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थैलेसीमिया से जूझ रही छह वर्षीय परीषा के इलाज को 60 लाख की जरूरत, एकजुट हुई संस्थाओं ने तीन दिन में आठ लाख किए इकट्ठा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jun 2022 02:00 AM IST
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60 lakhs is needed for the treatment of the girl child raised eight lakhs
पानीपत। थैलेसीमिया से जूझ रही छह वर्षीय परीषा को बचाने के लिए शहरवासी शिद्दत से जुटे हैं। इलाज के लिए डॉक्टर ने 60 लाख रुपये खर्च बताया है। परिवार के पास इतनी राशि न होने पर उन्होंने सोशल मीडिया का सहारा लिया। इसके बाद विभिन्न संस्थाएं एकजुट हुईं और मासूम के इलाज के लिए महज तीन दिन में आठ लाख रुपये इकट्ठा कर लिए। एक से एक लाख रुपये तक लोग परीषा के इलाज के लिए योगदान कर चुके हैं। जल्द ही दिल्ली के अपोलो अस्पताल में उसका बोनमैरो ट्रांसप्लांट होगा।
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सनौली रोड काशिगिरी मंदिर के पास कुलदीप कक्कड़ के मकान में किराए पर रह रहीं मां मीना और पिता लवकेश आरोड़ा ने बताया कि उनका बेटा तेजस (10) और बेटी परीषा (6) जन्म से ही थैलेसीमिया पीड़ित हैं। दोनों का दिल्ली के अपोलो अस्पताल से इलाज चल रहा है। परीषा को डॉक्टर ने बोनमैरो ट्रांसप्लांट के लिए कहा है। डॉक्टर के अनुसार इलाज में 60 लाख रुपये खर्च लगेंगे। खुद के प्रयास से महज 25 लाख रुपये ही इकट्ठा कर पाए। 10 लाख रुपये बैंक से लोन लिया बाकी के 35 लाख रुपये के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया और पानीपत स्थित संस्था मदद बैंक से सहायता मांगी। इसके बाद महज तीन दिन में आठ लाख रुपये एकत्र हो गए।
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किसी परिजन का नहीं मिला बोन मैरो, जर्मनी से बुलाया
मीना ने बताया कि पति लवकेश वीआई कंपनी में नौकरी करते हैं। उन्होंने बताया कि डॉक्टर के कहने के बाद परिवार के सभी सदस्यों ने अपना चेकअप कराया, लेकिन किसी के बोन मैरो का परीषा के बोन मैरो से मिलान नहीं हुआ। अब डॉक्टर ने जर्मनी से एक शख्स को बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए बुलाया है। सोमवार को सात लाख रुपये जमा कराने का मैसेज आ गया है।
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बच्चों और भगवान का गुल्लक तोड़ दिए 6500 रुपये
परीषा के इलाज में गांव नौल्था निवासी सीमा देवी और श्री रसिक बिहारी सेवा संकीर्तन मंडल के संस्थापक हरीश चुघ ने अपने-अपने गुल्लक तोड़ दिए। उन्होंने 6500 रुपये का सहयोग किया। सीमा ने बताया कि किसी की जान बचाने से अधिक नेक काम नहीं हो सकता। हरीश ने अपने बच्चों का गुल्लक तोड़कर राशि दी। उन्होंने कहा कि रुपये नहीं, जान कीमती है।
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