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Panipat News: दुष्कर्म के 50 फीसदी मामले निकले झूठे, पुलिस ने किए खत्म
Thu, 06 Nov 2025 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Thu, 06 Nov 2025 01:11 AM IST
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पानीपत। पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज दुष्कर्म के 50 फीसदी मामले जांच में झूठे पाए गए हैं। जिले में नौ माह में दुष्कर्म के 84 मुकदमे दर्ज हुए थे। जांच के बाद पुलिस 42 मुकदमों को रद्द कर चुकी है, वहीं छेड़खानी के भी 30 प्रतिशत से अधिक मामले खत्म कर दिए हैं। आरटीआई के जवाब में यह खुलासा हुआ है।
महिलाओं के लिए काम करने वाली संस्था नारी तू नारायणी संस्था की अध्यक्ष सविता आर्य ने पुलिस विभाग से आरटीआई में महिला अपराध की स्थिति की रिपोर्ट मांगी थी। इसके जवाब में पुलिस ने रिपोर्ट भेजी है। पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक 1 जनवरी 2025 से 18 सितंबर 2025 तक जिले में अलग-अलग थानों में दुष्कर्म के 84 मुकदमे दर्ज किए गए थे। इनकी जांच हुई तो इनमें 42 मुकदमे जांच में झूठे मिले या फिर पीड़ितों ने आरोपियों के साथ समझौता कर लिया। इस कारण पुलिस ने 42 मुकदमों को रद्द कर दिया है। जिले में पॉक्सो एक्ट में नौ माह में 125 मुकदमे दर्ज हुए। तफ्तीश के बाद पुलिस ने 22 मुकदमे रद्द कर रिपोर्ट थाने में भेज दी। छेड़खानी के 40 मुकदमों में से 15 को खारिज कर दिया गया।
रंजिश निकालने के लिए भी दर्ज कराए मुकदमे
पुलिस की जांच में सामने आया है कि दुष्कर्म और छेड़खानी के मुकदमों को लोग रंजिश में हथियार के तौर पर प्रयोग कर रहे हैं। रद्द हुए ज्यादातर मामलों में मारपीट की रंजिश और पैसों के लेन-देन के विवाद में मुकदमे दर्ज किए गए थे। पुलिस ने तफ्तीश की तो सच्चाई सामने आई। इसके बाद मुकदमों को खत्म कर दिया।
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सबसे अधिक मामले पुराना औद्योगिक थाने में दर्ज
थाना दुष्कर्म के मुकदमे रद्द पॉक्सो रद्द, छेड़खानी रद्द
बापौली- 1 1 3 2 3 2
चांदनीबाग- 12 6 22 1 5 3
शहर थाना- 7 4 4 1 4 1
सेक्टर-29- 2 1 3 9 1 0
इसराना- 5 1 1 0 1 1
मॉडल टाउन- 8 2 12 3 0 0
मतलौडा- 0 0 8 1 6 3
पु. औद्योगिक- 8 4 17 7 8 2
किला थाना- 8 4 8 1 0 0
सदर- 3 2 8 0 0 0
समालखा 6 5 5 2 3 0
सनौली- 3 1 8 0 1 0
सेक्टर- 13-17- 6 2 6 0 2 1
तहसील कैंप- 6 5 11 2 2 1
महिला- 9 4 3 0 3 1
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-- -- -वर्जन
विवेचना में जो मुकदमे झूठे पाए जाते हैं उन्हें रद्द कर दिया जाता है। झूठा मुकदमा दर्ज करने के वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। कुछ मामलों में कार्रवाई की जा रही है।
-सतीश वत्स, डीएसपी मुख्यालय
महिलाओं के लिए काम करने वाली संस्था नारी तू नारायणी संस्था की अध्यक्ष सविता आर्य ने पुलिस विभाग से आरटीआई में महिला अपराध की स्थिति की रिपोर्ट मांगी थी। इसके जवाब में पुलिस ने रिपोर्ट भेजी है। पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक 1 जनवरी 2025 से 18 सितंबर 2025 तक जिले में अलग-अलग थानों में दुष्कर्म के 84 मुकदमे दर्ज किए गए थे। इनकी जांच हुई तो इनमें 42 मुकदमे जांच में झूठे मिले या फिर पीड़ितों ने आरोपियों के साथ समझौता कर लिया। इस कारण पुलिस ने 42 मुकदमों को रद्द कर दिया है। जिले में पॉक्सो एक्ट में नौ माह में 125 मुकदमे दर्ज हुए। तफ्तीश के बाद पुलिस ने 22 मुकदमे रद्द कर रिपोर्ट थाने में भेज दी। छेड़खानी के 40 मुकदमों में से 15 को खारिज कर दिया गया।
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रंजिश निकालने के लिए भी दर्ज कराए मुकदमे
पुलिस की जांच में सामने आया है कि दुष्कर्म और छेड़खानी के मुकदमों को लोग रंजिश में हथियार के तौर पर प्रयोग कर रहे हैं। रद्द हुए ज्यादातर मामलों में मारपीट की रंजिश और पैसों के लेन-देन के विवाद में मुकदमे दर्ज किए गए थे। पुलिस ने तफ्तीश की तो सच्चाई सामने आई। इसके बाद मुकदमों को खत्म कर दिया।
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सबसे अधिक मामले पुराना औद्योगिक थाने में दर्ज
थाना दुष्कर्म के मुकदमे रद्द पॉक्सो रद्द, छेड़खानी रद्द
बापौली- 1 1 3 2 3 2
चांदनीबाग- 12 6 22 1 5 3
शहर थाना- 7 4 4 1 4 1
सेक्टर-29- 2 1 3 9 1 0
इसराना- 5 1 1 0 1 1
मॉडल टाउन- 8 2 12 3 0 0
मतलौडा- 0 0 8 1 6 3
पु. औद्योगिक- 8 4 17 7 8 2
किला थाना- 8 4 8 1 0 0
सदर- 3 2 8 0 0 0
समालखा 6 5 5 2 3 0
सनौली- 3 1 8 0 1 0
सेक्टर- 13-17- 6 2 6 0 2 1
तहसील कैंप- 6 5 11 2 2 1
महिला- 9 4 3 0 3 1
विवेचना में जो मुकदमे झूठे पाए जाते हैं उन्हें रद्द कर दिया जाता है। झूठा मुकदमा दर्ज करने के वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। कुछ मामलों में कार्रवाई की जा रही है।
-सतीश वत्स, डीएसपी मुख्यालय