{"_id":"5a5ba5f44f1c1b8f268b46ec","slug":"61515955700-panipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"-ननिहाल में रिश्ते के नाना व मामा ने हैवानियत की सीमा लांघी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
-ननिहाल में रिश्ते के नाना व मामा ने हैवानियत की सीमा लांघी
Updated Mon, 15 Jan 2018 12:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नानी बोली, मोदी तू बेटी बचाने की कहता है, लेकिन समाज तो नहीं बचने दे रहा
पानीपत/मतलौडा। ‘मैंने अपनी बेटी की पहली शादी टूटने के बाद दूसरी शादी में किसी तरह का विघ्न न होने से अपनी दयोती को अपने पास रखा था और पढ़ा लिखाकर कामयाब बनाना था। मोदी मैंने तो बच्ची को बचाया भी और उसको पढ़ाना भी चाहा, लेकिन समाज ने तो उसको न तो बचने दिया और न ही पढ़ने दिया। हैवानों ने उसकी दयोती के साथ गंदा काम कर हत्या कर दिया। यहीं नहीं उसकी मौत के बाद भी उसके शरीर को नहीं बख्शा। अब तो मुझे अपने पोते-पोतियों की भी चिंता सताने लगी है’। यह दर्द उरलाना कलां गांव में छठी कक्षा में पढ़ने वाली 12 वर्षीय बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या व फिर मरी हुई बच्ची के साथ दुराचार की सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद उसकी नानी ने कही। बच्ची की नानी अब आरोपियों और सरकार को कोस रही है। परिवार के लोगों ने भी उसको ढांढस बंधाई, लेकिन उसका सब्र किसी भी वक्त जवाब दे रहा है। नानी कह रही थी कि एक रिश्ते में नाना व दूसरा मामा लगता है। उसे नहीं पता था कि दोनों उसकी दयोती के साथ ऐसी हरकत करेंगे। उधर, इस घटना के बाद गांव में मकर संक्रांति भी नहीं मनाई गई।
जब देर रात तक नहीं लौटी तो बढ़ गई चिंता
नानी ने बताया कि उसकी दयोती शनिवार शाम को करीब छह बजे कूड़ा डालने गई थी। उसने करीब 15 मिनट बाद ही उसको तलाश करना शुरू कर दिया। उनको पहले तो लगा कि बच्ची किसी के साथ लोहड़ी मनाने चली गई होगी, लेकिन देर रात को भी वह वापस नहीं आई तो उनकी चिंता बढ़ गई। उन्होंने देर रात तक बच्ची की कई जगह तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। उनको रात करीब 11 बजे आरोपी प्रदीप अपने घर के बाहर खड़ा दिखाई दिया था। वे अंधेरा होने के चलते उसके चेहरे को नहीं पढ़ सके। उन्होंने उसकी टोह बंद होने के बाद देर रात को उसकी दयोती के शव को वाल्मीकि चौपाल व मंदिर के पास फेंक दिया। जबकि शाम के वक्त वे आसपास में बच्ची को उस जगह पर भी तलाश कर आए थे।
रात में दी शिकायत, पुलिस की नहीं दिखी सक्रियता
परिजनों ने बताया कि उन्होंने पहले तो बच्ची की अपने स्तर पर गांव व आसपास काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। वे देर रात को गांव के नजदीक ही स्थित पुलिस चौकी में पहुंचे। उन्होंने पुलिसकर्मियों को मामले की जानकारी दी। पुलिसकर्मियों ने उनकी शिकायत लेकर सुबह कार्रवाई करने की की। वे भी रात होने पर पुलिसकर्मियों की सलाह पर वापस आ गए। उन्होंने अल सुबह फिर से बच्ची की तलाश शुरू कर दी। उनको बच्ची नग्न अवस्था में चौपाल के पीछे गंदे पानी के गड्ढे में मिला। उसका आधा शरीर पानी व आधा बाहर था। शव पूरी से नग्न अवस्था में था। उरलाना कलां चौकी प्रभारी रामेश्वर दत्त ने बताया कि परिजनों ने रात को शिकायत तो दी थी, लेकिन उन्होंने खुद ही सुबह कार्रवाई करने की बात कही थी। उनको सुबह साढ़े आठ बजे बच्ची का शव मिलने की सूचना मिली थी। मैं तुरंत मौके पर पहुंच गया था और आला अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी थी।
