कराई गई है। इसके साथ अन्य लोगों की ओर से भी आपत्ति दर्ज कराई गई है। नगर निगम की ओर से इसकी स्क्रूटनी के बाद ही विचार होगा।
वार्ड 12 की बलजीत नगर कालोनी को तीन वार्डों में देने का आरोप
भाजपा के वार्ड 12 के पार्षद सतीश सैनी कहते हैं उनके वार्ड में बलजीत नगर कालोनी है। जिसके कुछ हिस्से को वार्ड 11 व वार्ड 13 में दिया गया है। उनके वार्ड में दो किमी दूर बसी एकता कालोनी को डाला गया है। जो हाइवे पार है।
वार्ड 18 से छेड़छाड़ का आरोप
भाजपा पार्षद संजीव दहिया कहते हैं कि उनके वार्ड में सोंधापुर गांव आता है। जिसे दो हिस्सों में बांट दिया गया। आधा हिस्सा वार्ड 21 व आधा हिस्सा वार्ड 22 में डाला गया है। जबकि गांव को दो भागों में बांटे जाने से उसका विकास प्रभावित होगा। पार्षद का आरोप है कि वार्ड 17 व वार्ड 18 के वोटरों की संख्या बीते वार्ड बंदी में सामान थी। क्या वार्ड 18 में आबादी ज्यादा बढ़ी है जो उससे छेड़छाड़ हुआ है।
पूर्व मेयर ने वार्ड बंदी को सही बताया
वार्डबंदी पर वर्तमान सदन के सदस्यों की ओर से भले ही बवाल मचा हो। पूर्व मेयर कहते हैं कि वार्ड बड़ा हो या छोटा। जिसकी छवि बेहतर होगी वह कहीं से चुनाव लड़ लेगा। उनके हिसाब से वार्ड बंदी ठीक हुई है।
भूपेन्द्र सिंह पूर्व मेयर नगभर निगम, पानीपत।
जिसे आपत्ति है वह दर्ज कराये
वार्डबंदी को लेकर ज्यादा परेशान वर्तमान पार्षद हैं। मेयर कहते हैं कि जिसे अपने वार्डबंदी को लेकर परेशानी है वह अपनी आपत्ति दर्ज कराये।
सुुरेश वर्मा मेयर नगर निगम पानीपत।
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वार्डबंदी पर तीन दिन में 24 आपत्तियां, मेयर से लेकर पार्षदों ने दर्ज कराई आपत्ति
- कहीं पर वार्ड की जनसंख्या गलत बताने का आरोप तो कहीं पर पुुरानी कालोनी को वार्ड से किया बाहर
- आपत्ति दर्ज कराने में 7 दिन बचे जिसमें तीन दिन कार्यालय रहेगा बंद
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। नगर निगम में 24 को बढ़ा कर 26 वार्ड किये जाने के बाद पार्षदों की गुणा व गणित पर असर दिख रहा है। उपायुक्त की ओर से इसे दस दिन के भीतर खत्म करने के आदेश के बाद अब तक विभाग को 24 आपत्तियां मिली हैं। इसमें तीन आपत्ति तो मेयर की ओर से दर्ज कराई गई हैं।
नगर निगम क्षेत्र की वार्ड बंदी मामले को जिला प्रशासन जल्द ही खत्म करना चाहता है। इसके चलते ईओ अरुण कुमार को नोडल अधिकारी बनाया गया है। सोमवार तक विभाग में आपत्तियां ली जाएंगी। बुधवार को परशुराम जयंती पर कार्यालय बंद रहेगा। जबकि शनिवार व रविवार को आपत्तियां नहीं मिल पाएंगे। ऐसे में चार दिन के भीतर ही अन्य आपत्तियों के आने की उम्मीद है।
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मयेर की ओर से दी गई आपत्ति में कहा गया गया है कि जिस हिस्से को वार्ड छह से सात में दिखाया गया है। उसकी बाउंडरी से लगते हुए कुछ ब्लाक हैं। जो गलत तरीके से शामिल किया गया है। उनके वार्ड से संबधित लोगों की ओर से यह आवेदन दिया गया है।
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वार्ड संख्या पांच से भाजपा के पार्षद जयकुमार की अलग आपत्ति है। उनका कहना है कि उनके वार्ड का जब वर्ष 2010 में वार्डबंदी हुई। तो उस दौरान जनसंख्या 26772 थी। वर्तमान वार्डबंदी में छह कालोनियों को और जोड़ दिया गया। साथ ही वार्ड के खाली क्षेत्र में लोग बस गए हैं। उसके बाद वार्ड की संख्या 30 हजार के लगभग है। जबकि उन्होंने अपने स्तर पर सर्वे किया तो वार्ड की आबादी 60 हजार के लगभग आ रही है। वार्ड पांच के रहने वाले राज कुमार की ओर से भी आपत्ति दर्ज कराई गई है। इसके साथ अन्य लोगों की ओर से भी आपत्ति दर्ज कराई गई है। नगर निगम की ओर से इसकी स्क्रूटनी के बाद ही विचार होगा।
वार्ड 12 की बलजीत नगर कालोनी को तीन वार्डों में देने का आरोप
भाजपा के वार्ड 12 के पार्षद सतीश सैनी कहते हैं उनके वार्ड में बलजीत नगर कालोनी है। जिसके कुछ हिस्से को वार्ड 11 व वार्ड 13 में दिया गया है। उनके वार्ड में दो किमी दूर बसी एकता कालोनी को डाला गया है। जो हाइवे पार है।
वार्ड 18 से छेड़छाड़ का आरोप
भाजपा पार्षद संजीव दहिया कहते हैं कि उनके वार्ड में सोंधापुर गांव आता है। जिसे दो हिस्सों में बांट दिया गया। आधा हिस्सा वार्ड 21 व आधा हिस्सा वार्ड 22 में डाला गया है। जबकि गांव को दो भागों में बांटे जाने से उसका विकास प्रभावित होगा। पार्षद का आरोप है कि वार्ड 17 व वार्ड 18 के वोटरों की संख्या बीते वार्ड बंदी में सामान थी। क्या वार्ड 18 में आबादी ज्यादा बढ़ी है जो उससे छेड़छाड़ हुआ है।
पूर्व मेयर ने वार्ड बंदी को सही बताया
वार्डबंदी पर वर्तमान सदन के सदस्यों की ओर से भले ही बवाल मचा हो। पूर्व मेयर कहते हैं कि वार्ड बड़ा हो या छोटा। जिसकी छवि बेहतर होगी वह कहीं से चुनाव लड़ लेगा। उनके हिसाब से वार्ड बंदी ठीक हुई है।
भूपेन्द्र सिंह पूर्व मेयर नगभर निगम, पानीपत।
जिसे आपत्ति है वह दर्ज कराये
वार्डबंदी को लेकर ज्यादा परेशान वर्तमान पार्षद हैं। मेयर कहते हैं कि जिसे अपने वार्डबंदी को लेकर परेशानी है वह अपनी आपत्ति दर्ज कराये।
सुुरेश वर्मा मेयर नगर निगम पानीपत।