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Panipat News: सनौली खुर्द के 70 वर्षीय त्रिलोक चंद ने मैराथन में जीता स्वर्ण पदक
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सनौली। सनौली खुर्द के 70 वर्षीय त्रिलोक चंद इंसां ने एक बार फिर सोनीपत मैराथन दौड़ जीतकर सबको हैरान कर दिया। दीनबंधु छोटूराम यूनिवर्सिटी डीसीआरयूएसटी सोनीपत मैराथन में त्रिलोक ने अपना 13वां पदक जीता। उन्होंने सीनियर सिटीजन ग्रुप में कोच शिवा माही के मार्गदर्शन में पांच किलोमीटर रेस लगाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इससे पहले ये भिवानी मैराथन, गुरुग्राम में आरइएम रनिंग एंड इंटरटेनमेंट मीडिया की तरफ से सीनियर सिटीजन ग्रुप में दौड़कर प्रथम स्थान प्राप्त कर एक साथ तीन स्वर्ण पदक के साथ शील्ड प्राप्त कर अपना लोहा मनवाया था।
त्रिलोक चंद ने बताया कि उन्होंने पांच किलोमीटर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत देश व प्रदेश का नाम रोशन किया। पदक जीतने पर उन्हें पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया। यह उनका तेहरवां पदक है। इससे पहले भी वे दो बार गुरुग्राम की आरइएम रनिंग रेस, माड रेस, जालंधर की वन रेस, गुडगांव रेस तथा वेदांता दिल्ली आफ मैराथन 2024 अंतरराष्ट्रीय रेस की सीनियर सिटीजन रेस व पानीपत मैराथन में भी दौड़ लगाकर स्वर्ण पदक हासिल कर चुके है। त्रिलोक ने बताया की वह एक साधारण किसान परिवार में जन्मे और अपना जीवन भी खेती करते हुए यापन करते है। अपनी सेहत का राज सरल खाना व प्रतिदिन व्यायाम व कसरत के साथ रेस लगाना व लगातार साइकिल चलाना बताया। मानवता की राह पर चलते हुए 37 बार रक्तदान भी कर चुके हैं।
त्रिलोक चंद ने बताया की वह पिछले काफी समय से डेरा सच्चा सौदा से जुड़े हुए हैं और गुरु की प्रेरणा से व कोचिंग से एथलेटिक्स व योगा सीख कर खेलो के सीनियर सिटीजन स्पर्धा में भाग लेने लगे है। इस उम्र में आगे भी पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन करते रहेंगे।
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त्रिलोक चंद ने बताया कि उन्होंने पांच किलोमीटर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत देश व प्रदेश का नाम रोशन किया। पदक जीतने पर उन्हें पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया। यह उनका तेहरवां पदक है। इससे पहले भी वे दो बार गुरुग्राम की आरइएम रनिंग रेस, माड रेस, जालंधर की वन रेस, गुडगांव रेस तथा वेदांता दिल्ली आफ मैराथन 2024 अंतरराष्ट्रीय रेस की सीनियर सिटीजन रेस व पानीपत मैराथन में भी दौड़ लगाकर स्वर्ण पदक हासिल कर चुके है। त्रिलोक ने बताया की वह एक साधारण किसान परिवार में जन्मे और अपना जीवन भी खेती करते हुए यापन करते है। अपनी सेहत का राज सरल खाना व प्रतिदिन व्यायाम व कसरत के साथ रेस लगाना व लगातार साइकिल चलाना बताया। मानवता की राह पर चलते हुए 37 बार रक्तदान भी कर चुके हैं।
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त्रिलोक चंद ने बताया की वह पिछले काफी समय से डेरा सच्चा सौदा से जुड़े हुए हैं और गुरु की प्रेरणा से व कोचिंग से एथलेटिक्स व योगा सीख कर खेलो के सीनियर सिटीजन स्पर्धा में भाग लेने लगे है। इस उम्र में आगे भी पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन करते रहेंगे।
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