विज्ञापन
लोगों ने डेढ़ घंटे तक नहीं उठाने दिया शव, गाड़ी भी रोकी
परिजनों और ग्रामीणों का बच्ची की दुराचार के बाद हत्या की वारदात से गुस्सा फूट गया। मौके पर पहुंचे उरलाना कलां चौकी प्रभारी रामेश्वर दत्त को शव नहीं उठाने दिया। थाना मतलौडा प्रभारी संदीप कुमार गांव में पहुंचे। ग्रामीणों ने उसकी भी नहीं सुनी। इसके बाद एसडी राहुल शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को पूरे मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। पुलिस अधिकारियों ने मौके से शव को उठाकर गाड़ी में रख लिया, लेकिन ग्रामीणों ने गाड़ी को रोक लिया। ग्रामीणों ने कहा कि आरोपियों के सामने लाने पर ही शव को आगे जाने देंगे।
दोनों आरोपी बने रहे भीड़ का हिस्सा
पुलिस और परिजनों के अनुसार, आरोपी प्रदीप व सागर मौके पर ही रहकर भीड़ का हिस्सा बने रहे और इधर-उधर की बात करते हुए लोगों की बातों को भटकाते रहे। वे घटना पर अफसोस भी जताते रहे। वे दोनों पुलिस की जांच को निहारते रहे। जैसे ही शक की सूई प्रदीप पर गई तो उसने कल्लू को भी जांच में शामिल करने की बात कह डाली। बस फिर क्या था। पुलिस को समझते देर नहीं लगी। पुलिस ने दोनों को वहीं पर काबू कर लिया। हालांकि गांव के कुछ लोगों ने पहले उनका हाथ न होने की बात कही और इसका भी विरोध किया, लेकिन पुलिस ने ग्रामीणों के सामने ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
शव को घसीटते हुए ले गए झाड़ियों में
बताया जाता है कि दुराचार और हत्या करने के दोनों आरोपियों ने नग्न शव को घसीटते हुए वाल्मीकि मंदिर से होकर वाल्मीकि चौपाल के पीछे झाड़ियों में जमा गंदे पानी के गड्ढे में फेंक दिया। घसीटते हुए के निशान मौके पर थे और रास्ते में लड़की का शॉल भी पड़ा हुआ था। वहीं दोनों ने निशान मिटाने के लिए सुबह के वक्त मंदिर में झाडू भी लगा दी। जबकि, गांव में पिछले दिनों से मंदिर में झाडू नहीं लगाया गया था। कुछ लोगों का शक इस कारण भी गहराया। बच्ची की दुराचार के बाद हत्या का मामला सामने आने उरलाना कलां गांव में रविवार को मकर संक्रांति भी नहीं मनाई गई।
एसएचओ बोले, आपकी कसम खाता हूं, फांसी की सजा दिलवाऊंगा
रोती हुई महिलाएं बार-बार आरोपियों के बच निकलने पर चिंता जताती रही और बच्ची के शव को हाथ तक न लगाने की कहती रही। तभी मतलौडा थाना प्रभारी संदीप कुमार ने हाथ जोड़कर और एक बुजुर्ग महिला का हाथ अपने सिर पर रखवाकर विश्वास दिलाया कि ‘मैं आरोपियों को फांसी के फंदे तक लेकर जाऊंगा। यह मेरा परिवार है और बच्ची मेरी बेटी जैसी है। वे सब मुझ पर विश्वास रखें।
महिलाएं बोलीं, एसपी साहब घर-घर बिकती है शराब
आक्रोशित महिलाओं का गांव में बिकने वाली शराब के कारण गुस्सा भी एसपी के सामने फूटा। महिलाओं ने एसपी को कहा कि साहब गांव में घर-घर में शराब बिकती है। लोग खुद भी शराब निकालते हैं। गांव में पुलिस चौकी होने के बाद भी पुलिस इन पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं कर रही। लड़के टोलियों में सरेआम बैठकर शराब पीने के साथ दूरे नशे करते हैं। शाम को महिलाओं व लड़कियों का आना जाना तक मुश्किल हो जाता है। एसपी ने उनको उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिया।
मां की दूसरी शादी के वक्त बच्ची को नानी ने रखा था
