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रेड जोन में आए पानीपत के 59 गांव
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समालखा। पानीपत जिले के 59 गांवों को रेड जोन में रखा गया है। इन गांवों का भूजल स्तर 100 फुट से नीचे है। मतलौडा हलके का एक भी गांव रेड जोन में नहीं है। पानीपत ग्रामीण के 27 गांव, समालखा के 20 गांव, बपौली हलके के नौ गांव, सनौली खुर्द के दो और इसराना का एक गांव रेड जोन में शामिल है। इन गांवों में भूजल का स्तर 100 फुट से नीचे चला गया है।
जिन गांवों में भूजल स्तर 100 फुट से नीचे चला गया है, वहां के किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए फव्वारा सिंचाई विधि अपनानी होगा। गिरते भूमिगत जलस्तर से निपटने के लिए सरकार ने कदम उठाया है। इसी के अंतर्गत यूएचबीवीएन ने हलका स्तर पर भूजल स्तर के अनुसार अंडरग्राउंड पाइपलाइन और सूक्ष्म सिंचाई विधि की शर्त लगाई है। यह शर्त पूरी करने वाले किसानों को ही ट्यूबवेल कनेक्शन दिए जाएंगे। साथ ही सौ फुट से अधिक भूजल स्तर गिरने पर भूमिग्रत पाइपलाइप से पानी लेकर सिंचाई संभव हो सकेगी, तभी नया ट्यूबवेल कनेक्शन मिल सकेगा।
समालखा ब्लॉक :
जिस गांव में भूजल स्तर 100 फुट से नीचे चला गया है उसे रेड जोन में रखा गया है। समालखा के 20 गांव इसके अंतर्गत आते हैं। बिहौली गांव में भूजल स्तर 115 फीट से भी ज्यादा नीचे है। इसके बाद मच्छरौली, किवाना, मनाना, समालखा, चुलकाना, भोड़वाल माजरी, पावटी, पट्टीकल्याणा, भापरा, छदिया युसुफपुर, हलदाना, नामुंडा करहंस, जौरासी सर्फ खास, जौरासी खालसा, गढ़ी छाज्जू, ढोढपुर, महावटी और नारायणा शामिल हैं।
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पानीपत ग्रामीण :
27 गांवों में भूजल स्तर 100 फीट से नीचे जा चुका है। इसमें सिवाह में भूजल स्तर 175 फीट तक जा चुका है। इसके बाद रिसालु, दीवाना, गंजबार, सराय कोहंड, उग्राखेड़ी, मलिक उग्राखेड़ी, राजाखेड़ी, खेड़ी नंगल, कुटानी, निंबरी, झट्टीपुर, सिवाह खेड़ी, अलियासगरपुर, पहलादपुर, बरौली, पानीपत, शिमलामुलाना, बाबरपुर, खोतपुर, अजीजुलापुर, बिंजौट, चंदौली, फरीदपुर, निजामपुर, गढ़ सुरनई शामिल है।
बापौली :
इस ब्लॉक के नौ गांव रेड जोन में हैं। इनमें पसीनां कला गांव का वाटर लेवल 129 फीट को भी पार कर गया है। इसके अतिरिक्त उझा, पसीना खुर्द, नूरपुर, डाढोली, नूरपुर गुजरान, शिमला गुजरान, डाडोला और जालपार गांव शामिल हैं।
इसराना :
इस ब्लॉक का एक गांव महराणा ही रेड जोन में है। यहां पर वाटर लेवल 106 फीट तक पहुंच गया है।
सनौली खुर्द :
सनौली खुर्द के दो गांव रेड जोन में यूएचबीवीएन ने शामिल किए हैं। इनमें गांव छाजपुर खुर्द और मौहाली शामिल हैं।
वर्जन:
अगस्त 2022 का सर्कुलर यूएचबीवीएन ने जारी किया है। इसमें खेत के ट्यूबवेल का नया कनेक्शन लेने के लिए दी गईं शर्तें किसान को पूरी करनी होंगी। तभी ट्यूबवेल का नया कनेक्शन दिया जाएगा।
- रवि कुमार, एसडीओ
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जिन गांवों में भूजल स्तर 100 फुट से नीचे चला गया है, वहां के किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए फव्वारा सिंचाई विधि अपनानी होगा। गिरते भूमिगत जलस्तर से निपटने के लिए सरकार ने कदम उठाया है। इसी के अंतर्गत यूएचबीवीएन ने हलका स्तर पर भूजल स्तर के अनुसार अंडरग्राउंड पाइपलाइन और सूक्ष्म सिंचाई विधि की शर्त लगाई है। यह शर्त पूरी करने वाले किसानों को ही ट्यूबवेल कनेक्शन दिए जाएंगे। साथ ही सौ फुट से अधिक भूजल स्तर गिरने पर भूमिग्रत पाइपलाइप से पानी लेकर सिंचाई संभव हो सकेगी, तभी नया ट्यूबवेल कनेक्शन मिल सकेगा।
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समालखा ब्लॉक :
जिस गांव में भूजल स्तर 100 फुट से नीचे चला गया है उसे रेड जोन में रखा गया है। समालखा के 20 गांव इसके अंतर्गत आते हैं। बिहौली गांव में भूजल स्तर 115 फीट से भी ज्यादा नीचे है। इसके बाद मच्छरौली, किवाना, मनाना, समालखा, चुलकाना, भोड़वाल माजरी, पावटी, पट्टीकल्याणा, भापरा, छदिया युसुफपुर, हलदाना, नामुंडा करहंस, जौरासी सर्फ खास, जौरासी खालसा, गढ़ी छाज्जू, ढोढपुर, महावटी और नारायणा शामिल हैं।
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पानीपत ग्रामीण :
27 गांवों में भूजल स्तर 100 फीट से नीचे जा चुका है। इसमें सिवाह में भूजल स्तर 175 फीट तक जा चुका है। इसके बाद रिसालु, दीवाना, गंजबार, सराय कोहंड, उग्राखेड़ी, मलिक उग्राखेड़ी, राजाखेड़ी, खेड़ी नंगल, कुटानी, निंबरी, झट्टीपुर, सिवाह खेड़ी, अलियासगरपुर, पहलादपुर, बरौली, पानीपत, शिमलामुलाना, बाबरपुर, खोतपुर, अजीजुलापुर, बिंजौट, चंदौली, फरीदपुर, निजामपुर, गढ़ सुरनई शामिल है।
बापौली :
इस ब्लॉक के नौ गांव रेड जोन में हैं। इनमें पसीनां कला गांव का वाटर लेवल 129 फीट को भी पार कर गया है। इसके अतिरिक्त उझा, पसीना खुर्द, नूरपुर, डाढोली, नूरपुर गुजरान, शिमला गुजरान, डाडोला और जालपार गांव शामिल हैं।
इसराना :
इस ब्लॉक का एक गांव महराणा ही रेड जोन में है। यहां पर वाटर लेवल 106 फीट तक पहुंच गया है।
सनौली खुर्द :
सनौली खुर्द के दो गांव रेड जोन में यूएचबीवीएन ने शामिल किए हैं। इनमें गांव छाजपुर खुर्द और मौहाली शामिल हैं।
वर्जन:
अगस्त 2022 का सर्कुलर यूएचबीवीएन ने जारी किया है। इसमें खेत के ट्यूबवेल का नया कनेक्शन लेने के लिए दी गईं शर्तें किसान को पूरी करनी होंगी। तभी ट्यूबवेल का नया कनेक्शन दिया जाएगा।
- रवि कुमार, एसडीओ