नानी ने बताया कि उसने अपनी लड़की की शादी 14 साल पहले सोनीपत के गांव रिवाड़ा में की थी। पति-पत्नी में बच्ची के पैदा होने के कुछ दिनों बाद अनबन शुरू हो गई। उसके पति ने किसी औरत के साथ शादी कर ली। वे अपनी लड़की को अपने घर ले आए। उन्होंने बाद में उसकी शादी करनाल के गांव नीलोखेड़ी में कर दी। उन्होंने उसको दूसरी शादी के बाद वैवाहिक जीवन में किसी तरह का विघ्न न आने देने पर बच्ची को अपने पास रख लिया। उसकी लड़की के पास अब दो बच्चे हैं। उसके मामा ने बताया कि वह दिहाड़ी मजबूरी करता है और अपने दो बच्चों के साथ अपनी भांजी को भी उन्हीं की तरह रखता था। वह भी उसको पढ़ा लिखाकर कामयाब बनाना चाहता था। लेकिन हैवानों ने उसके व उसकी भांजी के सब सपनों को एक झटके में ही चूर कर दिया।
हाली के बाद पीएम मोदी ने बेटी बचाने का दिया था संदेश
पानीपत की धरती ऐतिहासिक रही है। यहां पर मशहूर शायर अल्ताफ हुसैन हाली बेटियों को बचाने के लिए आगे आए थे। उन्होंने बच्चियों की शिक्षा पर जोर दिया था और स्कूल की स्थापना की थी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी 2015 को पानीपत के सेक्टर-13/17 से राष्ट्र स्तर पर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान शुरू किया था। जिले में इसके बाद बेटियों को बचाने के लिए अल्ट्रासाउंड सेंटरों व गर्भपात करने वाले सेंटर पर कार्रवाई तेज कर दी थी। जिला प्रदेश में लिंगानुपात सुधार में प्रदेश में पहले नंबर पर है।
सितंबर 2017 में दुराचार के बाद की थी हत्या
मिली जानकारी के अनुसार, बलजीत नगर से 17 सितंबर 2017 को चार साल की एक बच्ची का अपहरण कर लिया था। थाना चांदनी बाग पुलिस ने बच्ची के अपहरण का मामला दर्ज कर लिया था। 22 सितंबर को आर्य नगर स्थित एक खंडहर मकान के कुएं में बच्ची का शव मिला था। पुलिस ने जांच के दौरान कौशांबी यूपी निवासी सुखराज उर्फ मन्नु को गिरफ्तार किया था। आरोपी ने पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में ही बच्ची की दुराचार के बाद हत्या करने की वारदात को कबूला था।
जिले का यह है लिंगानुपात
साल अनुपात
2011 822
2012 834
2013 851
2014 892
2015 892
2016 912
2017 912
नोट : आंकड़े स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिए गए हैं।
विज्ञापन
पानीपत/मतलौडा। ‘मैंने अपनी बेटी की पहली शादी टूटने के बाद दूसरी शादी में किसी तरह का विघ्न न होने से अपनी दयोती को अपने पास रखा था और पढ़ा लिखाकर कामयाब बनाना था। मोदी मैंने तो बच्ची को बचाया भी और उसको पढ़ाना भी चाहा, लेकिन समाज ने तो उसको न तो बचने दिया और न ही पढ़ने दिया। हैवानों ने उसकी दयोती के साथ गंदा काम कर हत्या कर दिया। यहीं नहीं उसकी मौत के बाद भी उसके शरीर को नहीं बख्शा। अब तो मुझे अपने पोते-पोतियों की भी चिंता सताने लगी है’। यह दर्द उरलाना कलां गांव में छठी कक्षा में पढ़ने वाली 12 वर्षीय बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या व फिर मरी हुई बच्ची के साथ दुराचार की सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद उसकी नानी ने कही। बच्ची की नानी अब आरोपियों और सरकार को कोस रही है। परिवार के लोगों ने भी उसको ढांढस बंधाई, लेकिन उसका सब्र किसी भी वक्त जवाब दे रहा है। नानी कह रही थी कि एक रिश्ते में नाना व दूसरा मामा लगता है। उसे नहीं पता था कि दोनों उसकी दयोती के साथ ऐसी हरकत करेंगे। उधर, इस घटना के बाद गांव में मकर संक्रांति भी नहीं मनाई गई।
जब देर रात तक नहीं लौटी तो बढ़ गई चिंता
नानी ने बताया कि उसकी दयोती शनिवार शाम को करीब छह बजे कूड़ा डालने गई थी। उसने करीब 15 मिनट बाद ही उसको तलाश करना शुरू कर दिया। उनको पहले तो लगा कि बच्ची किसी के साथ लोहड़ी मनाने चली गई होगी, लेकिन देर रात को भी वह वापस नहीं आई तो उनकी चिंता बढ़ गई। उन्होंने देर रात तक बच्ची की कई जगह तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। उनको रात करीब 11 बजे आरोपी प्रदीप अपने घर के बाहर खड़ा दिखाई दिया था। वे अंधेरा होने के चलते उसके चेहरे को नहीं पढ़ सके। उन्होंने उसकी टोह बंद होने के बाद देर रात को उसकी दयोती के शव को वाल्मीकि चौपाल व मंदिर के पास फेंक दिया। जबकि शाम के वक्त वे आसपास में बच्ची को उस जगह पर भी तलाश कर आए थे।
विज्ञापन
रात में दी शिकायत, पुलिस की नहीं दिखी सक्रियता
परिजनों ने बताया कि उन्होंने पहले तो बच्ची की अपने स्तर पर गांव व आसपास काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। वे देर रात को गांव के नजदीक ही स्थित पुलिस चौकी में पहुंचे। उन्होंने पुलिसकर्मियों को मामले की जानकारी दी। पुलिसकर्मियों ने उनकी शिकायत लेकर सुबह कार्रवाई करने की की। वे भी रात होने पर पुलिसकर्मियों की सलाह पर वापस आ गए। उन्होंने अल सुबह फिर से बच्ची की तलाश शुरू कर दी। उनको बच्ची नग्न अवस्था में चौपाल के पीछे गंदे पानी के गड्ढे में मिला। उसका आधा शरीर पानी व आधा बाहर था। शव पूरी से नग्न अवस्था में था। उरलाना कलां चौकी प्रभारी रामेश्वर दत्त ने बताया कि परिजनों ने रात को शिकायत तो दी थी, लेकिन उन्होंने खुद ही सुबह कार्रवाई करने की बात कही थी। उनको सुबह साढ़े आठ बजे बच्ची का शव मिलने की सूचना मिली थी। मैं तुरंत मौके पर पहुंच गया था और आला अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी थी।
विज्ञापन
लोगों ने डेढ़ घंटे तक नहीं उठाने दिया शव, गाड़ी भी रोकी
परिजनों और ग्रामीणों का बच्ची की दुराचार के बाद हत्या की वारदात से गुस्सा फूट गया। मौके पर पहुंचे उरलाना कलां चौकी प्रभारी रामेश्वर दत्त को शव नहीं उठाने दिया। थाना मतलौडा प्रभारी संदीप कुमार गांव में पहुंचे। ग्रामीणों ने उसकी भी नहीं सुनी। इसके बाद एसडी राहुल शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को पूरे मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। पुलिस अधिकारियों ने मौके से शव को उठाकर गाड़ी में रख लिया, लेकिन ग्रामीणों ने गाड़ी को रोक लिया। ग्रामीणों ने कहा कि आरोपियों के सामने लाने पर ही शव को आगे जाने देंगे।
दोनों आरोपी बने रहे भीड़ का हिस्सा
पुलिस और परिजनों के अनुसार, आरोपी प्रदीप व सागर मौके पर ही रहकर भीड़ का हिस्सा बने रहे और इधर-उधर की बात करते हुए लोगों की बातों को भटकाते रहे। वे घटना पर अफसोस भी जताते रहे। वे दोनों पुलिस की जांच को निहारते रहे। जैसे ही शक की सूई प्रदीप पर गई तो उसने कल्लू को भी जांच में शामिल करने की बात कह डाली। बस फिर क्या था। पुलिस को समझते देर नहीं लगी। पुलिस ने दोनों को वहीं पर काबू कर लिया। हालांकि गांव के कुछ लोगों ने पहले उनका हाथ न होने की बात कही और इसका भी विरोध किया, लेकिन पुलिस ने ग्रामीणों के सामने ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
शव को घसीटते हुए ले गए झाड़ियों में
बताया जाता है कि दुराचार और हत्या करने के दोनों आरोपियों ने नग्न शव को घसीटते हुए वाल्मीकि मंदिर से होकर वाल्मीकि चौपाल के पीछे झाड़ियों में जमा गंदे पानी के गड्ढे में फेंक दिया। घसीटते हुए के निशान मौके पर थे और रास्ते में लड़की का शॉल भी पड़ा हुआ था। वहीं दोनों ने निशान मिटाने के लिए सुबह के वक्त मंदिर में झाडू भी लगा दी। जबकि, गांव में पिछले दिनों से मंदिर में झाडू नहीं लगाया गया था। कुछ लोगों का शक इस कारण भी गहराया। बच्ची की दुराचार के बाद हत्या का मामला सामने आने उरलाना कलां गांव में रविवार को मकर संक्रांति भी नहीं मनाई गई।
एसएचओ बोले, आपकी कसम खाता हूं, फांसी की सजा दिलवाऊंगा
रोती हुई महिलाएं बार-बार आरोपियों के बच निकलने पर चिंता जताती रही और बच्ची के शव को हाथ तक न लगाने की कहती रही। तभी मतलौडा थाना प्रभारी संदीप कुमार ने हाथ जोड़कर और एक बुजुर्ग महिला का हाथ अपने सिर पर रखवाकर विश्वास दिलाया कि ‘मैं आरोपियों को फांसी के फंदे तक लेकर जाऊंगा। यह मेरा परिवार है और बच्ची मेरी बेटी जैसी है। वे सब मुझ पर विश्वास रखें।
महिलाएं बोलीं, एसपी साहब घर-घर बिकती है शराब
आक्रोशित महिलाओं का गांव में बिकने वाली शराब के कारण गुस्सा भी एसपी के सामने फूटा। महिलाओं ने एसपी को कहा कि साहब गांव में घर-घर में शराब बिकती है। लोग खुद भी शराब निकालते हैं। गांव में पुलिस चौकी होने के बाद भी पुलिस इन पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं कर रही। लड़के टोलियों में सरेआम बैठकर शराब पीने के साथ दूरे नशे करते हैं। शाम को महिलाओं व लड़कियों का आना जाना तक मुश्किल हो जाता है। एसपी ने उनको उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिया।
मां की दूसरी शादी के वक्त बच्ची को नानी ने रखा था
नानी ने बताया कि उसने अपनी लड़की की शादी 14 साल पहले सोनीपत के गांव रिवाड़ा में की थी। पति-पत्नी में बच्ची के पैदा होने के कुछ दिनों बाद अनबन शुरू हो गई। उसके पति ने किसी औरत के साथ शादी कर ली। वे अपनी लड़की को अपने घर ले आए। उन्होंने बाद में उसकी शादी करनाल के गांव नीलोखेड़ी में कर दी। उन्होंने उसको दूसरी शादी के बाद वैवाहिक जीवन में किसी तरह का विघ्न न आने देने पर बच्ची को अपने पास रख लिया। उसकी लड़की के पास अब दो बच्चे हैं। उसके मामा ने बताया कि वह दिहाड़ी मजबूरी करता है और अपने दो बच्चों के साथ अपनी भांजी को भी उन्हीं की तरह रखता था। वह भी उसको पढ़ा लिखाकर कामयाब बनाना चाहता था। लेकिन हैवानों ने उसके व उसकी भांजी के सब सपनों को एक झटके में ही चूर कर दिया।
हाली के बाद पीएम मोदी ने बेटी बचाने का दिया था संदेश
पानीपत की धरती ऐतिहासिक रही है। यहां पर मशहूर शायर अल्ताफ हुसैन हाली बेटियों को बचाने के लिए आगे आए थे। उन्होंने बच्चियों की शिक्षा पर जोर दिया था और स्कूल की स्थापना की थी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी 2015 को पानीपत के सेक्टर-13/17 से राष्ट्र स्तर पर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान शुरू किया था। जिले में इसके बाद बेटियों को बचाने के लिए अल्ट्रासाउंड सेंटरों व गर्भपात करने वाले सेंटर पर कार्रवाई तेज कर दी थी। जिला प्रदेश में लिंगानुपात सुधार में प्रदेश में पहले नंबर पर है।
सितंबर 2017 में दुराचार के बाद की थी हत्या
मिली जानकारी के अनुसार, बलजीत नगर से 17 सितंबर 2017 को चार साल की एक बच्ची का अपहरण कर लिया था। थाना चांदनी बाग पुलिस ने बच्ची के अपहरण का मामला दर्ज कर लिया था। 22 सितंबर को आर्य नगर स्थित एक खंडहर मकान के कुएं में बच्ची का शव मिला था। पुलिस ने जांच के दौरान कौशांबी यूपी निवासी सुखराज उर्फ मन्नु को गिरफ्तार किया था। आरोपी ने पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में ही बच्ची की दुराचार के बाद हत्या करने की वारदात को कबूला था।
जिले का यह है लिंगानुपात
साल अनुपात
2011 822
2012 834
2013 851
2014 892
2015 892
2016 912
2017 912
नोट : आंकड़े स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिए गए हैं।